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  • Rajasthan Fraud: कछुए से करोड़ों रुपये कमाने का सपना दिखाकर मजदूर से 10 लाख की ठगी!

    Rajasthan Fraud: कछुए से करोड़ों रुपये कमाने का सपना दिखाकर मजदूर से 10 लाख की ठगी!

    Rajasthan Fraud: राजस्थान में अलवर के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये कमाने का झांसा देकर एक फैक्ट्री मजदूर से 10 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि ठगों ने पहले दुर्लभ कछुए की कीमत एक करोड़ रुपये बताकर उसे खरीदने का झांसा दिया।

    जब पीड़ित ने रकम दे दी तो कछुए को मृत घोषित करने के लिए फर्जी डॉक्टर बुला लिया गया। इसके बाद पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति ने दुर्लभ कछुआ रखने के मामले में फंसाने की धमकी देकर पूरे गिरोह को मौके से फरार करा दिया। शिकायत के बाद वैशाली नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    पुलिस के अनुसार पीड़ित उन्नस खां फिलहाल अलवर शहर के अंबेडकर नगर में किराये पर रहकर उद्योग नगर स्थित एक फैक्ट्री में मजदूरी करता है। उसने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में उसके पास आसिम नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को गांव के एक युवक का साला बताते हुए कहा कि उसके पास ऐसा काम है, जिससे दोनों 10 से 20 लाख रुपये कमा सकते हैं। अगले दिन उसकी मुलाकात आसिम, राहुल सैन और महेंद्र जोगी से करायी गयी।

    तीनों उसे एचडीएफसी बैंक के पास स्थित एक चाय की दुकान पर ले गये, जहां उन्होंने हरे रंग का एक कछुआ दिखाया। आरोपियों ने दावा किया कि यह बेहद दुर्लभ कछुआ है, जिसकी बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि वह 10 लाख रुपये देकर यह कछुआ खरीद ले तो बाद में करोड़ों रुपये में बेचकर भारी मुनाफा कमा सकता है।

    आरोपियों की बातों में आकर पीड़ित ने अलग-अलग समय पर तीन किश्तों में कुल 10 लाख रुपये आरोपियों को दे दिये। रकम लेने के बाद आरोपी उसे मोटर साइकिल पर बैठाकर अलवर-जयपुर मार्ग पर नटनी का बारा क्षेत्र में ले गये। वहां पहुंचते ही उन्होंने कहा कि कछुआ मर चुका है। आरोप है कि कुछ देर बाद एक व्यक्ति को डॉक्टर बताकर बुलाया गया, जिसने कछुए को मृत घोषित कर दिया।

    इसी दौरान पुलिस की वर्दी पहने एक अन्य व्यक्ति वहां पहुंचा और पीड़ित को धमकाते हुए कहा कि उसने ज्यादा सवाल किये तो उसे दुर्लभ कछुआ रखने के मामले में फर्जी मामले में फंसा दिया जाएगा। धमकी से डरे पीड़ित के सामने ही आरोपी मौके से फरार हो गये। पुलिस ने जांच के बाद आसिम, राहुल सैन, महेंद्र जोगी और कोटपूतली बहरोड़ जिले के बैराठ नगर निवासी नोवता राम उर्फ कट बाबरिया और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

  • Woman arrested: नकली फूड इंस्पेक्टर बनकर वसूली करने वाली महिला गिरफ्तार, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी!

    Woman arrested: नकली फूड इंस्पेक्टर बनकर वसूली करने वाली महिला गिरफ्तार, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी!

    Woman arrested: खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की कार्रवाई का भय दिखाकर व्यापारियों से कथित रूप से अवैध वसूली करने वाले एक गिरोह की महिला सदस्य को शांतिनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य खुद को एफडीए अधिकारी बताकर दुकानदारों को कार्रवाई की धमकी देते थे और उनसे पैसों की मांग करते थे।

    पुलिस के अनुसार, शांतिनगर स्थित सागर प्लाजा होटल परिसर की एक थोक दुकान पर तीन महिलाएं और एक पुरुष पहुंचे। उन्होंने स्वयं को एफडीए अधिकारी बताते हुए दुकान में बासी, गंदे एवं एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ बेचने का आरोप लगाया। इसके बाद कथित रूप से दुकानदारों को कार्रवाई की धमकी देकर पैसों की मांग की गई।

    घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले दो महिलाएं और एक पुरुष वहां से फरार हो गए। मौके से पुलिस ने शांताबाई दशरथ राजपूत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

    पुलिस ने बताया कि पीड़ित व्यापारियों समशाद खान और जावेद मोहम्मद चौधरी की शिकायत के आधार पर शांताबाई राजपूत और उसके तीन साथियों के खिलाफ जबरन वसूली, सरकारी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने तथा धमकाने संबंधी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    शांतिनगर पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है तथा फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    इस संबंध में विनायक गायकवाड ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा कई व्यापारियों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।

  • Kalwa Fraud: कलवा में सक्रिय महिला गिरोह, गृहिणियों को झांसा देकर लाखों के गहने उड़ाए!

    Kalwa Fraud: कलवा में सक्रिय महिला गिरोह, गृहिणियों को झांसा देकर लाखों के गहने उड़ाए!

    Kalwa Fraud: कलवा इलाके में गृहिणियों की जासूसी करके उनके गहने चुराने वाली तीन महिलाओं का एक गिरोह सक्रिय हो गया है। 27 मई को हुई घटना से पता चलता है कि यह गिरोह अभी भी सक्रिय है। कालवा स्टेशन रोड इलाके में एक घटना सामने आई है, जहां तीन महिलाओं के एक गिरोह ने गहने चोरी होने के डर से एक महिला को धोखा दिया और लाखों रुपये के सोने के गहने चुरा लिए।

    इस संबंध में कालवा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।शिकायतकर्ता शुभांगी माने (42) घरेलू काम करके अपना गुजारा करती हैं। 27 मई को बुधाजीनगर से घर लौटते समय ज्ञानप्रसारानी स्कूल के पास उनकी मुलाकात एक अनजान युवती से हुई। जब वह थाने का रास्ता पूछ रही थीं, तभी दो और महिलाएं वहां आ गईं।

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    उन महिलाओं ने युवती के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं। इसके बाद, उन्होंने युवती को बताया कि “स्टेशन रोड पर गहनों की चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं”। इस पर शिकायतकर्ता शुभांगी माने ने अपना मंगलसूत्र, झुमके और सोने की अंगूठी उतार दी। महिला ने दिखाया कि उसने गहनों को एक रुमाल में बांधकर अपने पर्स में रख लिया है।

    हालांकि, जब वह कालवा थाने पहुंचीं, तो उन्होंने पर्स चेक किया और पाया कि रुमाल में कोई गहना नहीं था। ठगी का एहसास होने पर वह तुरंत कालवा पुलिस स्टेशन पहुंचीं। दर्ज शिकायत में कहा गया है कि चोरी हुए गहनों की कीमत लगभग 3 लाख 30 हजार रुपये है। कालवा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक उतेकर के मार्गदर्शन में आगे की जांच जारी है।

  • Fake Income Certificate Case: फर्जी आय प्रमाण पत्र जमा करने पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज!

    Fake Income Certificate Case: फर्जी आय प्रमाण पत्र जमा करने पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज!

    Fake Income Certificate Case: ठाणे तहसीलदार कार्यालय के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर आय प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किए जाने का खुलासा होने पर हंगामा मच गया।तहसीलदार कार्यालय को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि, घटना के सामने आने के बाद तहसील कार्यालय के ग्राम राजस्व अधिकारी, जीवन निवृत्ति कोरे (53) ने प्रवीण जोशी और शिरीष साठे के खिलाफ वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है। वागले एस्टेट पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

    ठाणे तहसील कार्यालय से नागरिकों को वार्षिक आय प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया है। राजस्व अधिकारियों द्वारा आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद, संबंधित आवेदन ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से तहसील कार्यालय को भेजे जाते हैं और विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद आय प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। 27 अप्रैल, 2026 को ‘आपले सरकार सेवा केंद्र’ के ड्राइवर योगेंद्र भोलाप्रसाद गुप्ता ने आय प्रमाण पत्र के सत्यापन के संबंध में तहसीलदार कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।

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    जांच के दौरान पता चला कि रमेश एकनाथ शिंदे के नाम पर वर्ष 2025-26 के लिए 2 लाख 40 हजार रुपये का आय प्रमाण पत्र तैयार किया गया था। हालांकि, यह पाया गया कि संबंधित प्रमाण पत्र आधिकारिक प्रणाली में उपलब्ध नहीं था। रमेश शिंदे को इलाज के लिए हजूरी के महावीर जैन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी बेटी तेजस्वी शिंदे ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज शिरीष साठे को दिए थे क्योंकि ये उनके पिता के इलाज के लिए आवश्यक थे।

    पता चला है कि उसने आय प्रमाण पत्र जारी करने के बदले ऑनलाइन क्यूआर कोड के माध्यम से 1850 रुपये लिए थे। जांच में यह भी सामने आया कि यह राशि प्रवीण महादेव जोशी के बैंक खाते में जमा की गई थी। आगे की जांच में, संबंधित आय प्रमाण पत्र पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करने पर पोर्टल पर कोई जानकारी प्रदर्शित नहीं हुई।

    यह भी पाया गया कि प्रमाण पत्र पर दिया गया आउटगोइंग नंबर तहसील कार्यालय के रिकॉर्ड में मौजूद नहीं था। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि नायब तहसीलदार दत्तात्रेय बोरदे का नाम फर्जी था। इससे तहसील कार्यालय की ऑनलाइन प्रमाणन प्रणाली के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। इस संबंध में वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।