भिवंडी। भिवंडी निजामपूर महानगरपालिका क्षेत्र में खतरनाक और अति खतरनाक इमारतों की संख्या बढ़ती जा रही है। नगर प्रशासन के अनुसार, फिलहाल शहर में 1444 इमारतें खतरनाक घोषित की गई हैं, जिनमें से 287 इमारतें अति खतरनाक (C-1 श्रेणी) की हैं। इसके अलावा, 738 इमारतें C-2A श्रेणी में हैं जिन्हें खाली कर मरम्मत की जानी चाहिए, जबकि 372 इमारतें C-2B में हैं जिनमें रहते हुए मरम्मत संभव है। 45 इमारतें C-3 श्रेणी में मामूली मरम्मत योग्य हैं। यह जानकारी शहर विकास अधिकारी अरविंद घुगरे ने दी।पिछले वर्ष ऐसी 49 इमारतों को हटाया गया था, लेकिन हाल के महीनों में यह कार्रवाई धीमी पड़ गई है। स्थिति गंभीर है, क्योंकि इन खतरनाक इमारतों में आज भी सैकड़ों परिवार रह रहे हैं, जिससे उनकी जान खतरे में है।पिछले कुछ वर्षों में खतरनाक इमारतों से जुड़ी दुर्घटनाओं में 90 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद पालिका प्रशासन की कार्रवाई अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।कार्रवाई में सबसे बड़ी बाधा स्थानीय नेताओं का हस्तक्षेप, अवैध निर्माण, और पगड़ी प्रणाली के कारण चल रहे विवाद बन रहे हैं। नागरिकों और प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे मिलकर समय रहते ठोस कदम उठाएं, जिससे भविष्य में कोई बड़ा हादसा रोका जा सके।
