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  • Best Debut Producer Award: पल्लवी गुर्जर ‘बेस्ट डेब्यू प्रोड्यूसर’ पुरस्कार से सम्मानित!

    Best Debut Producer Award: पल्लवी गुर्जर ‘बेस्ट डेब्यू प्रोड्यूसर’ पुरस्कार से सम्मानित!

    Best Debut Producer Award: सिने ड्रीम्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की ओर से आयोजित भव्य पुरस्कार समारोह में चर्चित फिल्म मैच फिक्सिंग की निर्माता पल्लवी गुर्जर को प्रतिष्ठित ‘बेस्ट डेब्यू प्रोड्यूसर’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। फिल्म मैच फिक्सिंग के माध्यम से फिल्म जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

    प्रभावशाली विषय, रोमांचक कथा और विचारोत्तेजक प्रस्तुति के कारण इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से व्यापक सराहना मिली है। यथार्थवादी चित्रण, सशक्त पटकथा और उत्कृष्ट अभिनय के चलते यह फिल्म समकालीन सिनेमा की एक महत्वपूर्ण कृति के रूप में स्थापित हुई है।

    पुरस्कार स्वीकार करते हुए पल्लवी गुर्जर ने कहा,
    सिने ड्रीम्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से ‘बेस्ट डेब्यू प्रोड्यूसर’ पुरस्कार प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत खुशी और गर्व का क्षण है। मैच फिक्सिंग बहुत मेहनत, समर्पण और जुनून के साथ बनाई गई है। यह सम्मान पूरी कलाकार और तकनीकी टीम का है, जिन्होंने अथक परिश्रम से इस कहानी को पर्दे पर उतारा। इस सम्मान के लिए मैं फेस्टिवल की जूरी तथा दर्शकों के प्रेम और समर्थन के लिए हृदय से आभारी हूँ।”

    उन्होंने आगे कहा कि मैच फिक्सिंग का सफर चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ अत्यंत संतोषजनक रहा। विभिन्न आयु वर्ग और पृष्ठभूमि के दर्शकों को प्रभावित करने वाली सार्थक फिल्म प्रस्तुत करना पूरी टीम का उद्देश्य था।

    सिने ड्रीम्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की ओर से कहा गया, “मैच फिक्सिंग की निर्माता पल्लवी गुर्जर को ‘बेस्ट डेब्यू प्रोड्यूसर’ पुरस्कार प्रदान करते हुए हमें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। फिल्म की प्रभावशाली कहानी, उच्च स्तरीय निर्माण और सार्थक प्रस्तुति ने हमारी जूरी पर विशेष प्रभाव डाला। हम पूरी टीम को बधाई देते हैं और भविष्य में उनसे और उत्कृष्ट कृतियों की अपेक्षा करते हैं।”

    सिने ड्रीम्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल विश्वभर के स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं और रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने वाला एक प्रतिष्ठित महोत्सव है। उत्कृष्ट फिल्मों के प्रदर्शन के साथ-साथ नई सोच, नई आवाज़ों और अभिनव कथन शैली को प्रोत्साहित करना इसका प्रमुख उद्देश्य है। यह सम्मान Match Fixing की सफलता की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय फिल्म जगत में फिल्म को मिल रही बढ़ती प्रतिष्ठा का एक और प्रमाण है।

  • Ranveer Singh creates history: रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, पोस्ट-कोविड दौर में 3700 करोड़ क्लब में पहुंचने वाले भारत के पहले सुपरस्टार बने!

    Ranveer Singh creates history: रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, पोस्ट-कोविड दौर में 3700 करोड़ क्लब में पहुंचने वाले भारत के पहले सुपरस्टार बने!

    Ranveer Singh creates history: बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह पोस्ट-कोविड दौर में मुख्य भूमिका निभाते हुए दुनिया भर में 3700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय पुरुष अभिनेता बन गए हैं। धुरंधर फ्रेंचाइज़ी की शानदार सफलता के साथ रणवीर ने न सिर्फ सिनेमाघरों में अपना दबदबा फिर से स्थापित किया है, बल्कि खुद को आज के भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में भी शामिल कर लिया है।

    पोस्ट-कोविड दौर में रणवीर की थिएटर यात्रा फिल्म 83 से शुरू हुई, जिसने दुनिया भर में 184.36 करोड़ रुपये की कमाई की। इस फिल्म को इसकी भावनात्मक कहानी और रणवीर के दमदार अभिनय के लिए काफी सराहा गया। इसके बाद वह जयेशभाई जोरदार में नजर आए, जिसने वैश्विक स्तर पर 24.1 करोड़ रुपये कमाए, जबकि सर्कस ने 39.6 करोड़ रुपये का कारोबार किया।

    हालांकि इन फिल्मों का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन मिला-जुला रहा, लेकिन रणवीर ने हमेशा अपने अलग किरदारों और दमदार अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींचा।इसके बाद रॉकी और रानी की प्रेम कहानी ने रणवीर के करियर को नई ऊंचाई दी। यह फिल्म बड़ी हिट साबित हुई और दुनिया भर में 348.89 करोड़ रुपये की कमाई की। इस फिल्म ने एक बार फिर दर्शकों को रणवीर के शानदार आकर्षण, बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और भावनात्मक अभिनय की याद दिलाई, जिससे साबित हुआ कि वह अपनी पीढ़ी के सबसे बहुमुखी कलाकारों में से एक हैं।

    इन छह फिल्मों के साथ रणवीर सिंह की कुल वैश्विक कमाई अब 3785.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इस उपलब्धि के साथ वह पोस्ट-कोविड दौर में मुख्य भूमिका निभाते हुए दुनिया भर में 3700 करोड़ रुपये पार करने वाले पहले भारतीय पुरुष सुपरस्टार बन गए हैं। इस दौरान उन्होंने कई बड़े सितारों को पीछे छोड़ दिया है, जिनमें शाहरुख खान शामिल हैं, जिनकी पोस्ट-कोविड कुल कमाई 2704.07 करोड़ रुपये है, जबकि प्रभास की कुल कमाई 2393.29 करोड़ रुपये रही है।

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    हालांकि असली बदलाव धुरंधर फ्रेंचाइज़ी से आया, जिसने रणवीर के बॉक्स ऑफिस सफर को पूरी तरह बदल दिया। इसका पहला भाग ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर साबित हुआ और दुनिया भर में 1354.84 करोड़ रुपये की कमाई कर हिंदी सिनेमा के नए रिकॉर्ड बनाए। इसके बाद धुरंधर 2 ने इस सफलता को और आगे बढ़ाया। यह फिल्म अभी भी सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन कर रही है और सिर्फ 55 दिनों में 1833.56 करोड़ रुपये का वैश्विक कारोबार कर चुकी है।

    यह उपलब्धि सिर्फ धुरंधर फिल्मों की सफलता नहीं दिखाती, बल्कि यह भी साबित करती है कि रणवीर सिंह लगातार खुद को नए रूप में पेश करने और हर पीढ़ी के दर्शकों से जुड़ने की क्षमता रखते हैं। उनके पास पहले से ही एक बड़ा प्रोजेक्ट मौजूद है और माना जा रहा है कि वह जल्द ही 4000 करोड़ क्लब में भी शामिल हो सकते हैं।आज के बेहद प्रतिस्पर्धी बॉक्स ऑफिस दौर में रणवीर सिंह अपने समकालीन कलाकारों और युवा सितारों से काफी आगे नजर आते हैं।

    जहां कई कलाकार लगातार सफलता पाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं रणवीर रिकॉर्ड तोड़ कमाई और इंडस्ट्री बदल देने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्में दे चुके हैं। धुरंधर फ्रेंचाइज़ी की बड़ी सफलता और 3700 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई के साथ उन्होंने खुद को बॉक्स ऑफिस का बादशाह साबित कर दिया है। साथ ही वह हिंदी सिनेमा में 1000 करोड़ नेट क्लब की शुरुआत करने वाले अभिनेता भी बन गए हैं।प्रेम

  • Kubbra Sait: सलमान खान की सलाह से लेकर अनीस बज्मी की मंजूरी तक: कुब्रा सैत ने फिल्म ‘रेडी’ से की बड़ी शुरुआत!

    Kubbra Sait: सलमान खान की सलाह से लेकर अनीस बज्मी की मंजूरी तक: कुब्रा सैत ने फिल्म ‘रेडी’ से की बड़ी शुरुआत!

    Kubbra Sait: अभिनेत्री कुब्रा सैत आज भले ही ‘सैक्रेड गेम्स’ में अपने यादगार किरदार ‘कुकू’ के लिए जानी जाती हों, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब वह मुंबई में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं। हाल ही में एक वीडियो में कुब्रा सैत ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्हें किस तरह फ़िल्म ‘रेडी’ में अपना पहला मौका मिला। इस फिल्म का निर्देशन अनीस बज़्मी ने किया था और इसमें मुख्य भूमिका में थे सलमान खान।

    कुब्रा ने बताया कि उन्होंने इस रोल के लिए एक छोटी ब्लैक ड्रेस पहनकर ऑडिशन दिया था और बेसब्री से अनीस बज्मी के ऑफिस में उनके अप्रूवल का इंतजार कर रही थीं। शुरुआत में फिल्म में उनके किरदार के लिए कोई डायलॉग नहीं था और उन्हें एक मेड का रोल दिया गया था। लेकिन बाद में सलमान खान ने सुझाव दिया कि उनके किरदार को थोड़ा मजेदार बनाया जाए और वह टूटी-फूटी अंग्रेज़ी बोले।

    अनीस बज्मी को सलमान खान यह आइडिया काफी पसंद आया और इसी वजह से कुब्रा के किरदार में डायलॉग्स जोड़े गए। यही छोटा-सा बदलाव उनके लिए स्क्रीन पर यादगार पल बन गया। अपने अनुभव को साझा करते हुए कुब्रा ने कहा,“यह वही ऑडिशन था जिसमें मैंने एक छोटी ब्लैक ड्रेस पहनी थी और अनीस बज्मी सर के अप्रूवल का इंतजार कर रही थी। मैं फिल्म ‘रेडी’ में एक मेड का किरदार निभाने वाली थी और इसे लेकर बहुत उत्साहित थी। इस फिल्म को करते समय मेरे अंदर गज़ब का आत्मविश्वास था, क्योंकि मैंने इससे पहले कभी कोई फिल्म नहीं की थी।

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    शुरुआत में मेरे किरदार के कोई डायलॉग भी नहीं थे। लेकिन फिर सलमान खान ने कहा कि क्यों न इस मेड को टूटी-फूटी अंग्रेज़ी बोलने वाला बनाया जाए। अनीस सर को यह आइडिया पसंद आया और इस तरह मुझे फिल्म में डायलॉग मिले।” कुब्रा ने बताया, “हालांकि उस दौरान हर किसी ने मुझसे कहा कि मैं पागल हूं, अधीर हूं, जो ‘रेडी’ में सुनैना कपूर का इतना छोटा रोल कर रही हूं। लेकिन अगर मैंने ‘रेडी’ नहीं की होती, यदि मैं इतनी ‘पागल’ नहीं होती, तो शायद मैं कभी ‘कुकू’ नहीं बन पाती। कभी मत कहो कि कोई रोल छोटा है। छोटे रोल नहीं होते, छोटे कलाकार होते हैं।”

    कुब्रा ने बताया कि उनके आसपास कई लोगों को लगता था कि इतनी बड़ी कमर्शियल फिल्म में छोटा किरदार स्वीकार करना सही फैसला नहीं है। लेकिन अभिनेत्री का मानना है कि यही फिल्म उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। उनके अनुसार, अगर उन्होंने उस समय यह मौका नहीं लिया होता, तो शायद उन्हें आगे चलकर ‘कुकू’ जैसा आइकॉनिक किरदार निभाने का अवसर भी नहीं मिलता। अपनी कहानी के अंत में कुब्रा ने उभरते कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी भूमिका को छोटा नहीं समझना चाहिए। एक दशक बाद भी वह ‘रेडी’ को अपने अभिनय सफर का सबसे अहम पड़ाव मानती हैं।