भारत-चीन के बीच संतुलन पर बोले न्यूजीलैंड के PM लक्सन, कहा- ‘जहां सहयोग संभव हो, वहां करें, मतभेदों को समझदारी से संभालें’

भारत-चीन संतुलन पर न्यूजीलैंड PM क्रिस्टोफर लक्सन का बड़ा बयान, खालिस्तान पर भी सख्त रुख

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पीएम मोदी के न्यूजीलैंड दौरे से पहले क्रिस्टोफर लक्सन का बड़ा बयान, खालिस्तान पर भी अपनाया सख्त रुख

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे से पहले वहां के प्रधानमंत्री Christopher Luxon (क्रिस्टोफर लक्सन) ने भारत, चीन और वैश्विक कूटनीति को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के साथ संबंधों का आधार व्यावहारिक सहयोग और स्पष्ट संवाद होना चाहिए। जहां सहयोग की संभावना हो, वहां साथ काम किया जाए और जहां मतभेद हों, उन्हें स्वीकार कर समझदारी से संभाला जाए।

न्यूज18 को दिए एक इंटरव्यू में लक्सन ने भारत और चीन के बीच संतुलन बनाने के सवाल पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंध किसी भी सामान्य रिश्ते की तरह होते हैं। उन्होंने कहा कि देशों को उन क्षेत्रों में सहयोग करना चाहिए जहां साझा हित हों, जबकि मतभेद वाले मुद्दों पर खुलकर बातचीत और समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।

अमेरिका का उदाहरण देकर समझाया संतुलन

लक्सन ने कहा कि न्यूजीलैंड के United States के साथ गहरे रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं, लेकिन टैरिफ जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद भी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यूजीलैंड उच्च आयात शुल्क (हाई टैरिफ) की नीति का समर्थक नहीं है और मुक्त व्यापार को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अधिक लाभकारी मानता है।

चीन के साथ रिश्तों पर क्या बोले?

China के साथ संबंधों पर लक्सन ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग जारी है, लेकिन इतिहास, राजनीतिक व्यवस्था और कई नीतिगत मुद्दों पर मतभेद भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इन मतभेदों को टकराव में बदलने के बजाय स्पष्टता, ईमानदारी और संवाद के जरिए संभालना ही सबसे बेहतर तरीका है।

उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड अपने समान विचारधारा वाले साझेदार देशों के साथ मिलकर हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों और मूल्यों को प्राथमिकता देगा।

पीएम मोदी के दौरे से पहले अहम संदेश

प्रधानमंत्री Narendra Modi तीन देशों की यात्रा पर रवाना हो चुके हैं, जिसमें न्यूजीलैंड भी शामिल है। इस यात्रा को भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई मजबूती देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लक्सन के बयान को दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक सहयोग के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

खालिस्तान पर अपनाया सख्त रुख

इंटरव्यू के दौरान लक्सन ने खालिस्तान समर्थक गतिविधियों पर भी स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि खालिस्तान से जुड़ी गतिविधियों ने भारत को काफी नुकसान पहुंचाया है और न्यूजीलैंड किसी भी प्रकार की धमकी, हिंसा या डराने-धमकाने वाली गतिविधियों को बिल्कुल स्वीकार नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने भारत और न्यूजीलैंड के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग और सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित न्यूजीलैंड यात्रा व्यापार, निवेश, शिक्षा, कृषि, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे सकती है। लक्सन का बयान यह संकेत देता है कि न्यूजीलैंड भारत को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देख रहा है।

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