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  • Celebration of Rajarshi Chhatrapati Shahu Maharaj Jayanti: “Dr. Gangadhar Parge” Paid Floral Tribute to the Statue:”राजश्री छत्रपति शाहू महाराज जयंती महोत्सव” का भव्य आयोजन-“डॉ. गंगाधर परगे” ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.

    ठाणे जिला परिषद में शाहू महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते डॉ. गंगाधर परगे और उपस्थित अधिकारी

    ठाणे।
    समाज सुधारक, सामाजिक न्याय के संस्थापक और बहुजन समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकार दिलाने वाले महान नेता राजश्री छत्रपति शाहू महाराज की जयंती के अवसर पर ठाणे जिला परिषद में समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भव्य महोत्सव का आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम की शुरुआत जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंगाधर परगे द्वारा शाहू महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके की गई। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

    उपस्थित लोगों ने शाहू महाराज द्वारा दिए गए शिक्षा, समानता, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक समता के विचारों को स्मरण करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का मार्गदर्शक बताया। कार्यक्रम में यह संकल्प लिया गया कि उनके विचारों को केवल स्मरण न कर, जीवन में व्यवहार में लाया जाएगा, जिससे समाज में सच्चे अर्थों में समानता और न्याय स्थापित हो सके।

    सभी स्तरों पर यह बात दोहराई गई कि राजश्री शाहू महाराज के सिद्धांत आज भी प्रत्येक प्रशासनिक अधिकारी और सेवक के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उनका जीवन और कार्य समाज के वंचित वर्गों को आत्मनिर्भरता और सम्मान की राह दिखाने वाला रहा है।

  • 35 गौशालाओं को पंजीकरण प्रमाण-पत्र वितरित, आत्मनिर्भरता पर जोर

    35 गौशालाओं को पंजीकरण प्रमाण-पत्र वितरित, आत्मनिर्भरता पर जोर

    ठाणे। महाराष्ट्र गौ सेवा आयोग में पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाली 35 गौशालाओं को आधिकारिक पंजीकरण प्रमाण-पत्र वितरण का कार्यक्रम 24 जून को जिला परिषद सभागार, ठाणे में संपन्न हुआ। यह आयोजन पशुपालन विभाग द्वारा जिला परिषद ठाणे के माध्यम से किया गया।

    इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोहन घुगे, क्षेत्रीय संयुक्त आयुक्त पशुपालन डॉ. प्रशांत कांबले, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजिंक्य पवार, जिला उपायुक्त पशुपालन डॉ. वल्लभ जोशी, और जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. कीर्ति दोईजोडे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। साथ ही, तालुका स्तरीय पशु चिकित्सा अधिकारी, गौशाला प्रबंधक और अन्य प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद थे।

    कार्यक्रम में सीईओ रोहन घुगे ने कहा कि जिला परिषद सामाजिक सहभागिता से चलने वाली पशुपालन पहलों का समर्थन करती है। उन्होंने बताया कि गौशालाओं को पशुधन स्वास्थ्य संवर्धन के साथ-साथ आय सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बढ़ाया जाएगा।

    डॉ. प्रशांत कांबले ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि गौशालाओं को केवल पशुपालन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गोमूत्र, गोबर, जैविक खाद, बायोगैस, औषधीय उत्पाद और डेयरी उत्पादों के उत्पादन द्वारा एक स्थानीय और राज्यस्तरीय बाज़ार तैयार करने की दिशा में कार्य करना चाहिए। यह ग्रामीण उद्यमिता का असली रूप है।

    अजिंक्य पवार ने भी गौशालाओं से आग्रह किया कि वे प्राकृतिक खाद, औषधीय साबुन जैसे उत्पाद बनाकर उन्हें स्थानीय बाज़ारों में बेचने की पहल करें। इससे न केवल आर्थिक मजबूती आएगी, बल्कि समाज में सकारात्मक भूमिका भी बढ़ेगी।

    इस आयोजन को पशुपालन विभाग द्वारा योजनाबद्ध रूप से सफल बनाया गया, जिससे जिले की अन्य गौशालाओं को भी प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम का परिचय पशुधन पर्यवेक्षक अक्षदा गायकवाड़ ने दिया, और पशुधन विकास अधिकारी डॉ. दर्शन दलवी ने आभार व्यक्त किया।