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  • HIGH ALERT! चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने पकड़ी रफ्तार, 35 से ज्यादा उड़ानें रद्द, आंध्र प्रदेश के 19 जिलों में रेड अलर्ट

    HIGH ALERT! चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने पकड़ी रफ्तार, 35 से ज्यादा उड़ानें रद्द, आंध्र प्रदेश के 19 जिलों में रेड अलर्ट

    नई दिल्ली। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में तेजी से सक्रिय हो रहा भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ अब बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यह तूफान वर्तमान में मछलीपट्टनम से लगभग 100 किलोमीटर और काकीनाडा से करीब 180 किलोमीटर की दूरी पर है। आईएमडी ने चेतावनी जारी करते हुए आंध्र प्रदेश के 19 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया है और अगले 24 घंटे में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है।

    35 से अधिक उड़ानें रद्द

    तूफान के असर से हवाई सेवाओं पर भी बड़ा प्रभाव पड़ा है। तेलंगाना के शमशाबाद हवाई अड्डे और आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और राजमुंद्री हवाई अड्डों से संचालित होने वाली 35 से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं। इनमें इंडिगो की 30, एयर इंडिया की 2 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 5 उड़ानें शामिल हैं।

    110 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

    आईएमडी ने चेताया है कि विशाखापत्तनम के तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 90 से 100 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 110 किमी/घंटे तक भी जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, ‘मोंथा’ उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आज शाम से रात के बीच मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के तट को पार कर सकता है।

    रेलवे ने बनाई विशेष रणनीति

    रेल मंत्रालय ने भी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सभी जोन को सतर्क कर दिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और गुंटूर मंडलों में ‘वॉर रूम’ सक्रिय कर यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन पर नजर रखी जाए। मशीनरी, राहत सामग्री और तकनीकी स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

    पड़ोसी राज्यों में भी असर

    ‘मोंथा’ का प्रभाव केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। आईएमडी के मुताबिक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल और कर्नाटक के कई जिलों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, ‘मोंथा’ की गति और दिशा पर अगले 12 घंटे बेहद निर्णायक रहेंगे। यदि इसकी रफ्तार और तीव्रता बढ़ती है, तो आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों में बड़े पैमाने पर बिजली, संचार और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

  • Inauguration of Gwalior–Bengaluru Express Train: Direct Rail Connectivity from Madhya Pradesh to South India:”ग्वालियर-बेंगलुरु एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ, मध्य प्रदेश से दक्षिण भारत के लिए सीधी कनेक्टिविटी

    ग्वालियर-बेंगलुरु एक्सप्रेस के शुभारंभ समारोह में मंत्रीगण और ट्रेन को हरी झंडी दिखाते हुए

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के बीच सीधी यात्रा की बहुप्रतीक्षित सुविधा आज ग्वालियर-बेंगलुरु एक्सप्रेस ट्रेन के शुभारंभ के साथ साकार हो गई। ग्वालियर से एसएमवीटी बेंगलुरु तक की इस सीधी ट्रेन सेवा को आज हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं सांसद भारत सिंह कुशवाह समेत अनेक गणमान्य अतिथिगण मौजूद रहे।

    इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ट्रेन ग्वालियर, गुना, शिवपुरी और भोपाल जैसे शहरों के लिए एक नई जीवनरेखा साबित होगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष ₹24,000 करोड़ की रेलवे परियोजनाएं मध्य प्रदेश को स्वीकृत की गई थीं, जिनमें से यह एक महत्वपूर्ण पहल है।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस ट्रेन सेवा को जनता के लिए एक नई सौगात बताया और कहा कि यह न केवल यात्रा को सरल बनाएगी, बल्कि रोजगार, व्यवसाय और सामाजिक विकास के नए रास्ते खोलेगी। उन्होंने ग्वालियर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और सुविधाओं के विस्तार की भी जानकारी साझा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस ट्रेन से बेंगलुरु जैसे आईटी हब में कार्यरत मध्य प्रदेश के युवाओं को बड़ा लाभ होगा। यह सुविधा राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देगी।

    इस आयोजन का संचालन मंडल रेल प्रबंधक झांसी श्री दीपक कुमार सिन्हा ने किया। उन्होंने इस उपलब्धि में सभी विभागों और कर्मचारियों के योगदान की सराहना की।

    यह नई ट्रेन सेवा न सिर्फ भौगोलिक दूरी को कम करेगी, बल्कि दिलों को भी जोड़ेगी – एक प्रगतिशील भारत की ओर एक और कदम।