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  • MHT-CET Result: एमएचटी-सीईटी में रिशु अरुण सिंह का शानदार प्रदर्शन, 89 प्रतिशत अंक हासिल

    MHT-CET Result: एमएचटी-सीईटी में रिशु अरुण सिंह का शानदार प्रदर्शन, 89 प्रतिशत अंक हासिल

    MHT-CET Result: महाराष्ट्र स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट सेल द्वारा घोषित एमएचटी-सीईटी परीक्षा परिणाम में नालासोपारा के छात्र रिशु अरुण सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 89 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

    पीसीएम (भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित) समूह में शामिल रिशु ने अपनी मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन के बल पर यह सफलता हासिल की। उनके इस शानदार प्रदर्शन पर परिजनों, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

    परिजनों के अनुसार, रिशु शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और अनुशासित रहे हैं। उनकी इसी लगन और कड़ी मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता को क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।

    रिशु अरुण सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को देते हुए कहा कि वे आगे भी इसी समर्पण और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहेंगे। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्रभर से लगातार बधाइयों का सिलसिला जारी है।

  • CUET-UG CANCELLED: CUET-UG एग्जाम में सर्वर फेल, NTA ने प्रभावित छात्रों के लिए री-एग्जाम का किया ऐलान!

    CUET-UG CANCELLED: CUET-UG एग्जाम में सर्वर फेल, NTA ने प्रभावित छात्रों के लिए री-एग्जाम का किया ऐलान!

    CUET-UG Cancelled: देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल CUET-UG 2026 एक बार फिर विवादों में आ गई है। शुक्रवार को देशभर के कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण परीक्षा प्रभावित हुई, जिससे हजारों छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई केंद्रों पर परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी, जबकि कुछ जगहों पर छात्रों को घंटों इंतजार करने के बाद बिना परीक्षा दिए वापस भेज दिया गया।

    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA ने स्वीकार किया कि परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी TCS की ओर से तकनीकी समस्या सामने आई थी, जिसके कारण परीक्षा प्रक्रिया बाधित हुई। एजेंसी ने कहा कि समस्या को बाद में ठीक कर लिया गया, लेकिन तब तक कई केंद्रों पर अव्यवस्था फैल चुकी थी।

    छात्रों के अनुसार सुबह से ही सर्वर डाउन, लॉगिन फेल और प्रश्नपत्र डाउनलोड न होने जैसी समस्याएं सामने आने लगी थीं। नोएडा समेत कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों को घंटों बैठाकर रखा गया और बाद में उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि आगे की जानकारी NTA द्वारा दी जाएगी।

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    तकनीकी गड़बड़ी के कारण NTA को दोपहर की परीक्षा का समय भी बदलना पड़ा। एजेंसी ने प्रभावित छात्रों को पूरा परीक्षा समय देने का आश्वासन दिया और बाद में कहा कि जिन उम्मीदवारों की परीक्षा नहीं हो सकी, उनके लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। लगभग 3,700 प्रभावित छात्रों को री-एग्जाम का मौका दिया जाएगा।

    इस घटना के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार और NTA पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने कहा कि NEET, SSC, CBSE और अब CUET जैसी परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों का भरोसा कमजोर हो रहा है। परीक्षा केंद्रों पर मौजूद छात्रों और अभिभावकों ने भी अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।

    कई छात्रों ने बताया कि उन्हें पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था और परीक्षा संबंधी स्पष्ट जानकारी तक नहीं मिली। फिलहाल NTA ने प्रभावित उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा का मौका देने का आश्वासन दिया है और नई तारीख जल्द घोषित करने की बात कही है। हालांकि, लगातार सामने आ रही तकनीकी और प्रशासनिक खामियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • Historic Agreement: एम. पी. लॉ कॉलेज और फाइंडेबिलिटी साइंसेज के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता!

    Historic Agreement: एम. पी. लॉ कॉलेज और फाइंडेबिलिटी साइंसेज के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता!

    Historic Agreement: भारत की कानूनी व्यवस्था तेजी से तकनीक आधारित बदलाव के दौर से गुजर रही है और अब मराठवाड़ा भी इस परिवर्तन का हिस्सा बनने जा रहा है। मराठवाड़ा लीगल एंड जनरल एजुकेशन सोसाइटी के मणिकचंद पहाड़े लॉ कॉलेज (एम पी लॉ कॉलेज), छत्रपति संभाजीनगर और फाइंडेबिलिटी साइंसेज ने मिलकर क्षेत्र की पहली समर्पित लीगल एआई शिक्षा पहल शुरू करने के लिए पांच वर्ष के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

    इस पहल के तहत एम पी लॉ कॉलेज परिसर में ‘लीगल एआई में 3 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स’ शुरू किया जाएगा, साथ ही एक अत्याधुनिक ‘एआई एंड लीगल एथिक्स रिसर्च लैब’ भी स्थापित की जाएगी। इस कार्यक्रम का पहला बैच शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से शुरू होने की संभावना है।

    देशभर में ई-कोर्ट मिशन मोड प्रोजेक्ट के माध्यम से अदालतों में अनुवाद, ट्रांसक्रिप्शन, इंटेलिजेंट शेड्यूलिंग और प्रशासनिक कार्यों में एआई का उपयोग बढ़ रहा है। वहीं लॉ फर्म और कॉर्पोरेट कानूनी विभाग भी ड्राफ्टिंग, रिसर्च और कंप्लायंस जैसे कार्यों में जेनरेटिव एआई का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे समय में यह पहल छात्रों और वकीलों को भविष्य की कानूनी तकनीक से जोड़ने का प्रयास मानी जा रही है।

    संयुक्त रूप से तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम में छात्रों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसमें एआई के मूल सिद्धांत, लीगल एआई टूल्स, जेनरेटिव एआई का कानूनी उपयोग, केस इंटेलिजेंस, बौद्धिक संपदा संरक्षण, दस्तावेज समीक्षा, ई-डिस्कवरी वर्कफ़्लो, लीगल एनालिटिक्स, रिस्पॉन्सिबल प्रॉम्प्टिंग और एथिक्स सिमुलेशन जैसे विषय शामिल होंगे। पाठ्यक्रम के अंत में छात्रों को फाइंडेबिलिटी साइंसेज के मार्गदर्शन में एक कैपस्टोन प्रोजेक्ट भी पूरा करना होगा।

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    फाइंडेबिलिटी साइंसेज इस कार्यक्रम के लिए एआई विशेषज्ञ, गेस्ट फैकल्टी, लाइव टूल डेमोंस्ट्रेशन, फैकल्टी ट्रेनिंग और बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को इंटर्नशिप के अवसर भी उपलब्ध कराएगी। कोर्स पूरा करने वाले प्रतिभागियों को एम पी लॉ कॉलेज और फाइंडेबिलिटी साइंसेज द्वारा संयुक्त प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

    इस पहल के तहत स्थापित की जाने वाली ‘एआई एंड लीगल एथिक्स रिसर्च लैब’ भारतीय न्याय प्रणाली में एआई के उपयोग, डेटा सुरक्षा, एल्गोरिद्मिक जवाबदेही, पारदर्शिता और संवैधानिक सीमाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अनुसंधान करेगी। इसके अंतर्गत नीति पत्र, कार्यशालाएं और राष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन भी किया जाएगा।

    एम पी लॉ कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अपर्णा एन. कोटापल्ले ने कहा, “लॉ स्कूल अगले दशक के कानून की शिक्षा पुराने तौर-तरीकों से नहीं दे सकते। यह साझेदारी हमें भविष्य की तकनीक को सीधे अपने क्लासरूम तक लाने का अवसर देती है।”

    वहीं फाइंडेबिलिटी साइंसेज के लीगल एआई विशेषज्ञ रोहित राउत ने कहा, “जिम्मेदारी के साथ एआई को अपनाना केवल इंजीनियरों का काम नहीं है। अदालतों, अनुबंधों और सार्वजनिक क्षेत्र में एआई के उपयोग को लेकर होने वाली चर्चा में वकीलों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होगी।”

    यह कोर्स एम पी लॉ कॉलेज के छात्रों, प्रैक्टिस कर रहे वकीलों, लॉ ग्रेजुएट्स, अन्य संस्थानों के छात्रों और संबंधित क्षेत्रों के पेशेवरों के लिए खुला रहेगा। प्रवेश प्रक्रिया और विस्तृत पाठ्यक्रम की घोषणा जल्द ही की जाएगी।