Tag: Digital India

  • Digital Tourism: पर्यटन मंत्रालय और गूगल इंडिया में डिजिटल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए समझौता!

    Digital Tourism: पर्यटन मंत्रालय और गूगल इंडिया में डिजिटल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए समझौता!

    Digital Tourism: पर्यटन मंत्रालय ने भारत के पर्यटन स्थलों के डिजिटल प्रचार-प्रसार को मजबूत करने के लिए इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये। आधिकरिक सूचना के अनुसार मंगलवार को यहां पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में इस समझौते के दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान किया गया।

    इस मौके पर शेखावत ने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकियां भारत के सांस्कृतिक स्थलों की भव्यता और गौरव को दुनिया के सामने आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता रखती हैं। उनका कहना था कि अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग से पर्यटक भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को नये तरीके से खोज और अनुभव कर सकेंगे।

    मंत्रालय ने बताया कि इस समझौते के तहत दोनों पक्ष डिजिटल पर्यटन प्रचार, ज्ञान साझाकरण, क्षमता निर्माण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग के क्षेत्र में सहयोग करेंगे। गूगल भारत के पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन अनुभवों की घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल पहुंच बढ़ाने में अपनी विशेषज्ञता उपलब्ध करायेगा।

    समझौते के तहत वैश्विक यात्रा रुझानों, पर्यटकों के व्यवहार और डिजिटल सहभागिता से जुड़े गूगल के आंकड़ों का उपयोग साक्ष्य-आधारित पर्यटन प्रचार रणनीति तैयार करने में किया जायेगा। साथ ही मंत्रालय के अधिकारियों को डिजिटल मार्केटिंग, अभियान प्रबंधन, कंटेंट निर्माण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी नयी तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।
    मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह सहयोग गैर-व्यावसायिक, गैर-बाध्यकारी और गैर-विशिष्ट है तथा इससे किसी भी पक्ष पर कोई वित्तीय दायित्व नहीं पड़ेगा।

  • Artificial Intelligence: अब एआई बताएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं, 40 साल पुरानी रेलवे आरक्षण प्रणाली में बड़ा बदलाव!

    Artificial Intelligence: अब एआई बताएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं, 40 साल पुरानी रेलवे आरक्षण प्रणाली में बड़ा बदलाव!

    Artificial Intelligence: भारतीय रेलवे का 40 साल पुराना यात्री आरक्षण प्रणाली पूरी तरह से बदल जाएंगी और नयी प्रणाली आपको कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) की मदद से बताने लगेगी कि आपका वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं। इस सिलसिले में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को यहां स्थित रेल भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस बात का ख्याल रखें कि उन्नत प्रणाली पर गाड़ियों के स्थानांतरण के समय यात्रियों को परेशानी न हो।

    इस बैठक में रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह बिट्टू भी उपस्थित थे। रेलवे की ओर से गुरुवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार 1986 में शुरू हुई इस प्रणाली में पिछले 40 साल में कई छोटे बदलाव किए गये हैं, लेकिन अब इसमें आमूलचूल परिवर्तन किया गया है। अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर इसके क्षमता का विस्तार किया गया है।

    रेलवे के अनुसार रेल आरक्षण प्रणाली ने कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखे हैं। वर्ष 2002 में भारतीय रेलवे ने टिकटिंग में इंटरनेट का प्रयोग शुरू किया। आज यह प्रणाली इतनी लोकप्रिय है कि देश की ज्यादातर आबादी खिड़की की ओर रुख नहीं करती। मौजूदा समय में देश में लगभग 88 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक किये जाते हैं।

    संबंधित खबरें: Assam Spices: असम के मसालों से आएगी गुजराती मसालों की खुशबू, महेसाणा से अजारा के लिए रवाना हुई पहली मालगाड़ी!

    वहीं, भारतीय रेल का मोबाइल ऐप रेलवन यात्रियों के बीच बड़ी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। रेलवन ऐप की शुरुआत पिछले साल जुलाई में हुई थी। एक साल से कम समय में ही देशभर में अब तक 3.5 करोड़ लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं। रेलवे ने कहा है कि आज जब आप अपनी टिकट बनाते हैं, तो रेलवन ऐप आपको यह बताता है कि आपकी वेटिंग में दिख रही टिकट कन्फर्म होगी या नहीं।

    टिकट के कन्फर्म होने की सटीक संभावना भी अब आपको एआई के माध्यम से रेलवन ऐप बताने लगेगा। यह नई सुविधा इस साल की शुरुआत से ही लागू की गई है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं। रेलवन ऐप पर वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने के अनुमान की सटीकता पहले के 53 प्रतिशत से बढ़कर अब 94 प्रतिशत तक पहुँच गई है।

    यह ऐप आपको यह विकल्प देता है कि आपकी सीट तक आपका मनपसंद खाना पहुँच सके। आरामदायक एवं सेवापरक सुविधाओं से लैस यह रेलवन ऐप तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। रेलवे ने कहा है कि रोज़ाना इस ऐप के माध्यम से देशभर में 9.29 लाख टिकटें बुक हो रही हैं। इनमें 7.2 लाख टिकटें अनारक्षित तथा अन्य 2.09 लाख आरक्षित टिकटें हैं।

    अनारक्षित टिकटों में प्लेटफॉर्म टिकट भी शामिल है। एंड्रॉयड तथा आईओएस पर रेलवन ऐप को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। जहाँ 3 करोड़ 16 लाख लोगों ने इसे गूगल प्ले स्टोर से अब तक डाउनलोड किया है, वहीं 33.17 लाख लोगों ने इसे ऐपल फोन में डाउनलोड किया है।

    रेलवे के अनुसार देश में यात्रियों के लिए भारतीय रेल एक जीवन रेखा है। भारतीय रेल ने 2024–25 में यात्रियों के टिकटों पर 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी। यह रेलवे पर यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 43 प्रतिशत की छूट के बराबर है। दूसरे शब्दों में, यदि सेवा प्रदान करने की लागत 100 रुपये है, तो टिकट की कीमत केवल 57 रुपये है।