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  • Bombay High Court: बम्बई उच्च न्यायालय को मिले छह नए स्थायी न्यायाधीश, केंद्र सरकार ने जारी की नियुक्ति अधिसूचना

    Bombay High Court: बम्बई उच्च न्यायालय को मिले छह नए स्थायी न्यायाधीश, केंद्र सरकार ने जारी की नियुक्ति अधिसूचना

    Bombay High Court: केंद्र सरकार ने बम्बई उच्च न्यायालय के छह अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की है। विधि एवं न्याय मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रपति ने संविधान के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए इन नियुक्तियों को मंजूरी प्रदान की है।

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    स्थायी न्यायाधीश बनाए गए न्यायाधीशों में निवेदिता प्रकाश मेहता, प्रफुल्ल सुरेंद्र कुमार खुबलकर, अश्विन दामोदर भोबे, रोहित वासुदेव जोशी, अद्वैत महेंद्र सेथना और प्रवीण शेषराव पाटिल शामिल हैं। ये सभी अब बम्बई उच्च न्यायालय में नियमित रूप से न्यायिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार इन नियुक्तियों से न्यायालय की कार्यक्षमता बढ़ेगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। न्यायपालिका में रिक्त पदों को भरने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • Pune Land Deal: क्या पुलिसअजित पवारके बेटे पार्थ पवार को पुणे भूमि सौदे मेंबचा रही है?:बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच पर उठाए तीखे सवाल

    Pune Land Deal: क्या पुलिसअजित पवारके बेटे पार्थ पवार को पुणे भूमि सौदे मेंबचा रही है?:बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच पर उठाए तीखे सवाल

    Mumbai/Pune:बॉम्बे हाई कोर्ट(Bombay High Court) ने बुधवार (10 दिसंबर) को पुणे के विवादास्पद भूमि सौदे(Pune Land Deal) की पुलिस जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। अदालत ने पूछा कि क्या पुलिस उपमुख्यमंत्री अजित पवार(Ajit Pawar) के बेटे पार्थ पवार को प्राथमिकी में नाम न जोड़कर उन्हें संरक्षण दे रही है?

    जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच शीतल तेजवानी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, इसी दौरान अदालत ने कहा कि कंपनी में अधिकतम साझेदारी पार्थ पवार की होने के बावजूद उन्हें एफआईआर(FIR Investigation) में नामजद नहीं किया गया है।

    न्यायाधीश ने सख्त सवाल किया —

    “क्या पुलिस उपमुख्यमंत्री के बेटे को बचा रही है और सिर्फ दूसरों की जांच कर रही है?”


    सरकारी वकील का जवाब

    लोक अभियोजक मनकुंवर देशमुख ने कहा कि पुलिस कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगी।

    जिस जमीन का सौदा हुआ वह पुणे के मुंधवा इलाके की 40 एकड़ भूमि है, जिसे 300 करोड़ रुपये में अमाडिया एंटरप्राइजेज LLP को बेचा गया था। इस कंपनी में पार्थ पवार(Parth Pawar) मुख्य भागीदार हैं।

    जांच तब शुरू हुई जब सामने आया कि यह जमीन सरकार की थी और बेची नहीं जा सकती थी।


    21 करोड़ स्टांप ड्यूटी से भी मिली छूट

    आरोप है कि कंपनी को 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी से भी छूट दी गई।
    एक समिति ने तीन लोगों को आरोपी बताया:

    • दिग्विजय पाटिल – पार्थ पवार के व्यावसायिक साझेदार व रिश्ते के भाई
    • शीतल तेजवानी – पावर ऑफ अटॉर्नी धारक
    • रविंद्र तारू – उप-पंजीयक

    क्यों नहीं जोड़ा गया पार्थ का नाम?

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पार्थ पवार का नाम किसी भी दस्तावेज़ में नहीं था, इसलिए उन्हें एफआईआर में शामिल नहीं किया गया।

    ईओडब्ल्यू ने शीतल तेजवानी को 3 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। वह 11 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में हैं।

    उसी भूमि सौदे पर बावधान थाने में दूसरी एफआईआर दर्ज होने के बाद तेजवानी ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की, लेकिन बाद में वापस ले ली।


    विपक्ष का आरोप: जमीन की कीमत 300 करोड़ से कई गुना ज्यादा

    विपक्ष ने दावा किया कि जमीन ‘महार वतन’ श्रेणी की थी और बिना सरकारी अनुमति उसके सौदे पर रोक होती है।
    वास्तविक कीमत 300 करोड़ से कहीं अधिक बताई जा रही है।


    CM देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा:

    “सरकार की शुरू से ही किसी को संरक्षण देने की नीति नहीं है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”

    उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणी पर उचित जवाब अदालत में दाखिल किया जाएगा और अब तक की तथा आगे की कार्रवाई की पूरी जानकारी कोर्ट को दी जाएगी।