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  • Open Manhole Horror: साकीनाका में खुले मैनहोल में समाए 60 वर्षीय बुजुर्ग, मौके पर मचा हड़कंप!

    Open Manhole Horror: साकीनाका में खुले मैनहोल में समाए 60 वर्षीय बुजुर्ग, मौके पर मचा हड़कंप!

    Open Manhole Horror: खुले मैनहोल से जुड़ी दुखद और असल ज़िंदगी की “डरावनी” कहानियाँ अक्सर प्रशासन की भारी लापरवाही का नतीजा होती हैं; इनमें बिना ढक्कन वाले नाले या ठीक से घेराबंदी न किए गए मरम्मत के काम जानलेवा हादसों की वजह बनते हैं।

    ऐसे ही मुंबई के साकीनाका इलाके में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 60 वर्षीय व्यक्ति की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। यह घटना खैरानी रोड पर उस समय हुई, जब बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से नालों की सफाई और रखरखाव का कार्य चल रहा था।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाले की सफाई के लिए मैनहोल का ढक्कन हटाया गया था। इसी दौरान बुजुर्ग व्यक्ति वहां से गुजर रहे थे और खुले मैनहोल में गिर गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही पुलिस, दमकलकर्मी और अन्य राहत दल मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद व्यक्ति को बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। नागरिकों ने आरोप लगाया कि नाले की सफाई के दौरान खुले मैनहोल के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे, जिससे यह दुखद हादसा हुआ।

    पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, संबंधित विभाग भी घटना के कारणों की जांच कर रहा है। इस हादसे के बाद मानसून के दौरान चल रहे नाला सफाई कार्यों में सुरक्षा मानकों और नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

  • मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर के तौर पर अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म, शहर को मिलेगी पहली महिला कमिश्नर

    मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर के तौर पर अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म, शहर को मिलेगी पहली महिला कमिश्नर

    मुंबई: राज्य का ध्यान खींच रहे मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर पद के लिए नाम कन्फर्म होने की बात सामने आई है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की खास और मेट्रो वुमन के नाम से मशहूर अश्विनी भिड़े का नाम मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर पद के लिए कन्फर्म हो गया है। अश्विनी भिड़े अभी मुख्यमंत्री की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रही हैं और पता चला है कि मंगलवार को उनके नाम का ऐलान किया जाएगा। मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी 31 मार्च को रिटायर होने वाले हैं। पता चला है कि अब उनकी जगह अश्विनी भिड़े को अपॉइंट किया जाएगा। अश्विनी भिड़े 1995 बैच की IAS ऑफिसर हैं और पहले भी कई अहम पदों पर काम कर चुकी हैं। सोमवार शाम को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे के बीच एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग में दो नाम चर्चा में थे, जिसमें असीम गुप्ता और अश्विनी भिड़े पर चर्चा हुई। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि आखिरकार अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म हो गया। अश्विनी भिड़े मुंबई मेट्रो काम: एकनाथ शिंदे के साथ एक घंटे तक चर्चा शुरुआत में ऐसी चर्चा थी कि राज्य के उपमुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने अश्विनी भिड़े के नाम का विरोध किया था। हालांकि, सोमवार रात को अश्विनी भिड़े ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। बताया गया है कि दोनों के बीच करीब एक घंटे तक चर्चा हुई। इसके बाद चर्चा है कि अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म हो गया। अश्विनी भिड़े मुख्यमंत्री के पक्ष में अधिकारी हैं और उन्होंने मुंबई मेट्रो और कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के निर्माण में महत्वपूर्ण काम किया है। अश्विनी भिड़े के साथ मिलिंद म्हैसकर, असीम गुप्ता, संजय मुखर्जी भी मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर के पद के लिए चर्चा में थे। हालांकि, खबर है कि इन तीनों अधिकारियों की वरिष्ठता को नजरअंदाज करके अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म किया गया। अश्विनी भिड़े को कमिश्नर के तौर पर पूरे तीन साल का समय मिलेगा। चर्चा है कि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में महिलाएं ही राज करेंगी क्योंकि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की मेयर एक महिला हैं और साथ ही कमिश्नर के तौर पर भी एक महिला को ही अपॉइंट किया जाएगा। पिछले कुछ समय से मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एडमिनिस्ट्रेशन में लगातार करप्शन हो रहा है। उस बैकग्राउंड में, कमिश्नर की ज़िम्मेदारी अश्विनी भिड़े के पास आने से उनके सामने म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन की इमेज सुधारने की एक बड़ी चुनौती होगी।

  • झोपड़पट्टी मुक्त होगा मुंबई , एकनाथ शिंदे का प्लान

    झोपड़पट्टी मुक्त होगा मुंबई , एकनाथ शिंदे का प्लान

    मुंबई|मुंबई को झोपड़पट्टी-मुक्त बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा और व्यापक अभियान शुरू करने का फैसला किया है। उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे शहरी जनकल्याण अभियान’ की घोषणा की है, जिसे Balasaheb Thackeray की जन्मशताब्दी के अवसर पर शुरू किया जा रहा है।

    इस योजना का उद्देश्य पुराने झोपड़पट्टी क्षेत्रों का तेज़ी से पुनर्विकास करना और नई झोपड़ियों के निर्माण पर सख्ती से रोक लगाना है।

    बड़े पैमाने पर पुनर्विकास

    सरकार ने समूह पुनर्विकास मॉडल को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके तहत ऐसे इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां कम से कम 50 एकड़ क्षेत्र में 51% से अधिक झोपड़पट्टियां मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में निजी, सरकारी और अर्ध-सरकारी जमीनों पर बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।

    योजना के तहत पहले विस्तृत सर्वे, बायोमेट्रिक डेटा संग्रह और क्षेत्र का सटीक मापन किया जाएगा। इसके बाद Brihanmumbai Municipal Corporation और Mumbai Metropolitan Region Development Authority जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर काम आगे बढ़ाया जाएगा।

    बेहतर घरों का वादा

    झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों को इस योजना से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पहले जहां 180 से 269 वर्गफुट तक के फ्लैट दिए जाते थे, अब सरकार 300 वर्गफुट के घर देने की तैयारी कर रही है। साथ ही पुराने प्रोजेक्ट्स को नए मानकों के अनुसार अपग्रेड भी किया जाएगा।

    ‘नेत्रम’ तकनीक से निगरानी

    नई झोपड़पट्टियों को रोकने के लिए सरकार ‘नेत्रम’ नामक आधुनिक तकनीक का उपयोग करेगी। इसमें सैटेलाइट इमेजरी, जीआईएस और डिजिटल डेटा की मदद से पूरे शहर पर नजर रखी जाएगी। हर चार महीने में उपग्रह से तस्वीरें लेकर यह जांच होगी कि कहीं अवैध निर्माण तो नहीं हो रहा। यदि ऐसा पाया जाता है, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

    मेंटेनेंस शुल्क में बदलाव

    ऊंची इमारतों के निर्माण को देखते हुए मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। प्रस्ताव के अनुसार:

    • 70 मीटर तक की इमारत: ₹1 लाख
    • 70 से 120 मीटर: ₹2 लाख
    • 120 मीटर से अधिक: ₹3 लाख

    इसके लिए विकास नियंत्रण एवं प्रोत्साहन नियम 2034 में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की गई है।

    सरकार का कहना है कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य मुंबई के लाखों लोगों को सुरक्षित, पक्के और बेहतर सुविधाओं वाले घर उपलब्ध कराना है, साथ ही शहर में अवैध बस्तियों के विस्तार को रोकना भी प्राथमिकता है। अगर यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो आने वाले समय में मुंबई का शहरी परिदृश्य काफी बदल सकता है।