Dharavi Redevelopment: धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों में बढ़ते असमंजस और असुरक्षा की भावना के बीच मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि धारावी पुनर्विकास परियोजना केवल इमारतों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यहां के नागरिकों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन से जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए इस परियोजना के केंद्र में स्थानीय निवासियों, उनके रोजगार, उद्योग और सामाजिक व्यवस्था को रखा जाना अत्यंत आवश्यक है। इसी संदर्भ में उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने की मांग की है।
गायकवाड ने यह भी बताया कि परियोजना में बेस्ट डिपो, टाटा पावर, निसर्ग उद्यान और अन्य सरकारी जमीनों को शामिल किया गया है, साथ ही रेलवे भूमि पर रहने वाले कई लोगों का विस्थापन भी किया गया है। हालांकि, इन सभी पात्र निवासियों को धारावी में ही पुनर्वासित किया जाएगा या नहीं, इस बारे में सरकार की ओर से कोई स्पष्ट और लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है, जिससे लोगों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने मांग की कि सभी पात्र निवासियों को धारावी में ही पुनर्वास देने की स्पष्ट नीति घोषित की जाए और इसके लिए लिखित गारंटी दी जाए। साथ ही कोळीवाड़ा, कुंभारवाड़ा, स्थानीय बाजार, लघु उद्योग, धार्मिक स्थल, स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं के संरक्षण और पुनर्विकास के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाएं।
गायकवाड ने विशेष रूप से कुंभारवाड़ा के पारंपरिक मिट्टी के बर्तन उद्योग और कोळी समुदाय के अधिकारों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों का पुनर्विकास इस तरह किया जाए कि उनकी आजीविका प्रभावित न हो। उन्होंने कोळीवाड़ा की सीमाओं के निर्धारण और कानूनी मान्यता की भी मांग की।
शाहू नगर क्षेत्र में बीएमसी की 47 इमारतों में रहने वाले परिवारों को हाल ही में 7 दिनों के भीतर मकान खाली करने के नोटिस दिए जाने पर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिना वैकल्पिक पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था किए इस तरह की कार्रवाई से हजारों लोगों में भय और अस्थिरता का माहौल बन गया है। उन्होंने मांग की कि पहले सभी प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास सुनिश्चित किया जाए, उसके बाद ही किसी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में धारावी के विकास को सिंगापुर और हांगकांग मॉडल पर आधारित बताया जा रहा है, लेकिन पुनर्वास, रोजगार और स्थानीय उद्योगों के भविष्य को लेकर अभी तक स्पष्टता का अभाव है। अंत में, गायकवाड ने सरकार से अपील की कि धारावी पुनर्विकास के दौरान स्थानीय निवासियों के हितों, उनकी आजीविका और सांस्कृतिक पहचान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और इस विषय पर त्वरित निर्णय लेने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाए।

