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  • UE LifeSciences Technology: स्तन कैंसर की बढ़ती चुनौती के बीच यूई लाइफसाइंसेज की तकनीक बनी उम्मीद!

    UE LifeSciences Technology: स्तन कैंसर की बढ़ती चुनौती के बीच यूई लाइफसाइंसेज की तकनीक बनी उम्मीद!

    UE LifeSciences Technology: देशभर में महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे स्तन कैंसर के मामलों के बीच समय पर जांच और शुरुआती पहचान को सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है। इसी दिशा में यूई लाइफसाइंसेज की अत्याधुनिक तकनीकें राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

    सरकार की महत्वाकांक्षी ‘RaKSA’ पहल के तहत कंपनी द्वारा विकसित पोर्टेबल और किफायती तकनीकों के जरिए कैंसर स्क्रीनिंग को अधिक तेज, आसान और व्यापक बनाया जा रहा है। कंपनी के ‘iBreastExam’ डिवाइस के माध्यम से महाराष्ट्र के 22 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 1 लाख से अधिक महिलाओं की जांच की जा चुकी है।

    रेडिएशन-फ्री और दर्द रहित जांच
    iBreastExam पूरी तरह रेडिएशन-फ्री, दर्द रहित और नॉन-इनवेसिव तकनीक पर आधारित है। यह कुछ ही मिनटों में स्तन की जांच कर संभावित असामान्यताओं की पहचान कर सकता है। जांच के दौरान हजारों महिलाओं में शुरुआती स्तर पर बदलाव पाए गए, जिन्हें आगे उपचार के लिए रेफर किया गया।

    यह स्क्रीनिंग कार्यक्रम सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल, गोकुलदास तेजपाल अस्पताल, कामा एंड अल्ब्लेस हॉस्पिटल और ग्रांट मेडिकल कॉलेज सहित महाराष्ट्र के कई सरकारी अस्पतालों में संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा नांदेड़, अकोला, औरंगाबाद, नागपुर, कोल्हापुर, धुले, यवतमाल, चंद्रपुर, पुणे, सांगली और सतारा जैसे जिलों में भी यह अभियान जारी है।

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    महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए समय पर जांच जरूरी
    गौरी नवलकर-गोडसे ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य को अब देरी से होने वाले निदान पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक बदलाव जागरूकता, समय पर स्क्रीनिंग और ऐसी तकनीकों की उपलब्धता से आता है, जो बीमारी को गंभीर अवस्था तक पहुंचने से पहले पहचान सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए शुरुआती कदम केवल बचाव नहीं, बल्कि परिवारों और भविष्य को सुरक्षित रखने का अवसर है।

    AI आधारित तकनीकों से होगा विस्तार
    यूई लाइफसाइंसेज अब अपनी AI आधारित तकनीकों का विस्तार करने जा रही है। कंपनी जल्द ही सर्वाइकल कैंसर के लिए cervAIcal और ओरल कैंसर के लिए OrCA को इस अभियान में शामिल करेगी। ये स्मार्टफोन आधारित पोर्टेबल उपकरण स्वास्थ्य कर्मियों को दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में ‘डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग’ करने में मदद करेंगे, जिससे मरीजों का डेटा तुरंत डॉक्टरों तक पहुंच सकेगा।

    हाल ही में मुंबई में महाराष्ट्र पुलिस कर्मियों के लिए आयोजित विशेष कैंसर स्क्रीनिंग कैंप में भी इन तकनीकों की मदद से लगभग 100 महिला और पुरुष पुलिस कर्मियों की स्तन तथा ओरल कैंसर जांच की गई। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि स्तन कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए तो 90 प्रतिशत तक मामलों में सफल उपचार संभव है। ऐसे में तकनीक आधारित समय पर जांच की यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है।

  • Maglumi Machines Inauguration: छत्रपति शिवाजी महाराज हॉस्पिटल में दो लेटेस्ट ‘मैग्लुमी’ मशीनों का उद्घाटन!

    Maglumi Machines Inauguration: छत्रपति शिवाजी महाराज हॉस्पिटल में दो लेटेस्ट ‘मैग्लुमी’ मशीनों का उद्घाटन!

    Maglumi Machines Inauguration: पब्लिक हेल्थ सर्विस को और बेहतर बनाने के मकसद से, डॉ. श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन और गोपालराव पाटिल शिक्षण प्रसारक मंडल ने CSR पहल के तहत कलवा में छत्रपति शिवाजी महाराज हॉस्पिटल को दो लेटेस्ट ‘मैग्लुमी 800 और ‘मैग्लुमी’ 2000 CLIA एनालाइज़र’ मशीनें दी हैं और सभागार नेता हनुमंत जगदाले ने इनका उद्घाटन किया। यह मशीन हॉस्पिटल की ब्लड डायग्नोस्टिक कैपेसिटी को तेज़ और ज़्यादा असरदार बनाएगी और हज़ारों मरीज़ों को इसका सीधा फ़ायदा होगा।

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    इस मौके पर शिवसेना कल्याण जिला अध्यक्ष गोपाल लांडगे, कॉर्पोरेटर मिलिंद पाटिल, माननीय। कॉरपोरेटर मनाली पाटिल, कॉरपोरेटर गणेश कांबले, कॉरपोरेटर योगेश जानकर, कॉरपोरेटर चंद्रकांत साल्वी, ब्रांच हेड रवींद्र पाटिल मौजूद थे।‘मैग्लुमी’ 800 और ‘मैग्लुमी’ 2000 दोनों मशीनें पूरी तरह से ऑटोमैटिक हैं और उनकी टेस्टिंग कैपेसिटी बहुत तेज़ है।

    यह मशीन एक घंटे में लगभग 200 टेस्ट करने की कैपेसिटी रखती है। साथ ही, एक ही समय में 40 मरीज़ों के सैंपल टेस्ट किए जा सकते हैं। क्योंकि कैंसर, थायरॉइड, ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों के टेस्ट ज़्यादा सही और तेज़ी से किए जा सकते हैं, इसलिए यह मरीज़ों के इलाज के प्रोसेस में बहुत मदद करेगा।