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  • Kotak Mahindra Bank: कोटक महिंद्रा बैंक ने शुरू की नये एमडी की तलाश, पद छोड़ेंगे अशोक वसवानी!

    Kotak Mahindra Bank: कोटक महिंद्रा बैंक ने शुरू की नये एमडी की तलाश, पद छोड़ेंगे अशोक वसवानी!

    Kotak Mahindra Bank: निजी क्षेत्र के कोटक महिंद्रा बैंक ने नये प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की तलाश शुरू कर दी है। मौजूदा एमडी एवं सीईओ अशोक वसवानी ने बैंक के निदेशकमंडल को बताया है कि वह 31 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहे अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद दोबारा इस पद पर नियुक्ति से इच्छुक नहीं हैं।

    इसके बाद निदेशक मंडल की शनिवार को हुई बैठक में उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी। कोटक महिंद्रा बैंक ने आज शेयर बाजारों को बताया कि नये एमडी एवं सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया नियामक समय-सीमा में पूरी कर ली जायेगी। कोटक महिंद्रा बैंक की स्थापना साल 2003 में हुई थी।

    इससे पहले यह कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड (केएमएफएल) के नाम से एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के रूप में काम कर रहा था। केएमएफएल देश की पहली एनबीएफसी थी जिसे एक वाणिज्यिक बैंक के रूप में सूचीबद्ध किया गया। बैंक का राजस्व 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में 14,174.77 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 4,026.55 करोड़ रुपये रहा था।

  • PSU Banks Record Profit: PSU बैंकों ने कमाया रिकॉर्ड मुनाफा, सरकार ने दी सतर्क रहने की सलाह!

    PSU Banks Record Profit: PSU बैंकों ने कमाया रिकॉर्ड मुनाफा, सरकार ने दी सतर्क रहने की सलाह!

    PSU Banks Record Profit: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU Banks) ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए संयुक्त रूप से लगभग ₹1.98 लाख करोड़ का रिकॉर्ड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। यह भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के इतिहास में सरकारी बैंकों का अब तक का सबसे बड़ा लाभ माना जा रहा है। इस उपलब्धि के बीच वित्त मंत्रालय ने बैंकों को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए खर्च में अनुशासन बनाए रखने और जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।

    वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक की, जिसमें बैंकिंग क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, भविष्य की चुनौतियों और विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बैंकों की लाभप्रदता की सराहना की, लेकिन साथ ही उन्हें सतर्क रहने की भी सलाह दी।

    विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी बैंकों की बेहतर वित्तीय स्थिति के पीछे गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) में कमी, ऋण वसूली में सुधार, डिजिटल बैंकिंग का विस्तार और क्रेडिट ग्रोथ जैसे प्रमुख कारण रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में बैंकिंग सुधारों और सख्त निगरानी के कारण सरकारी बैंकों की बैलेंस शीट पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है।

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    वित्त मंत्रालय ने बैंकों से कहा है कि वे अपने परिचालन खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखें और संसाधनों का उपयोग सोच-समझकर करें। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक चुनौतियों, भू-राजनीतिक तनाव और वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए जोखिम प्रबंधन को मजबूत करना आवश्यक बताया गया है।

    बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि रिकॉर्ड मुनाफा भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और बैंकिंग प्रणाली में बढ़ते विश्वास का संकेत है। मजबूत बैंकिंग व्यवस्था उद्योगों, व्यापार और उपभोक्ताओं को ऋण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलती है।

    विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि आने वाले वर्षों में डिजिटल बैंकिंग, फिनटेक सहयोग और तकनीकी नवाचार सरकारी बैंकों की वृद्धि को और मजबूत कर सकते हैं। हालांकि, लाभप्रदता बनाए रखने के लिए बैंकों को सतर्कता, लागत नियंत्रण और बेहतर ग्राहक सेवाओं पर लगातार ध्यान देना होगा।

    रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद वित्त मंत्रालय का संदेश स्पष्ट है कि बैंक केवल वर्तमान उपलब्धियों पर निर्भर न रहें, बल्कि भविष्य की संभावित चुनौतियों के लिए भी तैयार रहें। इससे बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता और देश की आर्थिक मजबूती दोनों को लाभ मिलेगा।