Tag: पर्यावरण संरक्षण

  • Wet-Dry Waste: स्वच्छता दीदियां फैला रही हैं घर-घर जागरूकता, सुखा-गीला कचरा पृथक करने की दी प्रेरणा

    Wet-Dry Waste: स्वच्छता दीदियां फैला रही हैं घर-घर जागरूकता, सुखा-गीला कचरा पृथक करने की दी प्रेरणा

    राजनांदगांव। स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा में नगर निगम द्वारा स्वच्छता दीदियों की टीम ने शहरवासियों को घर पर ही सुखा एवं गीला कचरा पृथक करने के लिए प्रेरित किया है। इस अभियान का उद्देश्य है – स्रोत पर ही कचरे का पृथककरण कर वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन और पर्यावरण संरक्षण।

    राजनांदगांव में स्वच्छता दीदियों ने विद्यार्थियों को सुखा-गीला कचरा अलग करने और कम्पोस्ट बनाने का प्रशिक्षण दिया

    🏫 विद्यार्थियों को दिया प्रशिक्षण
    स्वच्छता दीदियों ने एकलव्य विद्यालय एवं आई.टी.आई. पेण्ड्री के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें घर पर ही कचरा अलग-अलग रखने की जानकारी दी। साथ ही, गीले कचरे से कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि भी सिखाई गई। विद्यार्थियों को अपने परिवार और पड़ोसियों को भी जागरूक करने की समझाइश दी गई।

    🗑️ हरा और नीला डस्टबिन का महत्व

    • हरा डस्टबिन: गीला कचरा जैसे सब्जियों के छिलके, बचा हुआ खाना
    • नीला डस्टबिन: सुखा कचरा जैसे प्लास्टिक, कागज, रैपर आदि
      स्वच्छता दीदियों ने बताया कि इस आदत से न केवल शहर साफ रहेगा, बल्कि वेस्ट से वेल्थ की दिशा में भी कदम बढ़ेगा।

    🚫 सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक
    एसएलआरएम सेंटर के सुपरवाइजर और स्वच्छता दीदियों ने सिंगल यूज प्लास्टिक जैसे कैरीबैग, डिस्पोजल, पानी पाउच आदि के उपयोग को रोकने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया।

    🗣️ महापौर और आयुक्त का संदेश
    महापौर श्री मधुसूदन यादव और निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने कहा कि “स्वच्छता अभियान बिना जनभागीदारी के सफल नहीं हो सकता। सभी नागरिकों को जुड़ना होगा, तभी हम स्वच्छता में उच्च स्थान प्राप्त कर सकते हैं।”

  • Aashirwad Foundation:आशिर्वाद फाउंडेशन ने वृक्षारोपण और स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

    Aashirwad Foundation:आशिर्वाद फाउंडेशन ने वृक्षारोपण और स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

    प्रेम चौबे।

    भाईंदर (पश्चिम), उत्तन। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आशिर्वाद फाउंडेशन – जीने का सहारा ने उत्तन क्षेत्र में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर संस्था के सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया। संस्था की ओर से विशेष नारा दिया गया –
    “एक वृक्ष इस शहर के स्वच्छ वातावरण के लिए।”

    कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के वीर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर मीरा-भाईंदर शहर की पूर्व नगरसेविका एवं समाजसेविका सुनीला शर्मा तथा समस्त ब्राह्मण समाज फाउंडेशन के संस्थापक सतेन्द्र शर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

    आशिर्वाद फाउंडेशन की ओर से गणेश पाण्डेय, रामकृष्ण लाल, शांत प्रकाश शर्मा, कृष्ण कुमार, निलेश गुप्ता, विशाल तिवारी, सूरज दूबे और धनंजय दीक्षित सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर वृक्षारोपण किया और हरियाली एवं स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।

    इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि वृक्ष ही जीवन का आधार हैं और हर नागरिक का दायित्व है कि पर्यावरण की रक्षा के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।

  • Grand Gyan Dindi Procession on Ashadhi Ekadashi with Participation of Century Rayon and Birla Institutions:”आषाढी एकादशी पर भव्य ज्ञान दिंडी यात्रा, सेंचुरी रेयान व बिड़ला संस्थानों की सहभागिता

    आषाढ़ी एकादशी पर कल्याण में विठ्ठल-रुक्मिणी की पालकी सहित ज्ञान दिंडी यात्रा का आयोजन

    कल्याण। आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर 6 जुलाई, रविवार को सेंचुरी रेयान, बी.के. बिड़ला महाविद्यालय, बी.के. बिड़ला रात्रिकालीन महाविद्यालय, बी.के. बिड़ला पब्लिक स्कूल और सेंचुरी रेयान हाई स्कूल द्वारा श्री विठोबा-रुक्मिणी जी की भक्ति एवं प्रकृति संरक्षण को समर्पित एक भव्य ज्ञान दिंडी यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

    यह श्रद्धा और समर्पण से भरी यात्रा बी.के. बिड़ला महाविद्यालय, कल्याण के प्रांगण से प्रारंभ होकर शहाड स्थित विट्ठल मंदिर तक जाएगी। यात्रा की शुरुआत भगवान विठ्ठल की पालकी की पूजा-अर्चना के साथ होगी, जिसमें महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री ओ.आर. चितलांगे, उपाध्यक्ष श्री सुबोध दवे, शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश चंद्र, प्राचार्य डॉ. अविनाश पाटील, डॉ. हरीश दुबे सहित अनेक स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेगी।

    ज्ञान दिंडी यात्रा में भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी की भव्य रूप से सुसज्जित पालकी, आकर्षक रथ, पारंपरिक ढोल पथक, विविध शिक्षण संस्थानों के लेज़िम पथक, योग पथक की झांकियां, विद्यार्थियों की टोलियाँ तथा हजारों भक्तों की भजन मंडलियाँ यात्रा को दिव्यता प्रदान करेंगी।

    यह आयोजन वर्ष 2016 से श्री ओ.आर. चितलांगे के मार्गदर्शन में नियमित रूप से आयोजित होता आ रहा है। यात्रा का समापन शहाड स्थित विट्ठल मंदिर में महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा।

    आयोजकों की ओर से सभी श्रद्धालुओं एवं विठ्ठल भक्तों से आग्रह किया गया है कि वे इस पुण्य अवसर पर ज्ञान दिंडी में सहभागी बनें और भक्ति, संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।