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  • Maharashtra Food Testing: तुकाराम मुंढे के आने के बाद महाराष्ट्र में खाद्य जांच को मिली रफ्तार; लंबित नमूनों का तेजी से निपटारा!

    Maharashtra Food Testing: तुकाराम मुंढे के आने के बाद महाराष्ट्र में खाद्य जांच को मिली रफ्तार; लंबित नमूनों का तेजी से निपटारा!

    Maharashtra Food Testing: महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच को तेज करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर राज्य की प्रयोगशालाओं में लंबित खाद्य नमूनों की जांच में उल्लेखनीय तेजी आई है। एफडीए के अनुसार, जून 2026 में खाद्य नमूनों की जांच की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 462 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

    एफडीए के सह आयुक्त (खाद्य) ने गुरुवार को बताया कि खाद्य नमूनों की जांच में तेजी लाने के लिए उपलब्ध मानव संसाधन का प्रभावी उपयोग, बैच प्रणाली के माध्यम से उपकरणों का बेहतर इस्तेमाल, दो शिफ्टों में कामकाज, प्राप्त नमूनों का श्रेणीवार परीक्षण तथा दूध, दुग्ध उत्पादों, नाशवान खाद्य पदार्थों और प्रतिबंधित उत्पादों के नमूनों की प्राथमिकता के आधार पर जांच जैसी कई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

    मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर स्थित एफडीए की प्रयोगशालाओं में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा एकत्रित नमूनों की गुणवत्ता जांच की जाती है। आयुक्त के मार्गदर्शन में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा के बाद प्रयोगशालाओं की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। एफडीए के अनुसार, 1 जून 2026 तक प्रयोगशालाओं में 13,474 खाद्य नमूने जांच के लिए लंबित थे। इनमें से 7,494 नमूनों की जांच पूरी कर ली गई, जो कुल लंबित मामलों का 56 प्रतिशत है।

    जांच के दौरान 4,091 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे और उन्हें अमानक (सब-स्टैंडर्ड) घोषित किया गया, जो जांच किए गए नमूनों का लगभग 54 प्रतिशत है। इसके विपरीत, जून 2025 में प्रयोगशालाओं को 9,403 नमूने प्राप्त हुए थे, जिनमें से केवल 1,622 नमूनों की जांच पूरी हो सकी थी। उस समय जांच का प्रतिशत मात्र 17 प्रतिशत था। दोनों वर्षों की तुलना में खाद्य नमूनों की जांच में 462 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो प्रयोगशालाओं की कार्यक्षमता में आए बड़े सुधार को दर्शाती है।

    एफडीए ने बताया कि भविष्य में भी जांच प्रक्रिया को और अधिक तेज एवं प्रभावी बनाने के प्रयास जारी रहेंगे। इसके लिए गुणवत्ता के साथ-साथ कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तीन नई प्रयोगशालाएं होंगी शुरू वर्तमान में राज्य में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की तीन प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं।

    इनके अलावा तीन नई अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। विभाग का कहना है कि नई प्रयोगशालाएं शुरू होने के बाद राज्यभर से प्राप्त होने वाले खाद्य नमूनों की जांच और अधिक तेजी से होगी तथा परीक्षण के अभाव में कोई भी नमूना लंबे समय तक लंबित नहीं रहेगा। सरकार का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनाना है।

  • Food and Drug Administration: एफडीए की बड़ी कार्रवाई; 11 लाख के आम, 4.5 लाख का गुटखा जब्त, 37 गिरफ्तार!

    Food and Drug Administration: एफडीए की बड़ी कार्रवाई; 11 लाख के आम, 4.5 लाख का गुटखा जब्त, 37 गिरफ्तार!

    Food and Drug Administration: फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के स्टेट कमिश्नर तुकाराम मुंडे के गाइडेंस में ठाणे जिले में फूड सेफ्टी नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए एक बड़ा और लगातार कैंपेन चलाया जा रहा है। इस कैंपेन के तहत, ठाणे जिले के फूड सेफ्टी अधिकारियों ने 30 और 31 मई, 2026 को APMC मार्केट (नवी मुंबई एरिया) और कई दूसरे इलाकों में अचानक रेड मारकर एक बड़ी कानूनी कार्रवाई की है।

    गर्मियों में आमों की ज़्यादा डिमांड का फायदा उठाकर, यह बात सामने आई है कि कुछ व्यापारी आमों को आर्टिफिशियल तरीके से पकाने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस रेड सेशन के दौरान, एडमिनिस्ट्रेशन ने तीन बड़ी जगहों पर कार्रवाई की है जो आमों को पकाने के लिए सीधे एथिलीन जैसे स्प्रे का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस ऑपरेशन में, संबंधित जगहों से कुल 3,453 kg आम ज़ब्त किए गए हैं, और इन ज़ब्त किए गए आमों की कुल कीमत 11 लाख 12 हज़ार 850 रुपये है।

    फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) के नियमों के मुताबिक, आम या दूसरे फलों को पकाने के लिए फलों पर सीधे एथिलीन स्प्रे करना पूरी तरह से मना है। व्यापारियों के लिए नियमों के मुताबिक सिर्फ़ सुरक्षित एथिलीन गैस चैंबर का ही इस्तेमाल करना ज़रूरी है। हालांकि, इंस्पेक्शन के दौरान, कई व्यापारी नियमों का उल्लंघन करके फलों पर सीधे स्प्रे करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। इन ज़ब्त किए गए आमों के सैंपल आगे की जांच और एनालिसिस के लिए लैब में भेजे गए हैं।

    इस लैब की रिपोर्ट मिलने के बाद, संबंधित लोगों के ख़िलाफ़ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस इंस्पेक्शन में कहीं भी कैल्शियम कार्बाइड जैसे बहुत जानलेवा और खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल नहीं पाया गया, लेकिन यह साफ़ हो गया है कि एथिलीन स्प्रे का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही, वर्ल्ड नो टोबैको डे के मौके पर 29 मई से 31 मई 2026 तक नवी मुंबई और ठाणे जिले के APMC मार्केट में गुटखा, पान मसाला और खुशबूदार तंबाकू जैसी सेहत के लिए खतरनाक और बैन खाने की चीज़ों के खिलाफ एक बड़ा कैंपेन भी चलाया गया।

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    इस ऑपरेशन में कुल 36 जगहों को कानूनी तौर पर सीज किया गया है। इन बैन चीज़ों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान, एडमिनिस्ट्रेशन ने 4 लाख 74 हजार 407 रुपये का गुटखा, खुशबूदार तंबाकू और पान मसाला का स्टॉक सीज किया है। इन चीज़ों को गैर-कानूनी तरीके से बेचने वाले वेंडर्स के खिलाफ अलग-अलग पुलिस थानों में FIR दर्ज की गई हैं और इस मामले में अब तक 37 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    साथ ही, नियमों का गंभीर उल्लंघन करते पाए गए कुल 31 जगहों को एडमिनिस्ट्रेशन ने तुरंत सील कर दिया है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने साफ किया है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले ऐसे मिलावटी और गैर-कानूनी व्यापारियों के खिलाफ यह रेड सेशन कैंपेन इसी तरह जारी रहेगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि अगर उन्हें समाज में ऐसी प्रतिबंधित चीज़ों की बिक्री या खाने की चीज़ों में मिलावट की कोई जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को बताएं।

    नागरिकों के लिए अपील और शिकायत केंद्र:
    जनता को प्रतिबंधित और मिलावटी खाने की चीज़ों को 100% खत्म करने के लिए प्रशासन का पूरा सहयोग करना चाहिए। प्रशासन ने किसी भी तरह की शिकायत दर्ज करने या गड़बड़ी की जानकारी देने के लिए टोल फ्री नंबर 1800222365 उपलब्ध कराया है।

    नागरिक अपनी शिकायतें ‘जॉइंट कमिश्नर (कोकण डिवीज़न), फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ़िस, वरदान MIDC बिल्डिंग, ग्राउंड फ़्लोर, वागले एस्टेट, रोड नंबर 16, ठाणे (वेस्ट) – 400604’ पर लिखकर भी दर्ज करा सकते हैं, कोकण डिवीज़न के जॉइंट कमिश्नर (फ़ूड) श्री पराग नलावड़े से अपील की है।

  • Uproar at BHU’s Dalmia Hostel: बीएचयू के डालमिया छात्रावास में सब्जी में छिपकली मिलने से हड़कंप!

    Uproar at BHU’s Dalmia Hostel: बीएचयू के डालमिया छात्रावास में सब्जी में छिपकली मिलने से हड़कंप!

    Uproar at BHU’s Dalmia Hostel: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के डालमिया छात्रावास में बुधवार को मेस की सब्जी में छिपकली मिलने से छात्रों में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही छात्रावास में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

    छात्रों का आरोप है कि मेस में खाने की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सब्जी में छिपकली मिलने की सूचना के बाद कई छात्र मानसिक रूप से परेशान दिखाई दिए और उन्होंने मेस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

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    छात्रों ने कहा कि छात्रावास में केवल भोजन की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि पानी की आपूर्ति की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। उनका आरोप है कि मेस में इस्तेमाल किया गया तेल बार-बार प्रयोग किया जाता है, बर्तनों की ठीक से सफाई नहीं होती और शौचालयों की सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है।

    घटना की सूचना मिलने पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और छात्रावास के वार्डन मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को शांत कराने का प्रयास करते हुए मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से कहा गया कि यदि किसी छात्र को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या होती है तो तत्काल सूचना दी जाए, ताकि आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।