Tag: व्यवस्था की फांसी है ये!”

  • सूदखोरों ने ली फूलगेन सिंह (किन्नर) की जान, योगी सरकार के बुलडोजर का डर खत्म, वाराणसी में शुरु हुई किसानों की हत्या, पुलिस बनी मूकदर्शक

    विधायक और प्रधान पति की शह पर बेखौफ माफिया का आतंक
    📍 चोलापुर में प्रशासन की नाकामी, परंशु सिंह की न्याय की पुकार

    राष्ट्रीय स्वाभिमान

    वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सूदखोर माफिया बेलगाम हो चुके हैं। ताजा मामला वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहियां गांव का है, जहां 23 मई 2025 को गांव निवासी फूलगेन सिंह ने सूदखोरों से परेशान होकर फांसी लगा ली। परिवार का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, क्योंकि आरोपी माफियाओं को सत्ताधारी नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।

    ❗ क्या है पूरा मामला?
    🔸 सूदखोरों का जाल:
    फूलगेन सिंह ने संजीव कुमार सिंह और रिंकू सिंह उर्फ अजीत सिंह से 1 लाख रुपये कर्ज लिया था। ब्याज के नाम पर रकम 3.5 लाख रुपये पहुंच गई। परिवार अब तक 7.5 लाख रुपये लौटा चुका था, फिर भी प्रताड़ना जारी रही।

    🔸 जमीन पर कब्जा:
    1 फरवरी 2022 को दोनों आरोपियों ने फूलगेन और उनकी पत्नी को पिंडरा तहसील ले जाकर उनकी पैतृक जमीन (आराजी संख्या 2050) का रजिस्टर्ड सट्टा जबरन अपने नाम कराया और 3 लाख रुपये का चेक लिखवा लिया।

    🔸 गाली-गलौज और धमकी:
    लगातार बेदखली की धमकी दी गई। सुसाइड नोट में फूलगेन सिंह ने इन उत्पीड़नों का उल्लेख कर दोषियों के नाम लिखे हैं।

    🔸 पुलिस की निष्क्रियता:
    24 मई को मृतक के बेटे परंशु सिंह ने चोलापुर थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज ने FIR दर्ज नहीं की। उल्टे उन्हें ही समझौते के लिए दबाव डाला गया।

    ❓ योगी सरकार पर सवाल
    🔹 “जीरो टॉलरेंस” का दावा खोखला?:
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ माफियाओं पर सख्ती के दावे करते हैं, लेकिन चोलापुर में पुलिस सूदखोरों और नेताओं के दबाव में मूकदर्शक बनी है।

    🔹 राजनीतिक संरक्षण का आरोप:
    परिवार का आरोप है कि चोलापुर के भाजपा विधायक डॉ. अवधेश सिंह और ग्राम प्रधान पति संदीप सिंह के संरक्षण में सूदखोर कानून से ऊपर हैं।

    🔹 परंशु सिंह का दर्द:

    “मेरे पिता को सूदखोरों ने मारा, जमीन हड़प ली, और अब पुलिस हमें ही परेशान कर रही है। योगी जी, क्या यही है आपके ‘रामराज्य’ का सच?”

    ⚖️ कानूनी विशेषज्ञों की राय
    🔸 BNS धारा 306: आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला।
    🔸 BNS धारा 384, 420, 506, 441: उगाही, धोखाधड़ी, धमकी और कब्जा।
    🔸 CrPC धारा 154: FIR दर्ज न करना कानून का उल्लंघन।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता बताते हैं:

    “यह आपराधिक मामला है। FIR दर्ज न होना सीधा न्याय का हनन है। पीड़ित परिवार हाईकोर्ट या NHRC में याचिका दाखिल कर सकता है।”

    😡 जनता में आक्रोश, सोशल मीडिया पर उबाल
    🔸 #JusticeForPhoolgenSingh ट्रेंड कर रहा है।
    🔸 गांव में प्रदर्शन की चेतावनी, स्थानीय लोग लामबंद।
    🔸 PM मोदी और CM योगी से न्याय की अपील।
    🔸 मानवाधिकार उल्लंघन: NHRC से हस्तक्षेप की मांग।

    📢 परंशु सिंह की अपील
    “हमने सबकुछ खो दिया — पिता, जमीन और अब भरोसा भी। अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो हम कोर्ट और सड़क दोनों पर लड़ाई लड़ेंगे।”

    परिवार ने अब NHRC, मुख्यमंत्री पोर्टल, और हाईकोर्ट में जाने की तैयारी शुरू कर दी है।

    🧾 जनता की चार मांगें
    FIR दर्ज कर संजीव कुमार सिंह और रिंकू सिंह की गिरफ्तारी हो।

    विधायक और ग्राम प्रधान पति पर लगे दबाव के आरोपों की CBI जांच हो।

    चोलापुर पुलिस पर लापरवाही की जांच और निलंबन।

    जिले में सूदखोरों के खिलाफ विशेष अभियान।

    🧭 मुख्यमंत्री योगी से सवाल
    क्या सूदखोर माफियाओं पर कोई कार्यवाही होगी?

    क्या प्रभावशाली नेताओं पर जांच होगी?

    क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या यह केस भी दफन हो जाएगा?

    क्या वाराणसी में कानून व्यवस्था नेताओं की मर्जी से चलेगी?