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  • Congress’s Organizational Strength: भारी बारिश में भी ठाणे कांग्रेस की ऑर्गनाइज़ेशनल ताकत; SIR कैंपेन ट्रेनिंग में वर्कर्स की रिकॉर्ड मौजूदगी!

    Congress’s Organizational Strength: भारी बारिश में भी ठाणे कांग्रेस की ऑर्गनाइज़ेशनल ताकत; SIR कैंपेन ट्रेनिंग में वर्कर्स की रिकॉर्ड मौजूदगी!

    Congress’s Organizational Strength: आने वाले पॉलिटिकल डेवलपमेंट और ऑर्गनाइज़ेशनल बिल्डिंग के बीच, ठाणे सिटी डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस कमेटी ने SIR कैंपेन के तहत एक ट्रेनिंग कैंप लगाया, जिसे वर्कर्स से अचानक रिस्पॉन्स मिला। भारी बारिश के बावजूद, बड़ी संख्या में ऑफिस बेयरर्स और वर्कर्स शामिल हुए और ऑर्गनाइज़ेशन को मज़बूत करने का अपना इरादा दिखाया।

    महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गाइडेंस में लगे इस कैंप में ट्रेनर डॉ. निमिष साने ने कैंपेन के मकसद, बूथ लेवल प्लानिंग, वोटर्स के साथ असरदार कम्युनिकेशन, ऑर्गनाइज़ेशनल डिसिप्लिन और आने वाले काम के तरीकों पर डिटेल में गाइडेंस दी। ट्रेनिंग के दौरान, वर्कर्स ने कई सवाल उठाए और कैंपेन को लागू करने के बारे में गहराई से चर्चा की।

    प्रोग्राम की शुरुआत में, ठाणे सिटी डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल पिंगले ने पूर्व मुख्यमंत्री वसंतराव नाइक को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उसके बाद, उन्होंने मौजूद वर्कर्स से ऑर्गनाइज़ेशन को और मज़बूत करने के लिए एक्टिव होकर काम करने की अपील की।

    कैंप में BLA-2, रीजनल ऑफिस बेयरर्स, रीजनल मेंबर्स, डिविजनल कोऑर्डिनेटर्स समेत सभी लेवल के बड़ी संख्या में ऑफिस बेयरर्स और एक्टिविस्ट्स ने हिस्सा लिया। ट्रेनिंग से एक्टिविस्ट्स में एक नया जोश आया है और मौजूद लोगों ने कहा कि यह कैंप आने वाली ऑर्गेनाइजेशनल एक्टिविटीज़ को और असरदार तरीके से लागू करने के लिए ज़रूरी होगा।

    जिस वफादारी और अनुशासन के साथ एक्टिविस्ट्स ने मुश्किल हालात में भी ट्रेनिंग में हिस्सा लिया, वह ठाणे कांग्रेस की ऑर्गेनाइजेशनल ताकत को दिखाता है। हमारा अगला लक्ष्य हर बूथ को मज़बूत बनाना, एक्टिविस्ट्स को ट्रेन करना और जनता से लगातार बातचीत बनाए रखना है। आने वाले दिनों में ऐसे ट्रेनिंग कैंप लगातार लगाए जाएंगे।

  • Harshvardhan Sapkal: सरकार किसानों को भुल गई है और किए वादे हुए खोखले; हर्षवर्धन सपकाळ ने लगाए मोदी सरकार पर इल्जाम!

    Harshvardhan Sapkal: सरकार किसानों को भुल गई है और किए वादे हुए खोखले; हर्षवर्धन सपकाळ ने लगाए मोदी सरकार पर इल्जाम!

    Harshvardhan Sapkal: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में किसानों की हालत बदतर हुई है और फसलों के दाम लगातार गिरते गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा भी भुला दिया गया है।

    नांदेड़ में आयोजित किसान मेले और भव्य ‘आसूड मार्च’ के दौरान सपकाळ ने कहा कि “सोने का नाटक करने वाली किसान विरोधी सरकार को जगाने के लिए आसूड उठाना पड़ा है।” उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर युवाओं, किसानों और महिलाओं के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया।

    सपकाळ ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की कथित ‘दैवी शक्ति’ किसानों, युवाओं और महिलाओं की समस्याएं हल करने में कहीं दिखाई नहीं देती, बल्कि सिर्फ राजनीतिक विरोधियों को तोड़ने में नजर आती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बड़े मियाँ तो बड़े मियाँ, छोटे मियाँ सुभान अल्लाह।”

    इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, पेट्रोल-डीजल और गैस के दामों में वृद्धि तथा किसानों की बदहाल स्थिति को लेकर भाजपा सरकार को घेरा। सपकाळ ने आरोप लगाया कि सरकार कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि आम जनता को नजरअंदाज किया जा रहा है।

    कार्यक्रम के बाद सैकड़ों किसानों ने बैलगाड़ियों और ट्रैक्टरों के साथ जिला कलेक्टर कार्यालय तक आसूड मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इससे पहले सपकाळ ने आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और प्रशासन से मदद की मांग की।

  • BEST Employees’ Strike: बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल के लिए भाजपा महायुति सरकार जिम्मेदार: वर्षा गायकवाड

    BEST Employees’ Strike: बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल के लिए भाजपा महायुति सरकार जिम्मेदार: वर्षा गायकवाड

    BEST Employees’ Strike: मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली बेस्ट सेवा के ठप होने पर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड ने भाजपा महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार की निष्क्रियता और गलत नीतियों के कारण बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल हुई, जिससे लाखों मुंबईकरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    वर्षा गायकवाड ने कहा कि जब लाखों लोग रोजाना काम पर जाने के लिए घरों से निकलते हैं, ऐसे समय में बेस्ट सेवा ठप होना बेहद गंभीर स्थिति है। लोगों को घंटों सड़कों पर इंतजार करना पड़ा, लेकिन सरकार समय रहते कोई कदम नहीं उठा सकी।

    उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से बेस्ट कर्मचारियों की मांगों को लंबित रखा गया, ठेका प्रथा और निजीकरण को बढ़ावा दिया गया और कर्मचारियों की चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया। जब स्थिति बिगड़ गई, तब सरकार ने मेस्मा जैसे कानून का सहारा लेने की कोशिश की।

    सांसद गायकवाड ने सवाल उठाया कि जब प्रशासन को पहले से हड़ताल की आशंका थी, तो समय रहते बातचीत कर समाधान क्यों नहीं निकाला गया? क्या सरकार मुंबईकरों को परेशान होने का इंतजार कर रही थी?

    उन्होंने सरकार से मांग की कि वह तुरंत हस्तक्षेप कर कर्मचारी संगठनों के साथ सकारात्मक बातचीत करे और लंबित मांगों पर त्वरित निर्णय लेकर बेस्ट सेवा को जल्द से जल्द बहाल करे।

    इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार को मुंबईकरों की सहनशीलता की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बचाने को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि निजीकरण के एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहिए।

  • Jharkhand Rajya Sabha Election: बैजनाथ राम और परिमल नाथवानी विजयी, कांग्रेस के प्रणव झा को हार

    Jharkhand Rajya Sabha Election: बैजनाथ राम और परिमल नाथवानी विजयी, कांग्रेस के प्रणव झा को हार

    Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैजनाथ राम और निर्दलीय प्रत्याशी व एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी ने जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार प्रणव झा को पराजय का सामना करना पड़ा।

    मतगणना के अनुसार, बैजनाथ राम को प्रथम वरीयता के 31 वोट मिले, जबकि परिमल नाथवानी के पक्ष में 28 मत पड़े। कांग्रेस के प्रणव झा को 19 वोट प्राप्त हुए। चुनाव के दौरान डाले गए तीन मत अमान्य घोषित किए गए।

    राज्यसभा चुनाव के लिए झारखंड विधानसभा के सभी 81 विधायकों ने मतदान किया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना संपन्न हुई, जिसके बाद दोनों विजयी उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा की गई।

    इस चुनाव में झामुमो के बैजनाथ राम, कांग्रेस समर्थित प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी मैदान में थे। तीन प्रत्याशियों के चुनावी मुकाबले ने राजनीतिक हलकों में खास दिलचस्पी पैदा कर दी थी। परिणाम घोषित होने के साथ ही चुनाव को लेकर लगाई जा रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया।

    बैजनाथ राम की जीत को सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, एनडीए के समर्थन से चुनाव लड़ रहे परिमल नाथवानी तीसरी बार झारखंड से राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं। दूसरी ओर, बैजनाथ राम पहली बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। नतीजों के बाद दोनों खेमों में जश्न का माहौल देखा गया।

  • Jharkhand Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड में सियासी हलचल तेज, दूसरी सीट पर दिलचस्प मुकाबले की उम्मीद

    Jharkhand Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड में सियासी हलचल तेज, दूसरी सीट पर दिलचस्प मुकाबले की उम्मीद

    Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को विधानसभा परिसर में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान से पहले राजधानी रांची में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर पहुंच गई हैं और सभी दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटे हुए हैं।

    सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही चुनावी गणित को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार रणनीतिक बैठकों का दौर चला रहे हैं। एनडीए के विधायक रांची स्थित एक होटल में ठहरे हुए हैं, जबकि इंडिया गठबंधन के विधायक मुख्यमंत्री आवास और अन्य निर्धारित स्थानों पर बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं।

    मंगलवार शाम मुख्यमंत्री आवास में इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें 54 विधायकों ने भाग लिया। विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो और माले विधायक अरूप चटर्जी बैठक में उपस्थित नहीं रहे, हालांकि दोनों ने गठबंधन उम्मीदवारों का समर्थन करने का भरोसा जताया है। बैठक के दौरान कराए गए मॉक मतदान में झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम को 29 और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 27 वोट मिलने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं।

    बुधवार को भी महागठबंधन के नेताओं ने बैठक कर चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया। कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए कई वरिष्ठ नेताओं को रांची में तैनात किया है। प्रदेश प्रभारी के. राजू, सह प्रभारी सिरी बेला प्रसाद, सांसद नासिर हुसैन, राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह तथा पर्यवेक्षक अजय शर्मा लगातार बैठकों में शामिल हो रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भी रांची पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

    चुनाव के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने पोलिंग और काउंटिंग एजेंटों की नियुक्ति भी कर दी है, जो मतदान और मतगणना प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।

    उल्लेखनीय है कि जिन दो सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें एक सीट झामुमो संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त हुई थी, जबकि दूसरी सीट भाजपा नेता दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हुई है।

    इन सीटों के लिए कुल तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इंडिया गठबंधन ने झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी भी चुनावी मुकाबले में हैं।

    विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए बैजनाथ राम की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है। हालांकि दूसरी सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि क्रॉस वोटिंग, अमान्य मत या किसी विधायक की अनुपस्थिति जैसे कारक चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।

    मतदान समाप्त होने के बाद गुरुवार शाम पांच बजे से मतगणना शुरू होगी। इसके बाद सामने आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि राज्यसभा की दूसरी सीट पर किस दल की रणनीति सफल रही और झारखंड की राजनीति में किसे बढ़त हासिल होती है।

  • Harshvardhan Sapkal: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, चुनाव दोबारा कराने की मांग

    Harshvardhan Sapkal: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, चुनाव दोबारा कराने की मांग

    Harshvardhan Sapkal: मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र कथित रूप से गलत तरीके से रद्द कर भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग की मदद से राज्यसभा की सीट हासिल की है। अब जिस नोटिस के आधार पर उनका नामांकन खारिज किया गया था, उसे तेलंगाना की अदालत ने ही निरस्त कर दिया है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव रद्द कर पुनः चुनाव कराए जाने चाहिए तथा नटराजन का नामांकन रद्द करने वाले निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, यह मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।

    टिलक भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में सपकाल ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा चुनाव आयोग की सहायता से पहले वोट चोरी कर रही थी, अब सीट चोरी का काम भी कर रही है। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाकर उनका नामांकन रद्द किया गया, जबकि जिस फॉर्म-26 के आधार पर यह कार्रवाई की गई, उसमें संबंधित जानकारी दर्ज करने के लिए कोई कॉलम ही नहीं था। ऐसे में जानकारी छिपाने का आरोप पूरी तरह निराधार साबित होता है।

    सपकाल ने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय में भी उठाया था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाने के कारण न्यायालय ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अब तेलंगाना की अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि जिस नोटिस के आधार पर कार्रवाई की गई थी, वह नोटिस ही गलत थी और उसका मीनाक्षी नटराजन से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि भाजपा में यदि थोड़ी भी नैतिकता शेष है तो उसे मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव दोबारा कराना चाहिए।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार की किसान कर्जमाफी योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार द्वारा घोषित कर्जमाफी योजना किसानों के साथ धोखा है। योजना में लगाई गई कठोर और जटिल शर्तों के कारण लाखों किसान इसके लाभ से वंचित रह जाएंगे। किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी और सात-बारा कोरा करने की मांग को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने पंढरपुर में अनशन शुरू किया है, जिसे कांग्रेस पार्टी का पूर्ण समर्थन प्राप्त है।

    सपकाल ने कहा कि रोहित पवार द्वारा उठाई गई मांगें किसानों के हित में हैं और सरकार को उन्हें तत्काल स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे स्वयं पंढरपुर जाकर रोहित पवार के समर्थन में अनशन पर बैठेंगे और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष में सहभागी बनेंगे। पत्रकार परिषद में कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक अनंत गाडगीळ भी उपस्थित थे। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण को लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर हमला बताते हुए भाजपा और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।

  • Harshvardhan Sapkal: मुख्यमंत्री फडणवीस के दावे झूठे, किसान परेशान और भाजपा ‘कांग्रेसयुक्त’ हो गई है: हर्षवर्धन सपकाल

    Harshvardhan Sapkal: मुख्यमंत्री फडणवीस के दावे झूठे, किसान परेशान और भाजपा ‘कांग्रेसयुक्त’ हो गई है: हर्षवर्धन सपकाल

    Harshvardhan Sapkal: महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि गरीबी रेखा और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लेकर उनके दावे पूरी तरह झूठे और हास्यास्पद हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री को झूठ बोलने के लिए नोबेल पुरस्कार दिया जाना चाहिए।

    तिलक भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में सपकाल ने कहा कि मुख्यमंत्री एक ओर देश से गरीबी समाप्त होने का दावा करते हैं, जबकि दूसरी ओर केंद्र सरकार आज भी 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है। यदि गरीबी समाप्त हो चुकी है तो इतने बड़े पैमाने पर राशन लेने वाले लोग कौन हैं, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग का गठन कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के कार्यकाल में किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ने उसकी सिफारिशों को लागू नहीं किया। किसानों को आज भी प्याज, सोयाबीन, कपास, अरहर और चना जैसी फसलों का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपने 12 वर्षों के कार्यकाल की श्वेत पत्रिका जारी कर उपलब्धियों का वास्तविक ब्यौरा देने की मांग की।

    खरीफ सीजन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में बीजों और उर्वरकों की कमी है तथा किसानों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार स्थिति को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार को “आंख, कान और मुंह बंद रखने वाली सरकार” बताया।

    कांग्रेस को डूबता जहाज बताए जाने संबंधी मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाल ने कहा कि कांग्रेस देश की आशा और लोकतंत्र की मजबूत नींव है। भाजपा को चुनौती देने की क्षमता केवल कांग्रेस में है। उन्होंने कहा कि 2014 में “कांग्रेस मुक्त भारत” का नारा देने वाली भाजपा आज स्वयं “कांग्रेसयुक्त” बन चुकी है, क्योंकि उसके साथ बड़ी संख्या में पूर्व कांग्रेसी नेता जुड़े हुए हैं। इस अवसर पर नांदेड़ के सांसद रविंद्र चव्हाण, कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपाल तिवारी तथा हनुमंत पवार भी उपस्थित थे।

  • Talavpali murder: अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, ठाणे के लोग डरे हुए हैं तलावपाली मर्डर के बाद कांग्रेस का हमला!

    Talavpali murder: अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, ठाणे के लोग डरे हुए हैं तलावपाली मर्डर के बाद कांग्रेस का हमला!

    Talavpali murder: तलावपाली इलाके में हुई चौंकाने वाली मर्डर की घटना के बाद, ठाणे जिला शहर कांग्रेस ने शहर में बढ़ते क्राइम और ड्रग्स के इस्तेमाल के खिलाफ़ एलगार का आह्वान किया है। नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए, कांग्रेस ने प्रशासन से तुरंत कदम उठाने की मांग की है।घटना के बाद, कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन, ठाणे मनपा और अतिक्रमण के अधिकारियों के साथ तलावपाली इलाके का दौरा किया।

    इस दौरान, इलाके में संदिग्ध हरकतों, ड्रग्स के आदी लोगों, ड्रग्स बेचने वालों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ़ तुरंत कार्रवाई की मांग की गई।तलावपाली जैसी भीड़भाड़ वाली और ज़रूरी जगह पर हुई मर्डर की घटना से नागरिकों में डर का माहौल बन गया है, और कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था को मज़बूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। इलाके में 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी, पेट्रोलिंग बढ़ाने, असरदार CCTV नेटवर्क और ड्रग्स के खिलाफ़ एक खास कैंपेन चलाने की भी मांग की गई।

    कांग्रेस ने कहा, “ठाणेकरों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शहर में बढ़ते क्राइम और ड्रग माफिया के असर को रोकने के लिए प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।साथ ही, चेतावनी दी गई कि अगर प्रशासन नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने में नाकाम रहता है और मांगों को नज़रअंदाज़ किया जाता है, तो कांग्रेस एक मज़बूत जन आंदोलन शुरू करेगी। अपराधियों का आतंक और नागरिकों के डर की तस्वीर ठाणे को मंज़ूर नहीं है। अगर प्रशासन नहीं जागा, तो कांग्रेस उन्हें जगाए बिना नहीं रुकेगी।

  • Congress Protest: दलित और अल्पसंख्यक मुद्दों को लेकर कांग्रेस 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर करेगी प्रदर्शन

    Congress Protest: दलित और अल्पसंख्यक मुद्दों को लेकर कांग्रेस 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर करेगी प्रदर्शन

    Congress Protest: कांग्रेस ने दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी अभियान तेज करने का फैसला किया है। पार्टी ने घोषणा की है कि 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न राज्यों से पार्टी कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और समुदायों के सदस्य शामिल होंगे।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और समान अवसरों से जुड़े कई मुद्दे लगातार सामने आए हैं। पार्टी का आरोप है कि इन वर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसी को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने और अपनी मांगों को मजबूती से रखने के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।

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    प्रदर्शन के दौरान शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, आरक्षण व्यवस्था की सुरक्षा, अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कथित भेदभाव और उत्पीड़न से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि संविधान में दिए गए समानता और न्याय के सिद्धांतों की रक्षा के लिए आवाज उठाना आवश्यक है और इसी उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

    पार्टी ने अपने सभी प्रदेश इकाइयों और सहयोगी संगठनों से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनाने का प्रयास होगा। पार्टी ने कहा कि वह आने वाले समय में भी जनहित और सामाजिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

  • CUET-UG 2026: परीक्षा विवाद पर बढ़ा राजनीतिक घमासान; विपक्ष ने सरकार और NTA को घेरा!

    CUET-UG 2026: परीक्षा विवाद पर बढ़ा राजनीतिक घमासान; विपक्ष ने सरकार और NTA को घेरा!

    CUET-UG 2026: परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी के बाद देश की राजनीति भी गर्मा गई है। परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर सर्वर और तकनीकी समस्याओं के कारण छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है।

    कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का आरोप है कि देश की प्रमुख प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। विपक्ष का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में NEET, CUET, SSC और अन्य परीक्षाओं को लेकर कई विवाद सामने आए हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।

    कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने सरकार को घेरते हुए कहा कि लाखों छात्र कठिन मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली तकनीकी और प्रशासनिक विफलताएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।

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    विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसियां छात्रों को सुचारू और निष्पक्ष परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराने में विफल रही हैं। उनका कहना है कि बार-बार होने वाली गड़बड़ियों से युवाओं का भरोसा कमजोर हो रहा है।

    वहीं, NTA ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी समस्या सीमित केंद्रों पर हुई थी और प्रभावित छात्रों को पूरा अवसर देने के लिए पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी। एजेंसी का कहना है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी।

    शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली की तैयारियों और तकनीकी क्षमता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर भी चर्चा का विषय बन सकता है।