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  • Congress Protests: पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ी कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन!

    Congress Protests: पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ी कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन!

    Congress Protests: पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ के मार्गदर्शन में दक्षिण मुंबई जिला कांग्रेस ने जोरदार आंदोलन किया। यह प्रदर्शन दक्षिण जिला कांग्रेस अध्यक्ष रविकांत बावकर के नेतृत्व में गोल देऊल मंदिर के पास, मोती टॉकीज चौक, कुंभारवाड़ा, मुंबई में आयोजित किया गया।

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    “जनता की लूट बंद करो, पेट्रोल-डीजल-सीएनजी की मूल्यवृद्धि वापस लो” की मांग को लेकर ईशान्य मुंबई जिला कांग्रेस की ओर से जिला अध्यक्ष केतन शाह के नेतृत्व में आज जोरदार आंदोलन किया गया। आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती ईंधन कीमतों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आम जनता पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को उजागर किया।

    नेताओं ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के लगातार बढ़ते दामों से महंगाई बढ़ रही है, जिससे आम नागरिकों, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आंदोलनकारियों ने सरकार से ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेने और जनता को राहत देने की मांग की।

  • Mumbai President Varsha Gaikwad: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर भड़की मुंबई अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़!

    Mumbai President Varsha Gaikwad: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर भड़की मुंबई अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़!

    Mumbai President Varsha Gaikwad: पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और ईंधन संकट को लेकर वर्षा गायकवाड ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महंगाई से परेशान जनता पर पेट्रोल-डीजल की दरवृद्धि थोपना अन्यायकारक है और पिछले 11 दिनों में ईंधन के दाम प्रति लीटर 8 रुपये तक बढ़ चुके हैं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

    वर्षा गायकवाड ने मांग की कि केंद्र सरकार तुरंत पेट्रोल-डीजल की कीमतों में की गई बढ़ोतरी वापस ले और जनता को राहत दे। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों के दौरान केंद्र सरकार देश में पर्याप्त ईंधन भंडार होने की बात कर रही थी, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कीमतें बढ़ा दी गईं।

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    उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पहले ही चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल महंगा होने की चेतावनी दी थी, जो अब सही साबित हुई है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष ने एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि व्यावसायिक गैस सिलेंडर महंगे होने से छोटे होटल और खाद्य व्यवसाय संकट में आ गए हैं। अब पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से महंगाई और बढ़ेगी।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। वहीं मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को भी घेरते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त ईंधन होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कई इलाकों में पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं। मुंबई के दादर और सायन क्षेत्रों में भी पेट्रोल पंप बंद होने की खबरें सामने आई हैं। वर्षा गायकवाड ने कहा कि सरकार को जनता को गुमराह करने के बजाय ईंधन आपूर्ति और महंगाई नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए।

  • Retail Inflation April 2026: महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंची, खाद्य वस्तुओं के दामों का असर!

    Retail Inflation April 2026: महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंची, खाद्य वस्तुओं के दामों का असर!

    Retail Inflation April 2026: देश में रिटेल महंगाई दर अप्रैल महीने में बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई है। महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में इजाफे के कारण देखी गई। पिछले कुछ महीनों से राहत के संकेत मिलने के बाद अब फिर से महंगाई ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार सब्जियां, फल, दूध, अनाज और अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर असर पड़ा है। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में रोजमर्रा की जरूरत की चीजें महंगी होने से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव, सप्लाई चेन की दिक्कतें और परिवहन लागत में बढ़ोतरी भी खाद्य महंगाई बढ़ने के पीछे अहम वजह हैं। कई राज्यों में गर्मी और खराब मौसम के कारण सब्जियों और फलों की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

    अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां भी भारत की महंगाई पर असर डाल रही हैं। खासकर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है।

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    इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि दोनों देशों के बीच हालात और बिगड़ते हैं, तो वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें प्रभावित होंगी और महंगाई पर अतिरिक्त दबाव बनेगा।

    बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ते हैं, तो आने वाले महीनों में परिवहन, बिजली और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत भी बढ़ सकती है। इसका असर उद्योगों से लेकर आम परिवारों तक देखने को मिल सकता है।

    हालांकि राहत की बात यह है कि मौजूदा रिटेल महंगाई अभी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तय सीमा के भीतर बनी हुई है। लेकिन लगातार बढ़ती खाद्य कीमतें और वैश्विक तनाव आने वाले समय में केंद्रीय बैंक की नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।

    सरकार और आर्थिक विशेषज्ञ फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले महीनों में मानसून, वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हालात यह तय करेंगे कि महंगाई दर में और बढ़ोतरी होगी या स्थिति नियंत्रण में रहेगी।