Tag: Extreme Heat

  • UP Scorching Heat: यूपी में तपिश से बेहाल लोग, ‘लू’ का खतरा अभी बरकरार!

    UP Scorching Heat: यूपी में तपिश से बेहाल लोग, ‘लू’ का खतरा अभी बरकरार!

    UP Scorching Heat: प्रचंड गर्मी का सामना कर रहे उत्तर प्रदेश के लोगों को फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं है बल्कि आने वाले दिनो मे गर्मी और लू और सतायेगी। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कई दिनों तक ऊष्ण लहर से भीषण ऊष्ण लहर चलने तथा उष्ण रात्रि की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।

    मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 24 से 27 मई के बीच बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, सोनभद्र, कानपुर नगर, कानपुर देहात, जालौन, झांसी, ललितपुर, आगरा, मथुरा, इटावा, औरैया, हमीरपुर, महोबा तथा आसपास के क्षेत्रों में भीषण लू चलने की संभावना है। वहीं सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, लखनऊ, बाराबंकी, अमरोहा, संभल और बदायूं सहित कई जिलों में लू चलने और गर्म रातें रहने का अनुमान जताया गया है।

    मुरादाबाद मंडल में शुक्रवार को सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। मुरादाबाद में अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से क्रमशः 3.2 और 3.4 डिग्री अधिक रहा। अमरोहा, संभल और आसपास के जिलों में भी तेज गर्म हवाओं और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। सड़कें दोपहर के समय सूनी रहीं और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन तथा चक्कर आने के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।

    प्रदेश में प्रयागराज 46.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा, जबकि बांदा में तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। झांसी और उरई में 45.4 डिग्री, आगरा में 45.3 डिग्री तथा हमीरपुर में 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। कानपुर, वाराणसी और लखनऊ समेत कई शहरों में भी तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री अधिक रहा।

    संबंधित खबरें: Shankaracharya Ji’s Major Announcement: शंकराचार्य जी की बड़ी घोषणा, जल्द शुरू होगी “गो-एलएक्स” वेबसाइट!

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों के लिए जारी पूर्वानुमान में अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। साथ ही 25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूलभरी गर्म हवाएं चल सकती हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार 25 मई से शुरू हो रहा ‘नौतपा’ इस बार और अधिक प्रभावी हो सकता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधी पड़ने और गर्म हवाओं के कारण तापमान अपने चरम पर पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।

    कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। गन्ना, मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी तथा सब्जी फसलों पर गर्मी का प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई है। किसानों को हल्की और बार-बार सिंचाई करने, खेतों में नमी बनाए रखने तथा फसलों को तेज धूप से बचाने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी दोपहर में पशुओं को खुले में न छोड़ने और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

    भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के कई जिलों में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार किए गए हैं तथा दवाओं और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है।

  • Ministry of AYUSH: आयुष मंत्रालय की लू और अत्यधिक गर्मी में सीधी धूप से बचने की सलाह!

    Ministry of AYUSH: आयुष मंत्रालय की लू और अत्यधिक गर्मी में सीधी धूप से बचने की सलाह!

    Ministry of AYUSH: आयुष मंत्रालय ने देश के कई हिस्सों में बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के समन्वय से अत्यधिक गर्मी और लू से बचाव के लिए लोगों से सतर्कता बरतने, पर्याप्त पानी पीने और दोपहर के समय सीधे धूप से बचने की अपील की है।

    मंत्रालय ने सोमवार को जारी परामर्श में कहा कि आम जनता, संवेदनशील समूहों, श्रमिकों, नियोक्ताओं तथा बड़े सार्वजनिक एवं खेल आयोजनों में शामिल लोगों के लिए गर्मी से होने वाले तनाव और बीमारियों से बचाव संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गये हैं। इसमें हल्के सूती कपड़े पहनने, मौसमी फलों तथा इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थों के सेवन पर विशेष जोर दिया गया है।

    परामर्श में यह भी कहा गया है कि शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, खुले में काम करने वाले श्रमिक तथा हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोग लू के दौरान अधिक संवेदनशील होते हैं और उन्हें अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता है।

    संबंधित ख़बरें: ED Action: मनी लॉन्ड्रिंग केस में AAP नेता दीपक सिंगला हिरासत में!

    आयुष मंत्रालय ने कार्यस्थलों और सार्वजनिक आयोजनों के लिए छायादार विश्राम स्थलों की व्यवस्था, नियमित जलपान अवकाश तथा गर्मी के तनाव के लक्षणों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की सलाह दी है। मंत्रालय ने चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, निर्जलीकरण, शरीर का अत्यधिक तापमान, मानसिक स्थिति में बदलाव, दौरे पड़ना और बेहोशी जैसे लक्षणों को गंभीर संकेत बताते हुए हीट स्ट्रोक को चिकित्सा आपातस्थिति माना है।

    गंभीर स्थिति में 108 और 102 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। परामर्श में आयुर्वेद, सिद्ध, योग, यूनानी और होम्योपैथी सहित विभिन्न आयुष पद्धतियों के पारंपरिक उपायों को भी शामिल किया गया है। आयुर्वेद में मठ्ठा, नारियल पानी, नींबू आधारित पेय तथा पारंपरिक शीतल पेयों के सेवन की सलाह दी गई है।

    वहीं योग और सिद्ध पद्धति में शीतली प्राणायाम तथा हल्के योगाभ्यास अपनाने पर बल दिया गया है। मंत्रालय ने लोगों को अपने दैनिक आहार में खीरा, तरबूज, नींबू, खरबूजा, लौकी और टमाटर जैसी शीतल एवं जलयुक्त खाद्य सामग्री शामिल करने तथा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी चेतावनियों पर नियमित नजर रखने की भी सलाह दी है।