Stock Market Crash: वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक टूटकर बंद हुए।
कारोबार की शुरुआत में मामूली कमजोरी के बाद बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कुछ समय के लिए हरे निशान में पहुंचा, लेकिन दोपहर बाद निवेशकों की बिकवाली तेज हो गई। दिन के अंत में सेंसेक्स 893.39 अंक यानी 1.16 प्रतिशत गिरकर 76,200.68 अंक पर बंद हुआ।
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 278.80 अंक या 1.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,824.10 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों सूचकांकों का 12 जून के बाद का सबसे निचला स्तर है।
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा महंगाई पर नियंत्रण के लिए सख्त नीतिगत कदम उठाए जाने की आशंकाओं ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। इसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला। खासकर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शेयरों में पूरे दिन दबाव बना रहा।
व्यापक बाजार में भी कमजोरी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.90 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.48 प्रतिशत नीचे बंद हुए। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर को छोड़कर अधिकांश सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। आईटी, धातु, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, रियल्टी, मीडिया, उपभोक्ता टिकाऊ उत्पाद तथा तेल एवं गैस क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली रही।
एनएसई में कारोबार करने वाली 3,399 कंपनियों में से 2,280 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 1,020 कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। 99 कंपनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में इंफोसिस के शेयर 3.36 प्रतिशत और टीसीएस के शेयर 3.16 प्रतिशत टूट गए। इसके अलावा बीईएल, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एसबीआई, टाइटन, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज सहित कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं पावरग्रिड का शेयर बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई सूचकांक 3.55 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 1.82 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.37 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी का रुख बना रहा।

