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  • Sweater Film Review: सपनों, पक्के इरादे और उम्मीद की कहानी है मोहित एम राय और ऐश्याना राय की फिल्म ‘स्वेटर’!

    Sweater Film Review: सपनों, पक्के इरादे और उम्मीद की कहानी है मोहित एम राय और ऐश्याना राय की फिल्म ‘स्वेटर’!

    Sweater Film Review: मोहित एम राय और ऐश्याना राय की फिल्म ‘स्वेटर’ (Sweater) सपनों, पक्के इरादे और उम्मीद की दिल को छू लेने वाली कहानी है। कृतार्थ प्रोडक्शन के बैनर तले बनी और मोहित एम राय द्वारा निर्देशित फिल्म ‘स्वेटर’ का लेखन मोहित एम राय और ऐश्याना राय ने किया है। यह फिल्म मोहित एम राय और ऐश्याना राय द्वारा निर्मित है।

    स्वेटर एक पक्के इरादे वाली लड़की के इंस्पायरिंग सफ़र को दर्शाती है जो अपनी सिंगल मदर के साथ एक पहाड़ी गाँव में रहती है। पैसे की तंगी से परेशान, वह बड़ी होकर हिम्मत, त्याग और उम्मीद की कीमत सिखाती है। वह लोकल मार्केट में रखे एक स्वेटर को देखकर मोहित हो जाती है और उसे अपना बनाने का सपना देखती है।

    पहाड़ों के शांत बैकग्राउंड पर बनी यह फ़िल्म गाँव की ज़िंदगी की मुश्किलों, माँ-बेटी के रिश्ते की भावनाओं और एक बच्चे के पक्के इरादे को खूबसूरती से दिखाती है जो अपने सपनों को छोड़ने से मना कर देती है। फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड, चंपावट, भीमताल और उत्तरकाशी जैसे स्थानों पर हुई है। फिल्म की एक्ट्रेस ऐश्याना राय ने इसमे दमदार अभिनय किया है.

    गौरतलब है कि मोहित एम. राय एक दूरदर्शी डायरेक्टर, राइटर और प्रोड्यूसर हैं, जो कहानी कहने और क्रिएटिव पर्सन होने के अपने जुनून के लिए जाने जाते हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने वाले मोहित की शुरू में साइंटिफिक रिसर्च में करियर बनाने की इच्छा थी लेकिन ज़िंदगी उन्हें सिनेमा की दुनिया में ले आई. जिज्ञासा और इंसानी भावनाओं व समाज को समझने की गहरी इच्छा से प्रेरित होकर, मोहित फिल्ममेकिंग को खुद में एक तरह की रिसर्च मानते हैं।

    वे ऐसी कहानियाँ बनाते हैं जो सोचने पर मजबूर करती हैं और भावनात्मक रूप से लोगों को जोड़ती हैं। उल्लेखनीय है कि ऐश्याना राय न केवल एक एक्ट्रेस और राइटर है बल्कि एक प्रोड्यूसर भी हैं, जो स्क्रीन पर अपनी दमदार मौजूदगी और कहानी कहने के जुनून के लिए पहचानी जाती हैं।

    परफॉर्मिंग आर्ट्स में मज़बूत आधार के साथ, उन्होंने बैंगलोर में एमबीए करते हुए अपना क्रिएटिव सफर शुरू किया. ऐशियाना ने एक्टिंग, राइटिंग और डांस में ट्रेनिंग ली है। अपने क्रिएटिव करियर को पूरी तरह अपनाने से पहले, उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर में प्रमुख IT कंपनियों के साथ काम करते हुए प्रोफेशनल अनुभव हासिल किया।

  • India-US Trade Deal Protest: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, 15 अगस्त से पदयात्रा की चेतावनी!

    India-US Trade Deal Protest: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, 15 अगस्त से पदयात्रा की चेतावनी!

    India-US Trade Deal Protest: प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने झंडे और बैनर लेकर समझौते के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार से कृषि क्षेत्र के हितों की रक्षा करने की मांग की।

    किसान संगठनों का आरोप है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता देश के कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उनका कहना है कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर इन दिनों भारत दौरे पर हैं और व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत कर रहे हैं, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

    किसान नेताओं ने बताया कि फरवरी में हुए व्यापारिक फ्रेमवर्क समझौते के आधार पर प्रारंभिक दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि इस प्रस्ताव में अमेरिका से आयातित कृषि एवं खाद्य उत्पादों पर शुल्क कम करने या समाप्त करने की संभावना शामिल है। किसानों का मानना है कि यदि अमेरिकी उत्पाद कम शुल्क पर भारतीय बाजार में पहुंचते हैं, तो उनकी कम कीमत के कारण घरेलू उत्पादकों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा।

    प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को इस व्यापार समझौते से बाहर नहीं रखती है, तो किसान देशव्यापी आंदोलन छेड़ेंगे। उन्होंने घोषणा की कि 15 अगस्त से दातासिंहवाला-खनौरी मोर्चे से पदयात्रा शुरू होगी, जो 25 अगस्त को जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाली विशाल किसान रैली के साथ समाप्त होगी।

    डल्लेवाल ने बताया कि आंदोलन की आगे की रणनीति तय करने के लिए 20 जुलाई को मध्य प्रदेश में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की राष्ट्रीय बैठक बुलाई गई है। प्रदर्शन में सतनाम सिंह बेहरू, पी.आर. पांडियन, जितेंद्र शर्मा, राजेंद्र सिंह खालसा, हर्षदीप गिल, रामपाल शर्मा और बलदेव सिंह सिरसा सहित कई राज्यों के किसान नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अभिमन्यु कोहाड़ ने किया। किसान नेताओं ने दोहराया कि वे कृषि क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और ऐसे किसी भी व्यापारिक समझौते का विरोध करेंगे, जिससे भारतीय किसानों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो।

  • Padma Awards Ceremony 2026: शिबू सोरेन, रोहित शर्मा और अलका याज्ञनिक सहित 66 विभूतियों को मिला पद्म सम्मान

    Padma Awards Ceremony 2026: शिबू सोरेन, रोहित शर्मा और अलका याज्ञनिक सहित 66 विभूतियों को मिला पद्म सम्मान

    Padma Awards Ceremony 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-2 के दौरान न्यायमूर्ति के.टी. थॉमस (सेवानिवृत्त), झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन (मरणोपरांत), प्रसिद्ध गायिका अलका याज्ञनिक, क्रिकेटर रोहित शर्मा सहित 66 विशिष्ट हस्तियों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कारों से सम्मानित किया।

    समारोह में कुल दो व्यक्तियों को पद्म विभूषण, सात को पद्म भूषण और 57 हस्तियों को पद्मश्री प्रदान किया गया। पी. नारायण और न्यायमूर्ति के.टी. थॉमस को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया, जबकि डॉ. विजय अमृतराज, एस.के.एम. मयिलानंदन, अभिनेता ममूटी, वेल्लापल्ली नटेशन, डॉ. दत्तात्रेयडु नोरी, शिबू सोरेन (मरणोपरांत) और अलका याज्ञनिक को पद्म भूषण प्रदान किया गया।

    इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। गौरतलब है कि इससे पहले 25 मई को आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह के प्रथम चरण में राष्ट्रपति मुर्मु ने 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए थे, जिनमें दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 57 पद्मश्री शामिल थे।

    पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। ये सम्मान पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री की तीन श्रेणियों में कला, साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, खेल, समाज सेवा, उद्योग, लोक सेवा और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किए जाते हैं। इन पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है।

  • Bangladesh India China Relations: बंगलादेश के लिए भारत और चीन के बीच संतुलन साधने की चुनौती

    Bangladesh India China Relations: बंगलादेश के लिए भारत और चीन के बीच संतुलन साधने की चुनौती

    Bangladesh India China Relations: बंगलादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की चीन यात्रा को दक्षिण एशिया की बदलती कूटनीतिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोमवार देर रात चीन के बंदरगाह शहर डालियान पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जो दोनों देशों के बढ़ते संबंधों का संकेत माना जा रहा है।

    चीन वर्तमान में बंगलादेश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और विकास परियोजनाओं का प्रमुख वित्तपोषक है। इस यात्रा के दौरान कई आर्थिक और अवसंरचनात्मक परियोजनाओं को अंतिम रूप दिए जाने के साथ-साथ रक्षा सहयोग, विशेषकर लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद, पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

    प्रधानमंत्री रहमान की यात्रा का कार्यक्रम सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है। उन्होंने पहले कुआलालंपुर का दौरा किया, इसके बाद डालियान में एक सम्मेलन में भाग लिया और अब बीजिंग में चीनी नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ताओं में शामिल होंगे। विश्लेषकों का मानना है कि इस क्रम को अपनाने का उद्देश्य भारत की संवेदनशीलताओं का भी ध्यान रखना है, क्योंकि नई दिल्ली ने भी बंगलादेशी प्रधानमंत्री को भारत आने का निमंत्रण दिया है।

    पूर्व राजनयिक रीवा गांगुली दास के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग के साथ होने वाली बैठकों में जिन मुद्दों पर चर्चा होगी, वे बंगलादेश की विदेश नीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष के अंत तक प्रधानमंत्री रहमान की भारत यात्रा होने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि बंगलादेश की मौजूदा विदेश नीति ‘बंगलादेश फर्स्ट’ की अवधारणा पर आधारित है, जिसके तहत ढाका किसी एक महाशक्ति पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना चाहता है।

    आर्थिक दृष्टि से भी यह यात्रा अहम है। बंगलादेश चीन से चार अरब डॉलर से अधिक की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है, जबकि चीन समर्थित वित्तीय संस्थानों के पास लगभग नौ अरब डॉलर की अन्य परियोजनाएं भी विचाराधीन हैं। तीस्ता नदी प्रबंधन परियोजना, मोंगला बंदरगाह का विस्तार और चटगांव के निकट अनवारा औद्योगिक क्षेत्र का विकास प्रमुख प्रस्तावों में शामिल हैं।

    रक्षा क्षेत्र में चीन निर्मित लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद भी चर्चा का विषय बनी हुई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सौदा आगे बढ़ता है तो इससे क्षेत्रीय सामरिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है, विशेषकर भारत के लिए, क्योंकि बंगलादेश का भूगोल भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़े संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर के निकट स्थित है।

    वर्ष 2024 के राजनीतिक परिवर्तनों के बाद भारत और बंगलादेश के संबंधों में कुछ चुनौतियां उभरी हैं। हालांकि दोनों देशों के राजनयिकों को उम्मीद है कि नई सरकार के कार्यकाल में द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा आएगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती चीन के साथ बढ़ते आर्थिक और रक्षा सहयोग को इस स्तर तक सीमित रखना होगा कि वह भारत के साथ संबंधों में अविश्वास का कारण न बने। बंगलादेश के लिए चीन निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास का महत्वपूर्ण स्रोत है, जबकि भारत भौगोलिक निकटता, व्यापार, संपर्क और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से अनिवार्य साझेदार बना हुआ है।

    विश्लेषकों के अनुसार, इस दौरे की वास्तविक सफलता समझौतों की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से तय होगी कि ढाका भविष्य में भी भारत और चीन दोनों के साथ संतुलित और भरोसेमंद संबंध बनाए रखने में कितना सफल रहता है।

  • Shravani Mela Preparations: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित!

    Shravani Mela Preparations: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित!

    Shravani Mela Preparations: बिहार में भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में एक महीने तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। जिला समाहरणालय के समीक्षा भवन में आयोजित इस बैठक में जिला सामान्य शाखा की प्रभारी सोनाली कुमारी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा अब तक की गई तैयारियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी।

    बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने नगर परिषद, सुलतानगंज को निर्देश दिया कि आगामी 30 जून तक संबंधित एजेंसी के माध्यम से 1200 सफाई कर्मियों का योगदान सुनिश्चित कर अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा सुल्तानगंज के अंचलाधिकारी को कांवरिया पथ स्थित दुकानों की नियमित निगरानी एवं अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को नमामि गंगे घाट एवं सीढ़ी घाट तथा नगर निगम, भागलपुर को बरारी घाट एवं एस.एम. कॉलेज स्थित सीढ़ी घाट की बैरिकेडिंग कराने का निर्देश दिया।

    साथ ही सभी प्रमुख घाटों पर साइनेज लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि वहां उपलब्ध जलस्तर एवं पानी की गहराई का स्पष्ट उल्लेख किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी प्राप्त हो सके। पांडेय ने मेला क्षेत्र में अस्थायी दुकानों के संचालन के लिये सुलतानगंज अंचल कार्यालय में “सिंगल विंडो सिस्टम” स्थापित करने का निर्देश दिया। इस व्यवस्था के माध्यम से बिजली कनेक्शन, दुकानदारों का निबंधन तथा अन्य आवश्यक अनुज्ञप्तियां त्वरित रूप से निर्गत की जाएंगी।

    जिलाधिकारी ने कहा कि यदि दुकान रैयती भूमि पर भी संचालित हो रही हो, तब भी विधि-व्यवस्था की दृष्टि से उसका निबंधन अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि प्रत्येक दुकान की पहचान एवं अभिलेख उपलब्ध रह सके।उन्होंने सभी संबंधित विभागों को श्रावणी मेला के लिए कराए जाने वाले कार्यों की निविदा प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया।
    बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेला में विगत वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। उन्होंने इसके अनुरूप पुलिस बल के आवासन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
    बैठक में नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, अपर समाहर्ता दिनेश राम,अनुमंडल पदाधिकारी सदर विकास कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

  • Diva Illegal Warehouses: दिवा में कुल 217 अनिधिकृत गोदामों पर मनपा की कार्रवाई!

    Diva Illegal Warehouses: दिवा में कुल 217 अनिधिकृत गोदामों पर मनपा की कार्रवाई!

    Diva Illegal Warehouses: दिवा में अनिधिकृत गोदामों के खिलाफ़ मनपा कार्रवाई शुरू कर दी है और आज दिवा प्रभाग में 65 छोटे और मीडियम साइज़ के बिना इजाज़त के गोदामों को खाली कराने की कार्रवाई की गई।उपायुक्त दीपक झिंजाड़ ने बताया कि अब तक कुल 217 बिना इजाज़त के गोदाम खाली कराए जा चुके हैं और 830 गोदामों का सर्वे पूरा हो चुका है।

    यह कार्रवाई उपायुक्त जितेंद्र निकम,उपायुक्त दीपक झिंजाड़ और दिवा प्रभाग समिति के सहायक आयुक्त शिवप्रसाद नागरगोजे के मार्गदर्शन में की गई।

  • Animal Husbandry Department: लम्पी रोग से ग्रसित पशुओं के शहर में विचरण करने से लोगों में आक्रोश!

    Animal Husbandry Department: लम्पी रोग से ग्रसित पशुओं के शहर में विचरण करने से लोगों में आक्रोश!

    Animal Husbandry Department: राजस्थान में भरतपुर में लम्पी रोग के प्रकोप से ग्रसित बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं के लावारिस रूप में शहर में विचरण करने से आक्रोशित आमजन एवं पशुपालकों ने मंगलवार को सरकार, प्रशासन एवं पशुपालन विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासनिक एवं सरकारी माध्यम से समय पर उपचार और राहत न मिलने से बड़ी संख्या में बेजुबान पशु मजबूर होकर असहनीय पीड़ा सहते हुए सड़कों पर कष्ट झेलते नजर आ रहे हैं इससे लोग व्यथित हैं। अपने दुधारू पशुओं को मौत के मुंह में जाते देख असहाय पशुपालकों की भी उन्हें बचाने का कोई उपाय नजर नहीं आ रहा।

    इस बीमारी से पशुओं को बचाने की दिशा में पशुपालन विभाग की चुप्पी से आक्रोशित पशुपालकों के साथ पशुप्रेमियों ने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, नगर निगम एवं पशुपालन विभाग से इस गंभीर समस्या पर तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाने की मांग भी की है।

  • e-KYC Mandatory: ज़िला परिषद के कर्मचारियों के लिए ई.केवायसी ज़रूरी; जुलाई-अगस्त 2026 की सैलरी आने से पहले प्रोसेस पूरा करने के निर्देश!

    e-KYC Mandatory: ज़िला परिषद के कर्मचारियों के लिए ई.केवायसी ज़रूरी; जुलाई-अगस्त 2026 की सैलरी आने से पहले प्रोसेस पूरा करने के निर्देश!

    e-KYC Mandatory: वित्त विभाग के निर्देशों के मुताबिक, ज़िला परिषद के तहत आने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को, जो पंचायत राज सेवार्थ सिस्टम से सैलरी लेते हैं, ई केवायसी प्रोसेस ज़रूरी तौर पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित कर्मचारियों को जुलाई 2026, अगस्त 2026 की सैलरी पेमेंट से पहले ई केवायसी का तय प्रोसेस पूरा करना होगा, और जो अधिकारी और कर्मचारी यह प्रोसेस पूरा नहीं करेंगे, उनकी सैलरी नहीं निकाली जाएगी, यह जानकारी डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) अविनाश फड़तारे ने दी।

    फाइनेंस डिपार्टमेंट के सरकारी सर्कुलर के मुताबिक, सेवार्थ सिस्टम के तहत सैलरी लेने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान और जानकारी अपडेट रखने के लिए ई केवायसी प्रोसेस ज़रूरी कर दिया गया है। इन आदेशों को रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के तहत काम करने वाली सभी ज़िला परिषदों के लिए भी लागू कर दिया गया है।इसके लिए, महाआईटी, मुंबई के ज़रिए पंचायत राज सेवार्थ सिस्टम में ई केवायसी रिकॉर्ड अपडेट करने की सुविधा बनाई गई है।

    यूज़र्स आसानी से प्रोसेस पूरा कर सकें, इसके लिए एक गाइड इन्फॉर्मेशन बुकलेट भी तैयार की गई है और इसे संबंधित ऑफिसों को उपलब्ध करा दिया गया है।जिला परिषद के तहत आने वाले सभी ड्रॉइंग और डिस्बर्सिंग ऑफिसर यह पक्का करें कि उनके नीचे काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का ई केवायसी प्रोसेस समय पर पूरा हो जाए।

    साथ ही, सरकारी सर्कुलर के सभी नियमों का सख्ती से पालन करने और ज़रूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ई केवायसी प्रोसेस कर्मचारियों की जानकारी को अपडेट रखने में मदद करेगा और सैलरी बांटने के प्रोसेस में ज़्यादा ट्रांसपेरेंसी, एक्यूरेसी और एफिशिएंसी लाएगा। इसलिए, जिला परिषद, ठाणे एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से बिना किसी देरी के ई केवायसी प्रोसेस पूरा करने की अपील की गई है।

    सरकार की डिजिटल गवर्नेंस और ट्रांसपेरेंट गवर्नेंस की पॉलिसी के हिसाब से,ई केवायसी प्रोसेस बहुत ज़रूरी है। ज़िला परिषद के तहत काम करने वाले हर अधिकारी और कर्मचारी को तय समय में ई केवायसी पूरा करना होगा। इससे कर्मचारियों की जानकारी अपडेट रहेगी और सैलरी बांटने और एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस आसान, ज़्यादा सही और ट्रांसपेरेंट बनेंगे। सभी संबंधित लोग इस पर गंभीरता से ध्यान दें और डेडलाइन से पहले प्रोसेस पूरा करें चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर रंजीत यादव।

  • Rahul Pingle Alleges: कोस्टल रोड के नाम पर खाड़ी, मैंग्रोव के पौधों को निगले गए, दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग!

    Rahul Pingle Alleges: कोस्टल रोड के नाम पर खाड़ी, मैंग्रोव के पौधों को निगले गए, दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग!

    Rahul Pingle Alleges: शहर जिला कांग्रेस ने ठाणे में पर्यावरण सेंसिटिव खाड़ी के किनारों,मैंग्रोव को गैर-कानूनी तरीके से भरने के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष राहुल पिंगले ने गंभीर आरोप लगाया है कि साकेत से आनंदनगर कोस्टल रोड के नाम पर पर्यावरण का खुलेआम कत्ल किया जा रहा है और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। खाड़ी इलाके में कंदलवन को नेचुरल शील्ड माना जाता है। ये बाढ़ कंट्रोल, बायोडायवर्सिटी की सुरक्षा और पर्यावरण बैलेंस बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

    हालांकि, एक तस्वीर सामने आई है कि इस नेचुरल एसेट को दिनदहाड़े कचरे और गाद से भरा जा रहा है। खास बात यह है कि इस बारे में बार-बार शिकायत और सबूत के बावजूद प्रशासन कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिससे नागरिकों में गहरी नाराजगी है।राहुल पिंगले ने कहा है कि, अगर साकेत, बालकुम, कोलशेत, ढोकाली, वाघबिल में वेटलैंड्स, कासरवडवली और आनंदनगर इलाके तबाह हो गए, तो इसका सीधा असर बाढ़ के हालात पर पड़ेगा।

    कुदरती पानी की जगहों और पानी निकलने की जगहों के बंद होने से भविष्य में हज़ारों लोगों की जान-माल को खतरा हो सकता है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले में संबंधित भरनी माफिया, ठेकेदारों और ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ़ क्रिमिनल केस दर्ज किए जाएं। साथ ही, तबाह हुए मैंग्रोव जंगलों और वेटलैंड इलाकों को तुरंत फिर से ठीक करने की भी मांग की है।ठाणे के लोग पर्यावरण के नुकसान पर विकास का रंग चढ़ाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

    कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ज़ोरदार विरोध करेगी और ज़रूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटाएगी।कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अगर पर्यावरण बचाने के लिए ज़िम्मेदार संस्थाएं चुप रहीं, तो भविष्य में होने वाली बाढ़ के हालात और पर्यावरण को होने वाले नुकसान की पूरी ज़िम्मेदारी प्रशासन की होगी।

  • Lokshahi Diwas: ठाणे मनपा का 20 जुलाई 2026 को लोकशाही दिवस आयोजन; 6 जुलाई 2026 तक आवेदन पत्र जमा करने की अपील!

    Lokshahi Diwas: ठाणे मनपा का 20 जुलाई 2026 को लोकशाही दिवस आयोजन; 6 जुलाई 2026 तक आवेदन पत्र जमा करने की अपील!

    Lokshahi Diwas: तहसील स्तर पर लोकशाही दिवस की तरह, ठाणे मनपा द्वारा ज़ोन लेवल पर भी हर महीने के तीसरे सोमवार को लोकशाही दिवस आयोजित किया जाता है ताकि नागरिकों की व्यक्तिगत शिकायतों का तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इसके अनुसार, लोकशाही दिवस सोमवार 20 जुलाई, 2026 को आयोजित किया जाएगा। ठाणे मनपा द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस लोकशाही दिवस के लिए 6 जुलाई तक अपने आवेदन पत्र जमा करें।

    नागरिकों को इन जगहों पर अपने आवेदन पत्र जमा करने चाहिए
    ज़ोन 1
    – (कलवा, मुंब्रा, दिवा वार्ड कमेटी के तहत) डिप्टी कमिश्नर ऑफिस, कलवा वार्ड कमेटी ऑफिस, कलवा

    ज़ोन 2 – (नौपाड़ा, वागले वार्ड कमेटी के तहत, डिप्टी कमिश्नर ऑफिस, नौपाड़ा वार्ड कमेटी ऑफिस, ठाणे (पश्चिम)

    ज़ोन 3 – (उथलसर, वर्तकनगर, लोकमान्य, सावरकरनगर, माजीवडा मानपाड़ा वार्ड कमेटी के तहत) डिप्टी कमिश्नर ऑफिस, मजीवडा मानपाड़ा वार्ड कमेटी ऑफिस, ठाणे (पश्चिम)

    नागरिकों को सबसे पहले ज़ोन लोकशाही दिवस में आवेदन देनी चाहिए। अगर ज़ोन लोकशाही दिवस में दी गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, तो नागरिक नियमों के अनुसार 15 दिन पहले मनपा लोकशाही दिवस में अपनी आवेदन दे सकते हैं। नागरिकों को ज़ोन लोकशाही दिवस के लिए अपनी आवेदन संबंधित ज़ोन ऑफिस में देनी चाहिए।