Tag: CBI Investigation

  • BJP Demands CBI Probe: भाजपा ने सबरीमाला में सोने की चोरी की सीबीआई जांच और भक्तों पर दर्ज मामले वापस लेने की मांग की!

    BJP Demands CBI Probe: भाजपा ने सबरीमाला में सोने की चोरी की सीबीआई जांच और भक्तों पर दर्ज मामले वापस लेने की मांग की!

    BJP Demands CBI Probe: केरल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और 2018 के पारंपरिक आंदोलन के दौरान भक्तों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की मांग की है। चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री वीडी सतीसन को लिखे पत्र में सबरीमाला से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार से तुरंत दखल देने की मांग की।

    उन्होंने कहा कि ये दोनों मामले लाखों अयप्पा भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भाजपा नेता ने मंदिर में सोने की चोरी का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने मंदिर की संपत्ति की सुरक्षा, जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर भक्तों के मन में गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। उन्होंने कहा कि केवल सीबीआई ही स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित कर सकती है, सच्चाई सामने ला सकती है और मंदिर के प्रशासन में जनता का भरोसा बहाल कर सकती है।

    चंद्रशेखर ने उन अयप्पा भक्तों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों को बिना शर्त वापस लेने की भी मांग की, जिन्होंने मंदिर के रीति-रिवाजों और परंपराओं की रक्षा के लिए आंदोलन में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि भक्तों ने लंबे समय से चली आ रही धार्मिक प्रथाओं की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया था और ऐसा करने के लिए उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए।

    चंद्रशेखर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लाखों अयप्पा भक्तों की आस्था और सबरीमाला से जुड़ी सदियों पुरानी परंपराओं में बार-बार दखल दिया गया है। वर्ष 2018 में शुरू हुई घटनाओं ने देशभर के भक्तों को गहरा भावनात्मक दुख पहुंचाया है और उनके मन पर गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि 2025 में सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी ने मंदिर और उसकी पवित्र संपत्ति की सुरक्षा को लेकर भक्तों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

  • Bribery Case: तीन करोड़ की रिश्वत मामले में दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर गिरफ्तार

    Bribery Case: तीन करोड़ की रिश्वत मामले में दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर गिरफ्तार

    Bribery Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में तैनात निरीक्षक प्रदीप सिंह को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने सीबीआई के मामलों में राहत दिलाने के नाम पर तीन करोड़ रुपये की रिश्वत की साजिश में अहम भूमिका निभाई।

    जांच एजेंसी के अनुसार, यह रिश्वत पुड्डुचेरी के एक आरोपी और उसके सहयोगी से कथित तौर पर सीबीआई मामलों में अनुकूल कार्रवाई कराने के बदले मांगी गई थी। आरोप है कि निरीक्षक प्रदीप सिंह ने दोनों आरोपियों की मुलाकात एक वरिष्ठ लोक सेवक से कराई, जिसने जांच एजेंसी में प्रभाव होने का दावा करते हुए मामलों में राहत दिलाने के लिए तीन करोड़ रुपये की मांग की।

    सीबीआई के मुताबिक, पुड्डुचेरी निवासी एन. राजा उर्फ राजशेखर और उसके सहयोगी राजकुमार उर्फ मधनराज इस कथित साजिश में शामिल थे। राजकुमार कथित तौर पर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।

    जांच में सामने आया कि मई महीने में दिल्ली के एरोसिटी क्षेत्र में हुई एक बैठक के दौरान रिश्वत की मांग को अंतिम रूप दिया गया था। इसके बाद रकम पहुंचाने के लिए हवाला नेटवर्क का सहारा लिया गया। आरोपियों ने दिल्ली तक धन पहुंचाने के लिए चेन्नई के एक हवाला कारोबारी से संपर्क किया था।

    सीबीआई को सूचना मिली थी कि रिश्वत की पहली किस्त 8 जून को दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में सौंपी जानी है। सूचना के आधार पर एजेंसी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और निरीक्षक प्रदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

    सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क, कथित वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका और रिश्वत लेन-देन के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

  • NEET Controversy: विवाद पर संसदीय समिति सख्त, एनटीए अधिकारियों से पूछे गए तीखे सवाल!

    NEET Controversy: विवाद पर संसदीय समिति सख्त, एनटीए अधिकारियों से पूछे गए तीखे सवाल!

    NEET Controversy: नीट-यूजी परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच संसदीय समिति की बैठक में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों से कड़े सवाल किए गए। सांसदों ने पूछा कि यदि पेपर लीक नहीं हुआ था, तो परीक्षा को रद्द करने और दोबारा आयोजित करने की जरूरत क्यों पड़ी।

    बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें शिक्षा सचिव विनीत जोशी भी शामिल थे, मौजूद रहे। इस दौरान एनटीए अधिकारियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

    संबंधित ख़बरें: Delhi Metro Services on Sunday: यूपीएससी की परीक्षा के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रविवार को जल्दी शुरू करेगी ट्रेन सेवाएं!

    सूत्रों के अनुसार, जब सांसदों ने परीक्षा रद्द करने के फैसले पर स्पष्ट जवाब मांगा, तो एनटीए के महानिदेशक ने कहा कि मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। विपक्षी सांसदों ने जांच रिपोर्ट समिति के सामने रखने की मांग भी उठाई।

    एनटीए अधिकारियों ने दावा किया कि राधाकृष्णन रिपोर्ट में सुझाए गए करीब 70 प्रतिशत तात्कालिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। साथ ही भविष्य में नीट परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

    बैठक में एनटीए में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी में करीब 25 प्रतिशत पद खाली हैं और भर्ती प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा में 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था, जबकि अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।

  • NEET Paper Leak: 10वीं गिरफ्तारी के बाद जांच तेज, लातूर कनेक्शन सामने आया!

    NEET Paper Leak: 10वीं गिरफ्तारी के बाद जांच तेज, लातूर कनेक्शन सामने आया!

    NEET Paper Leak: पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर शहर से एक कोचिंग संचालक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के रूप में हुई है, जो “रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC)” नाम से कोचिंग संस्थान चलाता है। रविवार को एजेंसी द्वारा की गई तलाशी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा का एक लीक हुआ प्रश्न पत्र मिला था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    मोबाइल में मिला नीट का लीक पेपर
    सीबीआई ने रविवार को आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से कथित तौर पर नीट यूजी परीक्षा का लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ। इसके बाद एजेंसी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी का आरोप है कि शिवराज मोटेगांवकर उस संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था, जो नीट यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने और उसे फैलाने में शामिल था।

    संबंधित ख़बरें: Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Project: परियोजना के लिए भारतीय रेलवे ट्रैक पर 130 मीटर लंबे स्टील ब्रिज का निर्माण किया गया!

    23 अप्रैल को ही मिल गया था प्रश्नपत्र
    सीबीआई के अनुसार, आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नीट यूजी परीक्षा से पहले ही 23 अप्रैल 2026 को प्रश्नपत्र और उसके उत्तर प्राप्त कर लिए थे। इसके बाद उसने यह पेपर कई लोगों तक पहुंचाया। फिलहाल सीबीआई मामले की जांच में जुटी हुई है और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

    अब तक 10 गिरफ्तारियां
    पेपर लीक मामले में सीबीआई अब तक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर समेत 10 गिरफ्तारियां कर चुकी हैं। मोटेगांवकर के अलावा अब तक मनीषा गुरुनाथ मांधरे, प्रो. पी.वी. कुलकर्णी, मांगीलाल बीवाल, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल, यश यादव, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे की गिरफ्तारी हो चुकी है।