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  • Bhiwandi: भाजपा महिला नेता पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप, भिवंडी में एफआईआर दर्ज!

    Bhiwandi: भाजपा महिला नेता पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप, भिवंडी में एफआईआर दर्ज!

    Bhiwandi: सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के आरोप में भाजपा से जुड़ी बताई जा रही महिला नेता नाजिया इलाही खान के खिलाफ शांतिनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में इस्लाम धर्म, पैगंबर मोहम्मद और मुस्लिम समुदाय के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। यह शिकायत अदनान अब्दुलसलाम अंसारी द्वारा दर्ज कराई गई है। पुलिस वीडियो समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

    इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एमआईएम प्रवक्ता रवीश मोमिन ने कहा कि किसी भी धर्म, धार्मिक व्यक्तित्व या समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी समाज में वैमनस्य फैलाने का काम करती है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    वहीं समाजसेवक जाहिद मुख्तार ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

    शांतिनगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विनायक गायकवाड़ ने बताया कि मामले की जांच जारी है। वीडियो की सत्यता और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • BNCMC Board Poster Controversy: मनपा के सूचना बोर्ड पर बिल्डर का पोस्टर चिपकाने का मामला, एफआईआर दर्ज!

    BNCMC Board Poster Controversy: मनपा के सूचना बोर्ड पर बिल्डर का पोस्टर चिपकाने का मामला, एफआईआर दर्ज!

    BNCMC Board Poster Controversy: शहर में अवैध बैनर और पोस्टरों के बढ़ते चलन के बीच भिवंडी महानगरपालिका के आधिकारिक सूचना बोर्ड पर एक बिल्डर का विज्ञापन चिपकाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मनपा प्रशासन हरकत में आया और संबंधित मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

    जानकारी के अनुसार, शहर के इंदिरा गांधी मेमोरियल (आईजीएम) अस्पताल के प्रवेश द्वार के सामने स्थित फ्लाईओवर के खंभे पर मनपा द्वारा एक चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। इस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि सार्वजनिक स्थानों, बिजली के खंभों, स्ट्रीट लाइट पोल और फ्लाईओवर के कॉलम पर बिना अनुमति बैनर, होर्डिंग और पोस्टर लगाना प्रतिबंधित है तथा ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    आरोप है कि देर रात एक युवक ने उसी मनपा सूचना बोर्ड पर एक निजी डेवलपर का विज्ञापन पोस्टर चिपका दिया, जिससे मनपा की चेतावनी पूरी तरह ढंक गई। इतना ही नहीं, इस दौरान डेवलपर के प्रचार का गीत बजाते हुए वीडियो भी बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। वीडियो सामने आने के बाद नागरिकों में नाराजगी देखी गई।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए भिवंडी महानगरपालिका की प्रभाग समिति-1 के अधिकारी नितीन पंजाबराव जामनेकर ने निजामपुर पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शहर में लंबे समय से अवैध बैनर, पोस्टर और भित्ति विज्ञापनों की भरमार को लेकर सवाल उठते रहे हैं। भिवंडी महानगरपालिका के पांचों प्रभागों में बड़ी संख्या में बिना अनुमति लगाए गए पोस्टर और बैनर दिखाई देते हैं। इनमें राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों के प्रचार-प्रसार से जुड़े पोस्टर भी शामिल हैं, जिससे शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है।

    हालांकि मनपा का अतिक्रमण विभाग समय-समय पर अभियान चलाकर अवैध बैनर और पोस्टर हटाता है, लेकिन पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने से इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लग पा रही है। शहरवासियों ने मांग की है कि बिना अनुमति विज्ञापन लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और इस संबंध में ठोस नीति बनाकर मनपा के राजस्व में भी वृद्धि की जाए।

  • Attempt-to-murder case: कस्तूरबा पुलिस थाने में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज!

    Attempt-to-murder case: कस्तूरबा पुलिस थाने में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज!

    Attempt-to-murder case: मुंबई के बोरीवली पूर्व स्थित एचपी पेट्रोल पंप पर सिगरेट पीने से मना करने पर एक व्यक्ति ने युवक को कार से कुचलने की कोशिश की। जानकारी के अनुसार, 14 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे मीरा रोड निवासी प्रमोद बाबूराव सुकाळे (40) पेट्रोल पंप पर चल रहे विवाद को शांत कराने पहुंचे थे।

    इसी दौरान उन्होंने एक व्यक्ति को पेट्रोल पंप परिसर में सिगरेट पीने से मना किया। आरोप है कि गुस्से में आरोपी ने जान से मारने की धमकी देते हुए अपनी मारुति कार प्रमोद के ऊपर चढ़ा दी और उन्हें कार के बोनट पर लेकर तेज रफ्तार से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे होते हुए दत्तपाड़ा रोड तक घसीटता ले गया।

    इस घटना में आरोपी पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। कस्तूरबा पुलिस ने 15 जून 2026 को संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

  • Fake Income Certificate Case: फर्जी आय प्रमाण पत्र जमा करने पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज!

    Fake Income Certificate Case: फर्जी आय प्रमाण पत्र जमा करने पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज!

    Fake Income Certificate Case: ठाणे तहसीलदार कार्यालय के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर आय प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किए जाने का खुलासा होने पर हंगामा मच गया।तहसीलदार कार्यालय को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि, घटना के सामने आने के बाद तहसील कार्यालय के ग्राम राजस्व अधिकारी, जीवन निवृत्ति कोरे (53) ने प्रवीण जोशी और शिरीष साठे के खिलाफ वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है। वागले एस्टेट पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

    ठाणे तहसील कार्यालय से नागरिकों को वार्षिक आय प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया है। राजस्व अधिकारियों द्वारा आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद, संबंधित आवेदन ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से तहसील कार्यालय को भेजे जाते हैं और विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद आय प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। 27 अप्रैल, 2026 को ‘आपले सरकार सेवा केंद्र’ के ड्राइवर योगेंद्र भोलाप्रसाद गुप्ता ने आय प्रमाण पत्र के सत्यापन के संबंध में तहसीलदार कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।

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    जांच के दौरान पता चला कि रमेश एकनाथ शिंदे के नाम पर वर्ष 2025-26 के लिए 2 लाख 40 हजार रुपये का आय प्रमाण पत्र तैयार किया गया था। हालांकि, यह पाया गया कि संबंधित प्रमाण पत्र आधिकारिक प्रणाली में उपलब्ध नहीं था। रमेश शिंदे को इलाज के लिए हजूरी के महावीर जैन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी बेटी तेजस्वी शिंदे ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज शिरीष साठे को दिए थे क्योंकि ये उनके पिता के इलाज के लिए आवश्यक थे।

    पता चला है कि उसने आय प्रमाण पत्र जारी करने के बदले ऑनलाइन क्यूआर कोड के माध्यम से 1850 रुपये लिए थे। जांच में यह भी सामने आया कि यह राशि प्रवीण महादेव जोशी के बैंक खाते में जमा की गई थी। आगे की जांच में, संबंधित आय प्रमाण पत्र पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करने पर पोर्टल पर कोई जानकारी प्रदर्शित नहीं हुई।

    यह भी पाया गया कि प्रमाण पत्र पर दिया गया आउटगोइंग नंबर तहसील कार्यालय के रिकॉर्ड में मौजूद नहीं था। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि नायब तहसीलदार दत्तात्रेय बोरदे का नाम फर्जी था। इससे तहसील कार्यालय की ऑनलाइन प्रमाणन प्रणाली के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। इस संबंध में वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।