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  • Health System: स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती का आधार है सक्षम प्रयोगशाला

    Health System: स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती का आधार है सक्षम प्रयोगशाला

    Health System: ठाणे में एक दिन की राज्य स्तर वर्कशॉप ऑर्गनाइज़ की गई थी। इसका मकसद पब्लिक स्वास्थ्य सिस्टम में लैब सर्विस की क्वालिटी को बेहतर बनाना और सही डायग्नोसिस के ज़रिए मरीज़ की सर्विस को और असरदार बनाना था। इस पहल ने हेल्थ सिस्टम में “प्रॉब्लम से सॉल्यूशन” की तरफ एक पॉजिटिव बदलाव लाने की कोशिश की है।मनोरोगी अस्पताल में हुई इस वर्कशॉप में राज्य भर के प्राइमरी स्वास्थ्य सेंटर, ग्रामीण अस्पताल, सब-जिला और जिला अस्पताल के लैब ऑफिसर, मेडिकल ऑफिसर और एक्सपर्ट ने हिस्सा लिया।

    ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सर्विस के बीच के गैप को कम करने और मरीज़ों के लिए समय पर और सही डायग्नोसिस पक्का करने पर खास ज़ोर दिया गया। स्वास्थ्य डायरेक्टर डॉ. नितिन अंबाडेकर की अध्यक्षता में हुई इस वर्कशॉप में जॉइंट डायरेक्टर डॉ. सुनीता गोलहैत, डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अशोक नंदापुरकर,मनोरोगी अस्पताल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नेताजी मुलिक,सिविल सर्जन डॉ. कैलाश पवार और दूसरे जाने-माने लोग मौजूद थे।

    लैबोरेटरी सर्विस में रोज़ाना आने वाली दिक्कतों, इक्विपमेंट की अवेलेबिलिटी, मैनपावर की कमी और टेक्निकल सुधारों पर गहराई से चर्चा हुई। इसमें शामिल अधिकारियों ने अपने सीधे अनुभव बताए और असली हालात की तस्वीर पेश की। इस जानकारी के आधार पर तुरंत सुधार और समाधान सुझाने की कोशिश की गई। इस मौके पर, जाने-माने लोगों ने कहा कि एक मज़बूत लैबोरेटरी सिस्टम मॉडर्न स्वास्थ्य की रीढ़ है।

    अगर टेस्ट सही समय पर और सही तरीके से किए जाएं, तो मरीज़ों का इलाज ज़्यादा असरदार होता है और स्वास्थ्य सिस्टम पर बोझ भी कम होता है। इस पहल से ज़मीनी स्तर के स्वास्थ्य इंस्टीट्यूशन को मज़बूत करने, डायग्नोस्टिक सर्विस की क्वालिटी सुधारने और मरीज़ों पर ध्यान देने वाला हेल्थ सिस्टम बनाने को बढ़ावा मिला है। इस तरह की जागरूकता बढ़ाने वाली और प्रोएक्टिव वर्कशॉप से ​​ग्रामीण इलाकों में लोगों के लिए बेहतर क्वालिटी की स्वास्थ्य पाना आसान हो रहा है।

  • UE LifeSciences: कैंसर की शुरुआती पहचान से बच सकती है जिंदगी : भौमिक सांघवी

    UE LifeSciences: कैंसर की शुरुआती पहचान से बच सकती है जिंदगी : भौमिक सांघवी

    UE LifeSciences: राष्ट्रीय कैंसर सर्वाइवर दिवस के अवसर पर यूई लाइफसाइंसेज ने कैंसर की शुरुआती पहचान और जागरूकता के महत्व पर जोर दिया। संस्था ने कहा कि समय पर जांच और उपचार से कैंसर मरीजों को नया जीवन मिल सकता है।

    कंपनी ने बताया कि भारत में स्तन, गर्भाशय ग्रीवा और मुंह के कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है। इस अवसर पर कैंसर सर्वाइवर्स की प्रेरणादायक कहानियों को भी सामने रखा गया, जिन्होंने समय पर पहचान और इलाज के जरिए बीमारी को मात दी।

    यूई लाइफसाइंसेज के सह-संस्थापक एवं सीओओ भौमिक सांघवी ने कहा कि कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका इसकी शुरुआती पहचान है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, समय पर जांच, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं और सामुदायिक सहयोग कैंसर से लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    संस्था ने विशेष रूप से महिलाओं से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील की है, ताकि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके।

  • Menstrual Festival: राजे शिवाजी स्कूल में मनपा और शेल्टर एसोसिएट्स ने ‘मासिक महोत्सव’ मनाया!

    Menstrual Festival: राजे शिवाजी स्कूल में मनपा और शेल्टर एसोसिएट्स ने ‘मासिक महोत्सव’ मनाया!

    Menstrual Festival: वर्ल्ड मेंस्ट्रुएशन डे के मौके पर मनपा व शेल्टर एसोसिएट्स और म्यूज़ फाउंडेशन के साथ मिलकर लोकमान्य नगर के राजे शिवाजी स्कूल में “मासिक महोत्सव” मनाया गया। यह पहल समाज में मेंस्ट्रुएशन को लेकर फैले अंधविश्वास, गलतफहमियों और शर्म को दूर करके महिलाओं और पुरुषों में जागरूकता लाने के मकसद से की गई थी।इस प्रोग्राम को सभागृह नेता हनुमंत जगदाले और महात्मा फुले शिक्षा सोसाइटी के जयंत घाडगे ने गाइड किया।

    शेल्टर एसोसिएट्स पिछले कई सालों से ठाणे मनपा एरिया की झुग्गियों में “वन टॉयलेट” प्रोजेक्ट और अलग-अलग सफाई कैंपेन चला रहा है। इसी के तहत, गुरुवार (28 मई, 2026) को वर्ल्ड मेंस्ट्रुएशन डे के मौके पर एक खास प्रोग्राम रखा गया है।इस प्रोग्राम में गाने, लेक्चर, सवाल-जवाब, गेम और एक्सपर्ट गाइडेंस जैसी अलग-अलग एक्टिविटीज़ के ज़रिए मौजूद लोगों में पीरियड्स के बारे में जागरूकता पैदा की गई।

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    प्रोग्राम की शुरुआत में, सीनियर एनवायरनमेंटल एक्सपर्ट विजयकुमार कट्टी ने पीरियड्स से जुड़े अंधविश्वासों और गलतफहमियों के बारे में कम्युनिटी को गाइड किया। उन्होंने यूज़ एंड थ्रो सैनिटरी पैड्स के एनवायरनमेंट पर पड़ने वाले बुरे असर के बारे में बताया और इको-फ्रेंडली ऑप्शन इस्तेमाल करने की अपील की।साथ ही, सवाल-जवाब सेशन के ज़रिए मौजूद महिलाओं और पुरुषों के मन में चल रहे शक और गलतफहमियों को दूर किया गया।

    शेल्टर एसोसिएट्स के प्रोजेक्ट मैनेजर अमोल गाडे ने ऑर्गनाइज़ेशन के पीरियड्स हाइजीन प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ठाणे की अलग-अलग झुग्गियों की करीब 2000 महिलाओं ने मेंस्ट्रुअल कप इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इससे सैनिटरी नैपकिन से होने वाला वेस्ट कम हुआ है और महिलाओं की हेल्थ बेहतर हुई है और पैसे भी बचे हैं।

    अमोल गाडे ने कहा, “पीरियड्स छिपाने की बात नहीं है, बच्चे पर खुलना बात करना और इसका सही ख्याल रखना है।” म्यूज़ फ़ाउंडेशन के निशांत बंगेरा ने भी प्रोग्राम की अहमियत के बारे में बताया और हिस्सा लेने वालों को बधाई दी।इस मौके पर संस्था के वैभव काले, सुनीता सकुंडे, योगिता शिंदे, मनीषा सुर्वे और पूजा भालेराव मौजूद थे। लोकमान्य नगर इलाके की महिलाओं और पुरुषों ने वर्ल्ड पीरियड्स डे के मौके पर “मासिक धर्म महोत्सव” में जोश के साथ हिस्सा लिया।

  • Rajeev Khandelwal: ‘मैं खुद को गुनहगार मानता हूं’, राजीव खंडेलवाल ने शेयर किया दिल का दर्द!

    Rajeev Khandelwal: ‘मैं खुद को गुनहगार मानता हूं’, राजीव खंडेलवाल ने शेयर किया दिल का दर्द!

    Rajeev Khandelwal: टीवी, बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके अभिनेता राजीव खंडेलवाल इन दिनों अपने रियलिटी गेम शो ‘तुम हो ना’ को लेकर चर्चा में हैं। अपने शांत स्वभाव और दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले राजीव ने हाल ही में अपनी जिंदगी के सबसे दर्दनाक दौर के बारे में खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने अपनी मां को याद करते हुए एक ऐसा खुलासा किया, जिसने उनके फैंस को भी भावुक कर दिया।

    मां को खोने का गम आज भी है कायम
    राजीव खंडेलवाल ने बताया कि उनकी मां के निधन का दर्द आज भी उनके दिल में जिंदा है। अभिनेता ने स्वीकार किया कि उन्हें आज भी इस बात का गहरा अफसोस है कि वह अपनी मां के कैंसर के शुरुआती संकेतों को समय रहते समझ नहीं पाए। उन्होंने कहा कि यही बात उन्हें अंदर ही अंदर सालों से परेशान कर रही है।

    खुद को मानते हैं गुनहगार
    अपने शो के दौरान भावुक होते हुए राजीव ने कहा कि वह खुद को काफी हद तक “गुनहगार” मानते हैं। अभिनेता के मुताबिक, उनकी मां को लगातार बैक पेन, भूख कम लगना, पेट फूलना और गैस जैसी समस्याएं हो रही थीं, लेकिन उस समय वह इन लक्षणों की गंभीरता को समझ नहीं सके। बाद में पता चला कि उनकी मां ओवेरियन कैंसर से जूझ रही थीं।

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    भावुक उन्होंने कहा-

    “मैं काफी हद तक खुद को गुनहगार समझता हूं, क्योंकि मम्मी को जो सिम्पटम्स हुए थे, तब मैं उसे समझ नहीं पाया। यह शो भारत की सभी महिलाओं को समर्पित है, इसलिए मैं आप सबसे गुजारिश करना चाहूंगा कि अगर आप में से किसी को कभी भी बैक पेन की समस्या हो, आपकी भूख कम हो जाए, आपके पेट में कुछ ब्लोटिंग हो, गैस हो और यह लंबे अरसे तक चले, तो प्लीज जाकर अपने टेस्ट कराइए।”

    महिलाओं से की जरूरी अपील
    राजीव ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि अगर लंबे समय तक इस तरह के लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत मेडिकल टेस्ट कराना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ओवेरियन कैंसर को समय रहते कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन उनकी मां के मामले में ऐसा नहीं हो पाया।

    सोशल मीडिया पर मिल रहा समर्थन
    अभिनेता की यह भावुक अपील अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। कई लोग उनकी ईमानदारी और महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर दिए गए संदेश की सराहना कर रहे ह