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  • KDMC Meeting: जनरल मीटिंग में ठाकुरली ब्रिज प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर बात हुई; ब्रिज का काम तुरंत शुरू करने की मांग!

    KDMC Meeting: जनरल मीटिंग में ठाकुरली ब्रिज प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर बात हुई; ब्रिज का काम तुरंत शुरू करने की मांग!

    KDMC Meeting: कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की 15 जून, 2026 को हुई जनरल मीटिंग में ठाकुरली रेलवे फ्लाईओवर से जुड़े 27 प्रोजेक्ट प्रभावित लोगों के पुनर्वास का बहुत ज़रूरी मुद्दा चर्चा में आया। यह बड़ा प्रोजेक्ट कई वजहों से दस साल से ज़्यादा समय से रुका हुआ है, और उम्मीद थी कि प्रोजेक्ट प्रभावित लोगों के पुनर्वास के बाद इस ब्रिज का काम तेज़ी पकड़ेगा।

    ठाकुरली ब्रिज डोंबिवली और आस-पास के इलाकों के लोगों के लिए आने-जाने का एक बहुत ज़रूरी रास्ता है। अगर इस ब्रिज का काम पूरा हो जाता है, तो ट्रैफिक जाम काफी हद तक कम हो जाएगा और लोगों को राहत मिलेगी। माननीय प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण साहेब की लगातार कोशिशों की वजह से, प्रोजेक्ट प्रभावित लोगों को घर दिलाने और ब्रिज का काम पटरी पर लाने के लिए पिछले कई सालों से लगातार फॉलो-अप चल रहा है।

    लोकल रिप्रेजेंटेटिव राहुल दामले, शशिकांतजी कांबले, खुशबू चौधरी और शारदा चौधरी ने भी एडमिनिस्ट्रेशन से बार-बार बात करके इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में अहम रोल निभाया है। जनरल मीटिंग के दौरान, कॉर्पोरेटर दीपेश पुंडलिक म्हात्रे ने यह मुद्दा उठाया और ज़ोर देकर मांग की कि प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों को तुरंत घर दिए जाएं और ठाकुरली ब्रिज का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के रोज़ाना आने-जाने में होने वाली मुश्किलों को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को प्रायोरिटी देना ज़रूरी है।

    उम्मीद है कि ठाकुरली ब्रिज प्रोजेक्ट में आने वाली सभी रुकावटें दूर की जाएंगी और प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों का रिहैबिलिटेशन तुरंत पूरा किया जाएगा और ब्रिज का काम वॉर फुटिंग पर शुरू करके जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। अगर यह ब्रिज बन जाता है, तो डोंबिवली के लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी और इलाके के डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिलेगा।

  • Kalu Reservoir Project: कालू जलाशय योजना और जल क्षेत्र का नियोजन जरूरी!

    Kalu Reservoir Project: कालू जलाशय योजना और जल क्षेत्र का नियोजन जरूरी!

    Kalu Reservoir Project: लगभग 20 सालों से कालू जलाशय बनाकर शहर को पानी उपलब्ध कराने का वादा किया जाता है। मुंबई मनपा ने शाहपुर का जल क्षेत्र मुंबई के लिए आरक्षित कर लिया है। कार्य ठाणे मनपा को करना चाहिए लेकिन इसमें हम पीछे रह गए है। यह बात विधायक संजय केलकर ने जल संवर्धन समिति द्वारा आयोजित परिसंवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संवर्धन, संरक्षण और पानी बचत के बारे में पाठयपुस्तक के जरिए विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है।

    परिसंवाद के आयोजक व वरिष्ठ समाजसेवी ओमप्रकाश शर्मा के प्रयास और उनके कार्यों की सराहना करते हुए विधायक केलकर ने कहा कि जल और जंगल का ओमप्रकाश शर्मा को अच्छा अनुभव है। पानी, वन और ग्रामीण, आदिवासी पट्टे में कार्य किया है। दिवंगत नेता अरविंद पेंड्से के साथ ग्रामीण भागों का दौरा करने, पानी परिषद, नासिक दहानू रेल के लिए प्रयास का उनका अनुभव है। उन्होंने कहा कि शासन की 300 करोड़ वृक्षारोपण की योजना है। विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तक के माध्यम से संस्कार देना चाहिए।

    महात्मा गांधी के स्वच्छता मुहिम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़ाना शुरू किया है। बच्चे बड़ों को कचरा फेंकने पर रोकने, पानी का योग्य नियोजन, वृक्षारोपण का संदेश देने के लिए तैयार नहीं हुए तो समस्या बढ़ेगी। इमारत बनेंगे पानी, सुविधा कहां से आयेगी। नई इमारतों के निर्माण पर विचार करना होगा कि पानी और आवश्यक सुविधाएं कहां से देंगे। आज यहां से शुरू पर्यावरण संवर्धन का संदेश स्कूल स्कूल तक पहुंचाना पडेगा। मैंग्रोज के वन हमारा जीवन है उसमें भरनी , अतिक्रमण रोकने की जरूरत है।

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    प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित ठाणे वैभव के संपादक मिलिंद बल्लाल ने कहा कि ठाणे पालघर जिले के ग्रामीण इलाके के विकास के लिए ओमप्रकाश शर्मा का बड़ा योगदान है। ओमप्रकाश शर्मा का सपना है पानी की समस्या के लिए प्रयास शुरू हो, जनजागरण शासन के साथ जनसंवाद हो और शासन तक पहुंचे, केलकर जैसे विधायक हैं। जल पर्यटन स्कूलों के बच्चों के लिए शुरू हो, वृक्ष रोपण के लिए प्रशिक्षण करना चाहिए। मनपा को रिसाइकिलिंग नहीं जमा जिसका केलकर में मुद्दा उठाया।

    हीरानंदानी एस्टेट में रिसाइकिलिंग होती है ऐसे सभी सोसायटियों में होना चाहिए। कोंकण में अधिक बारिश होती है लेकिन वह काम नहीं आता। कालू जलाशय, बुलेट ट्रेन, समृद्धि मार्ग पर करोड़ों खर्च किया जा रहा है। कालू जलाशय पर 600 करोड़ खर्च योजना क्रियान्वित क्यों नहीं हो रही है। पानी के बारे में गुजरात का अनुकरण करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शेत ताल, जल शिवार पर जोर दिया है। प्रत्येक व्यक्ति एक मिनट शहर के लिए दिया तो बहुत लाभ होगा।

    अधिक आयु के बाद भी ओमप्रकाश शर्मा जल और पर्यावरण के लिए सक्रिय हैं, उनके प्रयासों को जन जन तक पहुंचाने और कालू जलाशय पर विचार करना जरूरी है। कार्यक्रम वरिष्ठ नेता आर सी पाटील, उद्योग पति ओम चांडक, पत्रकार रामकृष्ण अय्यर , अशोक पारेख, शरद रखियार, लक्ष्मीकांत मूंदड़ा, शशिकांत शिर्के , आशीष शुक्ला, जीतू शर्मा , सुमन शर्मा, सविता इंदौरिया आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व उपमहापौर एड सुभाष काले ने किया।