Tag: Government Decision

  • National Health Mission: नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत; 10 साल से ज़्यादा सर्विस वाले कर्मचारियों के लिए सरकारी फ़ैसला जारी!

    National Health Mission: नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत; 10 साल से ज़्यादा सर्विस वाले कर्मचारियों के लिए सरकारी फ़ैसला जारी!

    National Health Mission: नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत राज्य भर में काम करने वाले 15,010 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों, जिन्होंने 10 साल या उससे ज़्यादा सर्विस पूरी कर ली है, की सर्विस के एडजस्टमेंट का रास्ता आखिरकार साफ़ हो गया है।

    आज एक सरकारी फ़ैसला जारी किया गया है, जिसमें इन कर्मचारियों के लिए बराबर पे स्केल में ज़्यादातर पोस्ट बनाने और इसके लिए ज़रूरी 1,153.60 करोड़ रुपये के सालाना खर्च को मंज़ूरी दी गई है। इस फ़ैसले से नेशनल हेल्थ मिशन के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, पब्लिक हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर मिनिस्टर प्रकाश अबितकर और राज्य मंत्री मेघना साकोरे बोर्डिकर ने कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के एडजस्टमेंट के लिए खास फ़ॉलो-अप किया था और उसी के अनुसार आज यह सरकारी फ़ैसला लिया गया।

    इससे पहले, 14 मार्च, 2024 को कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, 10 साल से ज़्यादा सर्विस पूरी कर चुके कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों की सर्विस को एडजस्ट करने का फैसला लिया गया था। इसके बाद, 4 नवंबर, 2025 को इस फैसले में बदलाव किया गया। साथ ही, इन कर्मचारियों के एडजस्टमेंट के क्राइटेरिया तय करने के लिए चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में एक इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी बनाई गई थी।

    आज का सरकारी फैसला इसी कमेटी की सिफारिशों और 25 जून, 2026 को हुई कैबिनेट मीटिंग के फैसले के मुताबिक जारी किया गया है। सरकारी फैसले के मुताबिक, 25 जून, 2026 को कैबिनेट मीटिंग की तारीख तक टेक्निकल ब्रेक को छोड़कर, 10 साल या उससे ज़्यादा लगातार कॉन्ट्रैक्ट पर सर्विस पूरी करने वाले 15,010 कर्मचारियों को एक बार के खास मामले के तौर पर बराबर पे स्केल पर बड़ी संख्या में पोस्ट पर अपॉइंट किया जाएगा।

    इसके लिए, पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट और रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट में रेगुलर मंज़ूर पोस्ट से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट पर पोस्ट की बराबरी तय की जाएगी, और ज़रूरत के हिसाब से दूसरे डिपार्टमेंट में बराबर पोस्ट पर भी विचार किया जाएगा। पोस्ट की बराबरी तय करते समय, काम का नेचर, ज़िम्मेदारियां, एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, सर्विस एंट्री रूल्स, मौजूदा पे स्केल और सातवें पे कमीशन के हिसाब से लागू पे स्केल पर ध्यान दिया जाएगा।

    फाइनेंस डिपार्टमेंट से ज़रूरी मंज़ूरी लेने के बाद, संबंधित डिपार्टमेंट ज़्यादातर पोस्ट बनाएंगे और योग्य कर्मचारियों को अपॉइंट करेंगे। इन कर्मचारियों को बराबर पोस्ट के पे स्केल में मिनिमम बेसिक पे, महंगाई भत्ता और ट्रैवल अलाउंस दिया जाएगा। साथ ही, अभी मिल रही सैलरी भी सुरक्षित रहेगी। हालांकि, इन कर्मचारियों को प्रमोशन, विकलांग प्रगति योजना, पेंशन या फैमिली पेंशन का फ़ायदा नहीं मिलेगा।

    सिर्फ़ नेशनल हेल्थ मिशन के तहत अभी लागू छुट्टी ही उन पर लागू रहेगी। सरकार के फ़ैसले में साफ़ किया गया है कि ज़्यादातर पोस्ट पर्सनल हैं। संबंधित कर्मचारी के रिटायर होने, इस्तीफ़ा देने या किसी और वजह से अपनी सर्विस खत्म करने के बाद, वे पोस्ट अपने आप कैंसिल हो जाएंगी और उन पोस्ट पर कोई नई अपॉइंटमेंट नहीं की जा सकेगी।

    इन कर्मचारियों के वारिसों को भी अनुकंपा के आधार पर अपॉइंटमेंट नहीं मिलेगा। सरकार ने यह भी साफ़ किया है कि भविष्य में ऐसे रेगुलराइज़ेशन मामलों से बचने के लिए, नेशनल हेल्थ मिशन में ह्यूमन रिसोर्स की सर्विस ज़्यादातर आउटसोर्स या सर्विस कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर ली जाएंगी। सरकार के फ़ैसले में यह भी कहा गया है कि भविष्य में पोस्ट बनाने के बारे में फ़ैसले फ़ाइनेंस डिपार्टमेंट की हाई-लेवल सेक्रेटरी कमिटी की मंज़ूरी से ही लिए जाएंगे।

  • MSP for Kharif Crops 2026-27: खरीफ फसलों के लिए एमएसपी 2026-27 घोषित, धान के भाव में 72 रुपये की बढ़ोतरी

    MSP for Kharif Crops 2026-27: खरीफ फसलों के लिए एमएसपी 2026-27 घोषित, धान के भाव में 72 रुपये की बढ़ोतरी

    MSP for Kharif Crops 2026-27: केंद्र सरकार ने खरीफ फसल वर्ष 2026-27 के विपणन सीजन के लिए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बुधवार को इजाफे का ऐलान किया। पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में सूरजमुखी में 622 रुपये प्रति क्विंटल, कपास में 557 रुपये प्रति क्विंटल, नाइजरसीड में 515 रुपये प्रति क्विंटल और तिल में 500 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गयी है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने विपणन सीजन 2026-27 के लिए इस वृद्धि को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्निनी वैष्णव ने यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि विपणन सत्र 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 में एमएसपी को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना पर निर्धारित करने की घोषणा के अनुरूप है।

    किसानों को उत्पादन लागत पर मिलने वाला अपेक्षित लाभ मूंग (61 प्रतिशत) में सबसे अधिक (इसके बाद बाजरा (56 प्रतिशत), मक्का (56 प्रतिशत) और अरहर (54 प्रतिशत) में होगा। शेष फसलों के लिए, किसानों को उत्पादन लागत पर मिलने वाला लाभ 50 प्रतिशत रहने का अनुमान है।सामान्य धान और ग्रेड-ए के धान में 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गयी है।

    संबंधित ख़बरें: Varanasi Solar Panel Installations: सौर ऊर्जा पैनल स्थापना में वाराणसी देश में दसवें स्थान पर!

    केंद्र सरकार के इस फैसले से धान का नया समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है जबकि ग्रेड ए धान के लिए किसान को 2461रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा बाजरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 125 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया जिससे इसकी एमएसपी बढ़कर 2900 रुपये प्रति क्विंवटल हो गयी है।अनाजों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी रागी में 319 रुपये प्रति क्विंटल तो सबसे कम मक्का में केवल 10 रुपये प्रति क्विंटल ही बढ़ाये गए हैं।

    दलहन में अरहर के भाव में सबसे ज्यादा 450 रुपये प्रति क्विंवटल तो मूंग के भाव में केवल 12 रुपये का इजाफा किया गया है। अरहर की एमएसपी पिछले साल 8000 रुपये प्रति क्विंवटल घोषित की गयी थी। अब इसमें 450 रुपये की बढ़ोतरी के बाद इसकी नयी एमएसपी 8450 रुपये प्रति क्विंवटल हो गयी है।

    इसी तरह उड़द की एमएसपी में 400 रुपये बढ़ाये गए हैं। इससे इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 7800 रुपये प्रति क्विंवटल से तेज होकर 8200 रुपयेप्रति क्विंवटल हो गया है। लागत के अनुपात में देखें तो मूंग के किसान को उसकी लागत से 5438 रुपये प्रति क्विंवटल से 61 प्रतिशत अधिक का फायदा होगा। इसी तरह अरहर के किसान को 54 प्रतिशत का तो उड़द किसान को 51 प्रतिशत का फायदा होगा।