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  • BULLET TRAIN: भिवंडी के 14 गांवों के किसानों को बुलेट ट्रेन की तर्ज पर मिलेगा मुआवज़ा

    BULLET TRAIN: भिवंडी के 14 गांवों के किसानों को बुलेट ट्रेन की तर्ज पर मिलेगा मुआवज़ा

    भिवंडी: विरार-अलीबाग कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहित भिवंडी तालुका के 14 गांवों के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। अब इन किसानों को बुलेट ट्रेन परियोजना की तर्ज पर गुणांक 2 के अनुसार मुआवज़ा दिया जाएगा। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस संबंध में जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल को प्रस्ताव तैयार कर महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) को भेजने के निर्देश दिए हैं।

    यह फैसला लंबे समय से मुआवज़े में असमानता को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के लिए ऐतिहासिक जीत माना जा रहा है।

    14 गांवों के किसानों को मिला न्याय

    भिवंडी तालुका के अंजुर, दिवे अंजुर, आलिमघर, भरोडी, केवणी, कशेळी, काल्हेर, कोपर, डुंगे, वडुनवघर, खारबाव, मालोडी, पाये और पायगाव जैसे गांवों की जमीन विरार-अलीबाग कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी। किसानों का आरोप था कि एक ही गांव में दो अलग-अलग दरों — गुणांक 1 और गुणांक 2 — पर मुआवज़ा तय किया गया था, जिससे असमानता और असंतोष बढ़ गया था।

    अब राजस्व विभाग ने निर्णय लिया है कि सभी किसानों को बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के समान गुणांक 2 के हिसाब से मुआवज़ा दिया जाएगा। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि भूदान समिति के नाम दर्ज ज़मीनों पर वर्षों से खेती करने वाले किसानों को 90% मुआवज़ा दिया जाएगा, जबकि राज्य सरकार को केवल 10% हिस्सा मिलेगा।

    पहले यह अनुपात 60:40 था, जिसके खिलाफ किसान लगातार संघर्षरत थे।

    बैठक में हुआ अहम निर्णय

    यह निर्णय मंत्रालय में आयोजित विशेष बैठक के दौरान लिया गया, जिसकी अध्यक्षता राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने की। बैठक में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कपिल पाटिल, ज़िला परिषद के पूर्व सदस्य देवेश पाटिल, सुधाकर म्हात्रे, वैजयंती पाटील, मयुर पाटिल, संजय म्हात्रे, प्रदीप म्हात्रे समेत कई किसान प्रतिनिधि उपस्थित थे।
    जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल ने बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।

    किसानों ने इस निर्णय को अपनी “वर्षों की मेहनत और संघर्ष की जीत” बताया, जबकि कपिल पाटिल ने कहा —

    “यह निर्णय भिवंडी तालुका के किसानों के लिए ऐतिहासिक जीत है। सरकार के इस कदम से अब किसानों को न्याय और सम्मान दोनों मिलेगा।”

  • State Sanitation Workers’ Commission Reviews Issues Faced by Sanitation Workers in Bhiwandi:”राज्य सफाई कर्मचारी आयोग ने भिवंडी में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं की समीक्षा की

    भिवंडी महानगरपालिका में सफाई कर्मचारी आयोग की समीक्षा बैठक, अध्यक्ष शेरसिंह डागोर द्वारा दिशा-निर्देश

    भिवंडी (ठाणे)। महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शेरसिंह रुक्कनसिंह डागोर ने गुरुवार शाम भिवंडी महानगरपालिका में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में पालिका सफाई कर्मचारियों की समस्याओं, सुविधाओं और उनके अधिकारों का गहराई से जायजा लिया। इस बैठक में पालिका आयुक्त अनमोल सागर सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी और सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

    अध्यक्ष डागोर द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:

    • 25 वर्ष से अधिक सेवा दे चुके सफाई कर्मचारियों को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर श्रमसाफल्य योजना के अंतर्गत निःशुल्क घर प्रदान किए जाएं।
    • जो कर्मचारी 35 वर्षों से सरकारी आवासों में रह रहे हैं, उन्हें स्वामित्व के पट्टे दिए जाएं।
    • सभी कर्मचारियों को हैंड ग्लव्स, मास्क, रेनकोट और अन्य सुरक्षा उपकरण नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएं।
    • सभी सफाई कर्मचारियों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए।

    बैठक में आयुक्त अनमोल सागर द्वारा पालिका स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों और योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिस पर आयोग अध्यक्ष ने संतोष व्यक्त किया और सराहना की।

    बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:

    • अतिरिक्त आयुक्त: विट्ठल डाके
    • उपायुक्त (मुख्यालय): विक्रम दराडे
    • सहायक आयुक्त (स्वास्थ्य): शैलेश दोंदे
    • शहर अभियंता: जमील पटेल
    • मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी: रामप्रसाद सोलंके
    • सहायक आयुक्त (प्रशासन): अजीत महाडीक
    • चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी: डॉ. संदीप गाडेकर

    इसके अलावा सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि और अन्य कर्मचारी भी बैठक में उपस्थित थे। आयोग ने पालिका को निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों की गरिमा और कल्याण से संबंधित सभी उपायों को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाया जाए।

    इस समीक्षा बैठक के माध्यम से भिवंडी में सफाई कर्मचारियों को उनके अधिकार और सुविधाएं समय पर मिले, इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।