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  • Python Hatchling Found: रेलवे इंजन में मिला अजगर का बच्चा, CSMT पर सुरक्षित रेस्क्यू!

    Python Hatchling Found: रेलवे इंजन में मिला अजगर का बच्चा, CSMT पर सुरक्षित रेस्क्यू!

    Python Hatchling Found: बुधवार देर रात एक अनोखी घटना सामने आई, जब एक रेलवे इंजन के अंदर अजगर प्रजाति का एक छोटा सर्प (पिल्ला) पाया गया। इस अप्रत्याशित घटना से कुछ समय के लिए हलचल मच गई, हालांकि समय रहते की गई कार्रवाई से स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया।

    जानकारी के अनुसार, यह मामला मध्यरात्रि के दौरान सामने आया, जब रेलवे कर्मचारियों की नजर इंजन के भीतर मौजूद अजगर के बच्चे पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कर्मचारियों ने तुरंत सर्पमित्रों से संपर्क किया।

    सूचना मिलते ही मानद प्राणी कल्याण अधिकारी अभिषेक अशोक ठावरे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरी सावधानी और विशेषज्ञता के साथ रात करीब 1:40 बजे अजगर के बच्चे को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। इस तत्पर कार्रवाई के कारण न केवल वन्यजीव की जान बचाई जा सकी, बल्कि रेलवे सेवाओं को भी बिना किसी बाधा के जारी रखा गया।

    रेस्क्यू के बाद अजगर के बच्चे को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। बताया जाता है कि भारत में पाया जाने वाला इंडियन रॉक पायथन एक बिनविषैला सर्प है, जो वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित प्रजाति है और पर्यावरण के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, इन दिनों अजगरों के प्रजनन के बाद अंडों से बच्चों के बाहर निकलने का समय होता है, जिसके चलते उनकी गतिविधियां बढ़ जाती हैं। साथ ही, मुंबई और महाराष्ट्र में मानसून की शुरुआत के कारण वन्यजीव अक्सर सुरक्षित स्थान या आश्रय की तलाश में मानव बस्तियों की ओर रुख कर लेते हैं। संभावना है कि यह अजगर का बच्चा भी बारिश से बचने या आश्रय की तलाश में इंजन में घुस गया हो।

    अभिषेक ठावरे ने नागरिकों से अपील की है कि यदि इस प्रकार की कोई घटना सामने आए, तो घबराएं नहीं और न ही सर्प को पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित सर्पमित्रों से संपर्क करना चाहिए, ताकि वन्यजीव और मानव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    इस पूरे घटनाक्रम में रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और सर्पमित्रों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है, जिनकी बदौलत एक ओर अजगर के बच्चे की जान बची और दूसरी ओर रेल सेवाएं भी सुचारू रूप से चलती रहीं।

  • CSMT Redevelopment: प्लेटफॉर्म 16-17 ब्लॉक बढ़ा, कई ट्रेनें दादर-ठाणे तक सीमित

    CSMT Redevelopment: प्लेटफॉर्म 16-17 ब्लॉक बढ़ा, कई ट्रेनें दादर-ठाणे तक सीमित

    CSMT Redevelopment: छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के पुनर्विकास कार्य के तहत रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों को गति देने के लिए मध्य रेलवे ने प्लेटफॉर्म क्रमांक 16 और 17 पर लागू ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके चलते कई मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों को निर्धारित गंतव्य सीएसएमटी के बजाय दादर और ठाणे स्टेशन तक ही संचालित किया जाएगा।

    मध्य रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्लेटफॉर्म क्रमांक 16 पर ट्रैफिक और पावर ब्लॉक की अवधि 14 जून 2026 से 5 अगस्त 2026 तक बढ़ाई गई है, जबकि प्लेटफॉर्म क्रमांक 17 पर ब्लॉक 14 जून 2026 से 8 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा। इससे पहले भी इस कार्य के लिए कई बार ब्लॉक की अवधि बढ़ाई जा चुकी है।

    रेलवे प्रशासन ने बताया कि प्लेटफॉर्म 16 और 17 पर चल रहे फाउंडेशन तथा अन्य आधारभूत संरचना संबंधी कार्य सीएसएमटी के महत्वाकांक्षी पुनर्विकास परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हीं कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए ब्लॉक जारी रखना आवश्यक है।

    ब्लॉक अवधि के दौरान हावड़ा-सीएसएमटी एक्सप्रेस, कोणार्क एक्सप्रेस, नंदीग्राम एक्सप्रेस, अमरावती एक्सप्रेस, बिदर-सीएसएमटी एक्सप्रेस, लातूर-सीएसएमटी एक्सप्रेस तथा तेजस एक्सप्रेस जैसी कई प्रमुख ट्रेनें दादर स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट होंगी। वहीं मंगळुरू-सीएसएमटी एक्सप्रेस को ठाणे स्टेशन तक ही संचालित किया जाएगा।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें और उसी के अनुसार यात्रा की योजना बनाएं। रेलवे ने इस दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए सहयोग की अपेक्षा की है। सीएसएमटी पुनर्विकास परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्वस्तरीय स्टेशन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।