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Shweta Tripathi: प्राइड मंथ में समलैंगिक नाटक ‘कॉक’ को फिर मंच पर ला रहीं श्वेता त्रिपाठी!

Shweta Tripathi
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Shweta Tripathi: अभिनेत्री एवं निर्माता श्वेता त्रिपाठी प्राइड मंथ के अवसर पर चर्चित नाटक कॉक को एक बार फिर मंच पर ला रही हैं। श्वेता त्रिपाठी का कहना है कि यह समय लोगों के लिए अपनी पहचान को खुलकर जीने और स्वीकार करने का है। श्वेता के प्रोडक्शन हाउस ऑल माय टी के बैनर तले प्रस्तुत यह नाटक पहचान, प्रेम, आकर्षण और रिश्तों की जटिलताओं जैसे विषयों को केंद्र में रखता है।

श्वेता का मानना है कि नाटक दर्शकों को सीधे जवाब देने के बजाय सवाल पूछने और सोचने के लिए प्रेरित करता है। प्राइड मंथ के दौरान नाटक के मंचन के महत्व पर बात करते हुए श्वेता ने कहा कि ‘कॉक’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दर्शकों को यह नहीं बताता कि उन्हें क्या सोचना चाहिए, बल्कि उन्हें पहचान, प्रेम, उलझन, संवेदनशीलता और आत्म-खोज जैसे विषयों पर विचार करने का अवसर देता है।उन्होंने कहा, “प्राइड मंथ के दौरान इस नाटक को प्रस्तुत करना मेरे लिए बेहद मायने रखता है।

प्राइड का अर्थ केवल पहचान की दृश्यता नहीं, बल्कि सम्मान, स्वीकार्यता, सहानुभूति और समझ भी है। यह लोगों को अपनी असली पहचान के साथ ईमानदारी से जीने का अवसर देता है।” श्वेता ने कहा कि थिएटर संवाद और विचार-विमर्श के लिए एक साझा मंच तैयार करता है, जहां लोग किसी मुद्दे को केवल खबरों या सोशल मीडिया के नजरिये से नहीं, बल्कि वास्तविक मानवीय अनुभवों और भावनाओं के माध्यम से समझते हैं।उन्होंने कहा कि वह कॉक को जवाब देने वाला नाटक नहीं, बल्कि संवाद की शुरुआत करने वाला मंच मानती हैं।

उनके अनुसार यह दर्शकों को अपनी धारणाओं पर पुनर्विचार करने और पहचान के प्रश्नों को अधिक संवेदनशीलता तथा जिज्ञासा के साथ देखने के लिए प्रेरित करता है। श्वेता ने कहा कि वह अपने प्रोडक्शन हाउस के माध्यम से ऐसी कहानियों का समर्थन करती रहेंगी जो संवाद, समझ और स्वीकार्यता को बढ़ावा दें। उनके अनुसार यदि कोई दर्शक नाटक देखने के बाद अधिक खुले विचारों वाला, संवेदनशील और दूसरों के अनुभवों को समझने के लिए तैयार होकर लौटता है, तो यही इस प्रस्तुति की सबसे बड़ी सफलता होगी।

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