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  • Ladakh Infrastructure Projects: लद्दाख में तीन अहम विद्युत अवसंरचना परियोजनाएं सितंबर तक पूरे हो जायेंगी!

    Ladakh Infrastructure Projects: लद्दाख में तीन अहम विद्युत अवसंरचना परियोजनाएं सितंबर तक पूरे हो जायेंगी!

    Ladakh Infrastructure Projects: केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख के जंस्कार, नुब्रा और सियाचिन आधार शिविर जैसे दूर-दराज़ इलाकों को जोड़ने वाली तीन अहम विद्युत अवसंरचना परियोजनाएं इस साल सितंबर तक पूरी हो जाएगी। लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के एक प्रवक्ता ने बताया कि हाल ही में एक समीक्षा बैठक में आरइसी लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक और भारत सरकार के बिजली मंत्रालय के संयुक्त सचिव (ट्रांसमिशन) ने उप-राज्यपाल वी.के. सक्सेना को इन परियोजनाओं की स्थिति के बारे में जानकारी दी।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी) के तहत लागू की रही ये अहम परियोजनाएं ज़ंस्कार और नुब्रा से लेकर सियाचिन आधार शिविर तक बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। इससे बिजली के लिए डीज़ल जनरेटर पर निर्भरता कम होगी और प्रधानमंत्री के कार्बन-न्यूट्रल लद्दाख के विज़न को पूरा करने में मदद मिलेगी। इस उपलब्धि के साथ, लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के सात में से छह ज़िले (चांगथांग को छोड़कर) पावर ग्रिड से जुड़ जायेंगे।

    उपराज्यपाल को बताया गया कि नुब्रा, चांगथांग और ज़ंस्कार समेत कई रणनीतिक रूप से अहम इलाके अभी राष्ट्रीय पावर ग्रिड से नहीं जुड़े हैं और बिजली के लिए सीमित स्थानीय स्रोतों पर निर्भर हैं, जिसके कारण बिजली आपूर्ति सीमित और रुक-रुक कर होती है। इन परियोजनाओं से लद्दाख के दूर-दराज़ इलाकों में बिजली ढांचे का काफ़ी विस्तार होगा।

    उपराज्यपाल ने लद्दाख के हर हिस्से, खासकर दूर-दराज़ और सीमावर्ती इलाकों में बिना रुकावट और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में द्रास से पदुम तक 189 किलोमीटर लंबी 220 केवी पारेषण लाइन और फ्यांग से स्किट तक 79 किलोमीटर लंबी 220 केवी पारेषण लाइन का निर्माण शामिल है।

    इन दोनों परियोजनाओं को सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इनकी मंज़ूर की गई लागत 1,925 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं के तहत सियाचिन और पदुम जैसे दूर-दराज़ और रणनीतिक रूप से अहम इलाकों में चौबीसों घंटे बिजली मिलेगी, जिससे रणनीतिक सीमावर्ती इलाकों में बिजली सुविधा सुनिश्चित होगी।

    उन्होंने बताया कि ज़ंस्कार में चार सब-स्टेशन बनाए जाएंगे ताकि घाटी के सभी हिस्सों तक बिजली पहुँच सके। इसी तरह, सियाचिन आधार शिविर में दो सब-स्टेशन बनाए जाएंगे। चांगथांग में, 66 केवी पारेषण नेटवर्क के तहत आठ सब-स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है इनमें दुर्बुक, फोब्रंग, चुशुल, मुध-न्योमा, कोरज़ोक, हानले, कोयुल और चुमाथांग शामिल हैं। इनसे ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बिजली की उपलब्धता में काफी सुधार होगा।

    उन्होंने कहा “भरोसेमंद और बिना रुकावट वाली बिजली सिर्फ़ बुनियादी ढांचे की ज़रूरत नहीं है; यह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोज़गार, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों के लिए भी बहुत ज़रूरी है। साथ ही, ये दूर-दराज़ के इलाकों में पर्यटन, उद्यमिता और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।

    सक्सेना ने कहा “नुब्रा और ज़ंस्कार जैसे इलाकों को पहली बार ग्रिड से जोड़ना लद्दाख के विकास के सफ़र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। ये परियोजना रणनीतिक और विकास के नज़रिए से बहुत अहम हैं। इनसे लद्दाख के हर घर और हर गांव को चौबीसों घंटे बिजली और उससे जुड़े अवसरों का फ़ायदा मिलेगा।”

    उन्होंने कहा कि सभी लागू करने वाली एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे आपस में अच्छा तालमेल रखें और परियोजनाओं को समय पर पूरा करें, ताकि लद्दाख के लोगों, खासकर दूर-दराज़ और सीमावर्ती इलाकों में रहने वालों को जल्द से जल्द भरोसेमंद और चौबीसों घंटे बिजली मिल सके।

  • India-US Trade Deal Protest: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, 15 अगस्त से पदयात्रा की चेतावनी!

    India-US Trade Deal Protest: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, 15 अगस्त से पदयात्रा की चेतावनी!

    India-US Trade Deal Protest: प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने झंडे और बैनर लेकर समझौते के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार से कृषि क्षेत्र के हितों की रक्षा करने की मांग की।

    किसान संगठनों का आरोप है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता देश के कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उनका कहना है कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर इन दिनों भारत दौरे पर हैं और व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत कर रहे हैं, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

    किसान नेताओं ने बताया कि फरवरी में हुए व्यापारिक फ्रेमवर्क समझौते के आधार पर प्रारंभिक दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि इस प्रस्ताव में अमेरिका से आयातित कृषि एवं खाद्य उत्पादों पर शुल्क कम करने या समाप्त करने की संभावना शामिल है। किसानों का मानना है कि यदि अमेरिकी उत्पाद कम शुल्क पर भारतीय बाजार में पहुंचते हैं, तो उनकी कम कीमत के कारण घरेलू उत्पादकों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा।

    प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को इस व्यापार समझौते से बाहर नहीं रखती है, तो किसान देशव्यापी आंदोलन छेड़ेंगे। उन्होंने घोषणा की कि 15 अगस्त से दातासिंहवाला-खनौरी मोर्चे से पदयात्रा शुरू होगी, जो 25 अगस्त को जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाली विशाल किसान रैली के साथ समाप्त होगी।

    डल्लेवाल ने बताया कि आंदोलन की आगे की रणनीति तय करने के लिए 20 जुलाई को मध्य प्रदेश में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की राष्ट्रीय बैठक बुलाई गई है। प्रदर्शन में सतनाम सिंह बेहरू, पी.आर. पांडियन, जितेंद्र शर्मा, राजेंद्र सिंह खालसा, हर्षदीप गिल, रामपाल शर्मा और बलदेव सिंह सिरसा सहित कई राज्यों के किसान नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अभिमन्यु कोहाड़ ने किया। किसान नेताओं ने दोहराया कि वे कृषि क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और ऐसे किसी भी व्यापारिक समझौते का विरोध करेंगे, जिससे भारतीय किसानों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो।

  • Padma Awards Ceremony 2026: शिबू सोरेन, रोहित शर्मा और अलका याज्ञनिक सहित 66 विभूतियों को मिला पद्म सम्मान

    Padma Awards Ceremony 2026: शिबू सोरेन, रोहित शर्मा और अलका याज्ञनिक सहित 66 विभूतियों को मिला पद्म सम्मान

    Padma Awards Ceremony 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-2 के दौरान न्यायमूर्ति के.टी. थॉमस (सेवानिवृत्त), झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन (मरणोपरांत), प्रसिद्ध गायिका अलका याज्ञनिक, क्रिकेटर रोहित शर्मा सहित 66 विशिष्ट हस्तियों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कारों से सम्मानित किया।

    समारोह में कुल दो व्यक्तियों को पद्म विभूषण, सात को पद्म भूषण और 57 हस्तियों को पद्मश्री प्रदान किया गया। पी. नारायण और न्यायमूर्ति के.टी. थॉमस को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया, जबकि डॉ. विजय अमृतराज, एस.के.एम. मयिलानंदन, अभिनेता ममूटी, वेल्लापल्ली नटेशन, डॉ. दत्तात्रेयडु नोरी, शिबू सोरेन (मरणोपरांत) और अलका याज्ञनिक को पद्म भूषण प्रदान किया गया।

    इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। गौरतलब है कि इससे पहले 25 मई को आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह के प्रथम चरण में राष्ट्रपति मुर्मु ने 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए थे, जिनमें दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 57 पद्मश्री शामिल थे।

    पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। ये सम्मान पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री की तीन श्रेणियों में कला, साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, खेल, समाज सेवा, उद्योग, लोक सेवा और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किए जाते हैं। इन पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है।

  • Inalsa New Launch: इनाल्सा ने नया स्टीलशेफ DW5.5 एयर फ्रायर लॉन्च किया!

    Inalsa New Launch: इनाल्सा ने नया स्टीलशेफ DW5.5 एयर फ्रायर लॉन्च किया!

    Inalsa New Launch: भारत के प्रमुख होम अप्लायंसेज ब्रांड्स में से एक इनाल्सा ने अपने नए स्टीलशेफ DW5.5 एयर फ्रायर के लॉन्च की घोषणा की है। इस प्रोडक्ट की एमआरपी 13,999 रुपये है, जबकि इसे फिलहाल विशेष लॉन्च ऑफर के तहत अमेज़न पर 5,999 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को करीब 60 प्रतिशत तक की बचत हो रही है।

    बदलती उपभोक्ता जरूरतों के बीच, जहां लोग अब रोजमर्रा के खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाले मटीरियल को लेकर अधिक जागरूक हो रहे हैं, वहीं स्टेनलेस स्टील भारतीय किचनों में एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरकर सामने आया है। इसकी टिकाऊपन और सुरक्षित उपयोग के कारण अब उपभोक्ता ऐसे किचन अप्लायंसेज को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनमें स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल किया गया हो।

    न्यूट्रि फ्राई डुओस्लिम की सफलता के बाद, इनाल्सा ने अपने एयर फ्रायर पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए स्टीलशेफ DW5.5 को बाजार में उतारा है। यह 5.5 लीटर क्षमता के साथ आता है, जो एक सामान्य परिवार के लिए उपयुक्त है। 1600 वॉट के पावरफुल हीटिंग सिस्टम के साथ इसमें फ्राइंग, बेकिंग, ग्रिलिंग और रोस्टिंग समेत 8 कुकिंग फंक्शन दिए गए हैं, जिनकी मदद से कम तेल में स्वादिष्ट और हेल्दी भोजन तैयार किया जा सकता है।

    बेहतर कुकिंग कंट्रोल के लिए इसमें 80°C से 200°C तक तापमान सेटिंग और 60 मिनट का टाइमर दिया गया है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसके कुकिंग पैन और सभी संपर्क सतहों में SS304 फूड-ग्रेड स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल किया गया है, जो लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ रहता है।

    इनाल्सा का कहना है कि पारंपरिक कोटिंग वाले अप्लायंसेज की तुलना में SS304 स्टेनलेस स्टील अधिक विश्वसनीय है और लंबे समय तक उपयोग के बाद भी अपनी गुणवत्ता बनाए रखता है, जिससे यह रोजाना खाना पकाने के लिए एक बेहतर विकल्प बनता है।

    इस मौके पर इनाल्सा के सीईओ जितेंद्र चौहान ने कहा, “डुओस्लिम एयर फ्रायर को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि उपभोक्ता अब हेल्दी लाइफस्टाइल और बेहतर कुकिंग सॉल्यूशंस को प्राथमिकता दे रहे हैं। स्टीलशेफ DW5.5 के जरिए हमने आधुनिक तकनीक और भरोसेमंद मटीरियल का संयोजन पेश किया है, जो रोजमर्रा के उपयोग के लिए उपयुक्त है।”

    उपयोग को आसान बनाने के लिए इसमें क्लियर कुक व्यूइंग विंडो दी गई है, जिससे बिना बास्केट खोले ही खाना पकने की प्रक्रिया देखी जा सकती है। साथ ही, इंटेलिजेंट टच कंट्रोल पैनल सभी सेटिंग्स को आसानी से संचालित करने की सुविधा देता है।

    स्टीलशेफ DW5.5 के साथ इनाल्सा ने हेल्दी कुकिंग, टिकाऊ मटीरियल और आधुनिक तकनीक को एक ही प्रोडक्ट में समाहित किया है, जो यह दर्शाता है कि खाना कैसे पकता है, इसके साथ यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि वह किन सतहों के संपर्क में आता है।

  • Anti-Dumping Duty: सरकार ने चीन से आयातित पीईटी रेजिन, सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर लगाया डंपिंग रोधी शुल्क!

    Anti-Dumping Duty: सरकार ने चीन से आयातित पीईटी रेजिन, सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर लगाया डंपिंग रोधी शुल्क!

    Anti-Dumping Duty: सरकार ने चीन से आयातित या वहां बने पीईटी रेजिन और सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात इस संबंध में दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं। पॉलीइथाईलीन टेरेफ्थालेट (पीईटी) रेजिन का उपयोग प्लास्टिक उद्योग में किया जाता है।

    सरकार ने पाया कि इसे अनुचित तरीके से भारतीय बाजार में बेहद कम कीमत पर बेचा जा रहा है, जिससे घरेलू उद्योग को नुकसान हो रहा है। इसे देखते हुए मूलतः चीन में उत्पादित या चीन से आयातित पीईटी रेजिन पर 200.66 डॉलर प्रति टन का डंपिंग रोधी शुल्क लगाया गया है।

    इसके अलावा चीन समेत कई देशों से आयातित और रबड़ उद्योग में इस्तेमाल होने वाले सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर भी डंपिंग रोधी शुल्क लगाया गया है। मूलतः चीन में उत्पादित या चीन से आयातित सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर 974 डॉलर प्रति टन डंपिंग रोधी शुल्क लगाया गया है।

    इसके साथ ही यूरोपीय संघ और अमेरिका में उत्पादित या वहां से आयातित होने वाले सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर भी 1,748 डॉलर प्रति टन तक डंपिंग रोधी शुल्क लगाये गये हैं।

    इन मामलों में उत्पादन करने वाले देश और निर्यात करने वाले देश तथा उत्पादक कंपनी पर संयोजन के अनुसार अलग-अगल शुल्क लगाने की घोषणा की गयी है। दोनों उत्पादों पर ये शुल्क पांच-पांच साल की अवधि के लिए लगाये गये हैं और तत्काल प्रभाव से लागू हो गये हैं।

  • Padma Awards 2026: राष्ट्रपति मुर्मु मंगलवार को 65 हस्तियों को देंगी पद्म पुरस्कार

    Padma Awards 2026: राष्ट्रपति मुर्मु मंगलवार को 65 हस्तियों को देंगी पद्म पुरस्कार

    Padma Awards 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-द्वितीय में वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। इस समारोह में देश की 65 विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा।

    समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के कई सदस्य और अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहेंगे।

    द्वितीय नागरिक अलंकरण समारोह में दो हस्तियों को पद्म विभूषण, सात को पद्म भूषण और 56 व्यक्तियों को पद्म श्री सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। इससे पहले 25 मई को आयोजित प्रथम नागरिक अलंकरण समारोह में भी राष्ट्रपति मुर्मु ने 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए थे, जिनमें दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 57 पद्म श्री शामिल थे।

    पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं और इन्हें तीन श्रेणियों—पद्म विभूषण, पद्म भूषण तथा पद्म श्री—में प्रदान किया जाता है। ये सम्मान कला, साहित्य एवं शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, समाज सेवा, व्यापार एवं उद्योग, खेल, लोक सेवा और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को दिए जाते हैं।

    पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए, पद्म भूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए तथा पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है।

  • Viksit Bharat Rozgar Yojana: प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की

    Viksit Bharat Rozgar Yojana: प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की

    Viksit Bharat Rozgar Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को सशक्त बनाने और देशभर में रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

    योजना से जुड़े लाभार्थियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को उनकी प्रतिभा, कौशल और क्षमता के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।

    उन्होंने कहा कि यह योजना रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत अब तक देशभर में लगभग 15 लाख रोजगार अवसरों के सृजन में मदद मिली है।

    फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा से लौटने के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के लिए वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार प्रत्येक युवा को अपनी क्षमता को सफलता में बदलने का अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने की पहल नहीं है, बल्कि यह युवाओं की पहली नौकरी से जुड़ी आकांक्षाओं को मजबूती देने और उद्योग जगत तथा कार्यबल के बीच एक प्रभावी सेतु बनाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह योजना कर्मचारियों और नियोक्ताओं, दोनों को समान रूप से प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान करती है।

  • Uttarakhand Litchi Export Italy: एपीडा की मदद से उत्तराखंड की ताज़ा लीची की पहली खेप इटली रवाना

    Uttarakhand Litchi Export Italy: एपीडा की मदद से उत्तराखंड की ताज़ा लीची की पहली खेप इटली रवाना

    Uttarakhand Litchi Export Italy: कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने उत्तराखंड की ताज़ा लीची की पहली खेप के इटली निर्यात में सहयोग किया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

    मंत्रालय के अनुसार, 18 जून को देहरादून से एक टन प्रीमियम गुणवत्ता वाली लीची की पहली खेप इटली भेजी गई। यह उपलब्धि यूरोपीय बाजार में उत्तराखंड की उच्च गुणवत्ता वाली लीची की एंट्री का प्रतीक मानी जा रही है और भारतीय ताज़े फलों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को भी दर्शाती है।

    सरकार का मानना है कि इस निर्यात से उत्तराखंड के बागवानी क्षेत्र की संभावनाओं को नई पहचान मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय ताज़े फलों के बाजार में भारत की उपस्थिति और मजबूत होगी। साथ ही हिमालयी क्षेत्र के प्रीमियम कृषि उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा।

    यह निर्यात एपीडा, उत्तराखंड सरकार, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), लॉजिस्टिक्स कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों के आपसी समन्वय से संभव हो पाया है। यह पहल दर्शाती है कि भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में पूरी वैल्यू चेन के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

    मंत्रालय ने कहा कि एपीडा बाजार विस्तार, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, बुनियादी ढांचे के विकास और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से देश के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को अधिक मूल्य वाले अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच उपलब्ध कराना है।

  • Dowry Harassment Case: दहेज में कार न मिलने पर विवाहिता को किया प्रताड़ित, पति समेत चार पर केस

    Dowry Harassment Case: दहेज में कार न मिलने पर विवाहिता को किया प्रताड़ित, पति समेत चार पर केस

    Dowry Harassment Case: भिवंडी के कोनगांव क्षेत्र में दहेज में चार पहिया वाहन न दिए जाने से नाराज ससुराल वालों द्वारा विवाहिता को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने का मामला सामने आया है।महिला की शिकायत पर शांतीनगर पुलिस ने पति, सास और दो ननदों सहित चार लोगों दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार रामनगर स्थित चाविंद्रा रोड क्षेत्र की रहने वाली 23 वर्षीय विवाहिता ने शिकायत दर्ज कराई है कि विवाह के बाद से उसके ससुराल पक्ष के लोग लगातार उसे मायके से चार पहिया वाहन खरीदने के लिए पैसे लाने का दबाव बना रहे थे।

    कोनगांव स्थित सिद्धि विनायक अपार्टमेंट में रहते वाले उसके पति राजकुमार लालताप्रसाद गुप्ता, सास कलावती गुप्ता, ननद प्रियंका और शीतल ने आपस में मिलकर 15 जुलाई 2021 से लेकर अब तक उसे बार-बार ताने दिए, गाली-गलौज की और मारपीट कर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।

    पीड़िता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसे ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया जिसके बाद वह शांतीनगर पुलिस स्टेशन पहुंची और चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 85, 115(2), 352, 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।

    मामले की जांच महिला पुलिस अधिकारी मनाली फर्डे कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • Plastic Currency Notes: प्लास्टिक के नोटों पर विचार जारी, आरबीआई ने कहा- अभी शुरुआती चरण में है प्रस्ताव

    Plastic Currency Notes: प्लास्टिक के नोटों पर विचार जारी, आरबीआई ने कहा- अभी शुरुआती चरण में है प्रस्ताव

    Plastic Currency Notes: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर Sanjay Malhotra ने कहा है कि देश में पॉलीमर यानी प्लास्टिक के करेंसी नोट शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा जरूर हुई है, लेकिन यह अभी प्रारंभिक स्तर पर है। मौद्रिक नीति समिति की द्वैमासिक बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

    आरबीआई गवर्नर ने बताया कि पॉलीमर नोटों के फायदे और चुनौतियों का अध्ययन किया जा रहा है। इन नोटों की विशेषता यह है कि ये पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं और जल्दी खराब नहीं होते। साथ ही लंबे समय में इनके रखरखाव और प्रतिस्थापन की लागत भी कम हो सकती है। हालांकि, इस दिशा में आगे बढ़ने से पहले सभी पहलुओं का गहन मूल्यांकन किया जाएगा।

    गौरतलब है कि पॉलीमर नोट विशेष प्रकार के प्लास्टिक से बनाए जाते हैं और इनमें कपास-आधारित कागज का उपयोग नहीं होता। दुनिया के कई देशों, जैसे Canada, United Kingdom और Singapore में ऐसे नोट पहले से प्रचलन में हैं। आरबीआई का कहना है कि भारत में भी इस विकल्प पर विचार किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में ही है।