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  • Retail Inflation April 2026: महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंची, खाद्य वस्तुओं के दामों का असर!

    Retail Inflation April 2026: महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंची, खाद्य वस्तुओं के दामों का असर!

    Retail Inflation April 2026: देश में रिटेल महंगाई दर अप्रैल महीने में बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई है। महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में इजाफे के कारण देखी गई। पिछले कुछ महीनों से राहत के संकेत मिलने के बाद अब फिर से महंगाई ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार सब्जियां, फल, दूध, अनाज और अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर असर पड़ा है। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में रोजमर्रा की जरूरत की चीजें महंगी होने से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव, सप्लाई चेन की दिक्कतें और परिवहन लागत में बढ़ोतरी भी खाद्य महंगाई बढ़ने के पीछे अहम वजह हैं। कई राज्यों में गर्मी और खराब मौसम के कारण सब्जियों और फलों की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

    अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां भी भारत की महंगाई पर असर डाल रही हैं। खासकर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है।

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    इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि दोनों देशों के बीच हालात और बिगड़ते हैं, तो वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें प्रभावित होंगी और महंगाई पर अतिरिक्त दबाव बनेगा।

    बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ते हैं, तो आने वाले महीनों में परिवहन, बिजली और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत भी बढ़ सकती है। इसका असर उद्योगों से लेकर आम परिवारों तक देखने को मिल सकता है।

    हालांकि राहत की बात यह है कि मौजूदा रिटेल महंगाई अभी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तय सीमा के भीतर बनी हुई है। लेकिन लगातार बढ़ती खाद्य कीमतें और वैश्विक तनाव आने वाले समय में केंद्रीय बैंक की नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।

    सरकार और आर्थिक विशेषज्ञ फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले महीनों में मानसून, वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हालात यह तय करेंगे कि महंगाई दर में और बढ़ोतरी होगी या स्थिति नियंत्रण में रहेगी।