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  • Illegal Warehouses Demolition: चला एमएमआरडीए का बुलडोजर, अवैध गोदामों पर की गई तोड़क कार्रवाई!

    Illegal Warehouses Demolition: चला एमएमआरडीए का बुलडोजर, अवैध गोदामों पर की गई तोड़क कार्रवाई!

    Illegal Warehouses Demolition: भिवंडी तालुका के सोनाले ग्रामपंचायत क्षेत्र स्थित राजलक्ष्मी कंपाऊंड परिसर में बने कथित अवैध गोदामों पर मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) द्वारा बुलडोजर चलाकर तोड़क कार्रवाई शुरू की गई है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की जा रही है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित भूमि स्वामियों एवं गोदाम मालिकों को पूर्व सूचना जारी किए जाने के बाद एमएमआरडीए की टीम ने बुलडोजर और अन्य भारी मशीनों की सहायता से अवैध निर्माणों को हटाने का अभियान शुरू किया। भूमि स्वामियों और गोदाम मालिकों के बीच चल रहे विवाद को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की जा रही है।

    कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था। अभियान की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, व्यापारी तथा गोदाम मालिक घटनास्थल पर पहुंच गए।

    कई वर्षों से संचालित हो रहे गोदामों पर अचानक शुरू हुई इस तोड़क कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है। प्रभावित व्यापारियों और गोदाम संचालकों में चिंता का माहौल देखा जा रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार, एमएमआरडीए का यह अभियान आगामी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्र में मौजूद अन्य अनधिकृत निर्माणों का भी सर्वेक्षण एवं निरीक्षण किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि न्यायालय के निर्देशों और नियमानुसार अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन सख्त रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • Kalu Reservoir Project: कालू जलाशय योजना और जल क्षेत्र का नियोजन जरूरी!

    Kalu Reservoir Project: कालू जलाशय योजना और जल क्षेत्र का नियोजन जरूरी!

    Kalu Reservoir Project: लगभग 20 सालों से कालू जलाशय बनाकर शहर को पानी उपलब्ध कराने का वादा किया जाता है। मुंबई मनपा ने शाहपुर का जल क्षेत्र मुंबई के लिए आरक्षित कर लिया है। कार्य ठाणे मनपा को करना चाहिए लेकिन इसमें हम पीछे रह गए है। यह बात विधायक संजय केलकर ने जल संवर्धन समिति द्वारा आयोजित परिसंवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संवर्धन, संरक्षण और पानी बचत के बारे में पाठयपुस्तक के जरिए विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है।

    परिसंवाद के आयोजक व वरिष्ठ समाजसेवी ओमप्रकाश शर्मा के प्रयास और उनके कार्यों की सराहना करते हुए विधायक केलकर ने कहा कि जल और जंगल का ओमप्रकाश शर्मा को अच्छा अनुभव है। पानी, वन और ग्रामीण, आदिवासी पट्टे में कार्य किया है। दिवंगत नेता अरविंद पेंड्से के साथ ग्रामीण भागों का दौरा करने, पानी परिषद, नासिक दहानू रेल के लिए प्रयास का उनका अनुभव है। उन्होंने कहा कि शासन की 300 करोड़ वृक्षारोपण की योजना है। विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तक के माध्यम से संस्कार देना चाहिए।

    महात्मा गांधी के स्वच्छता मुहिम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़ाना शुरू किया है। बच्चे बड़ों को कचरा फेंकने पर रोकने, पानी का योग्य नियोजन, वृक्षारोपण का संदेश देने के लिए तैयार नहीं हुए तो समस्या बढ़ेगी। इमारत बनेंगे पानी, सुविधा कहां से आयेगी। नई इमारतों के निर्माण पर विचार करना होगा कि पानी और आवश्यक सुविधाएं कहां से देंगे। आज यहां से शुरू पर्यावरण संवर्धन का संदेश स्कूल स्कूल तक पहुंचाना पडेगा। मैंग्रोज के वन हमारा जीवन है उसमें भरनी , अतिक्रमण रोकने की जरूरत है।

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    प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित ठाणे वैभव के संपादक मिलिंद बल्लाल ने कहा कि ठाणे पालघर जिले के ग्रामीण इलाके के विकास के लिए ओमप्रकाश शर्मा का बड़ा योगदान है। ओमप्रकाश शर्मा का सपना है पानी की समस्या के लिए प्रयास शुरू हो, जनजागरण शासन के साथ जनसंवाद हो और शासन तक पहुंचे, केलकर जैसे विधायक हैं। जल पर्यटन स्कूलों के बच्चों के लिए शुरू हो, वृक्ष रोपण के लिए प्रशिक्षण करना चाहिए। मनपा को रिसाइकिलिंग नहीं जमा जिसका केलकर में मुद्दा उठाया।

    हीरानंदानी एस्टेट में रिसाइकिलिंग होती है ऐसे सभी सोसायटियों में होना चाहिए। कोंकण में अधिक बारिश होती है लेकिन वह काम नहीं आता। कालू जलाशय, बुलेट ट्रेन, समृद्धि मार्ग पर करोड़ों खर्च किया जा रहा है। कालू जलाशय पर 600 करोड़ खर्च योजना क्रियान्वित क्यों नहीं हो रही है। पानी के बारे में गुजरात का अनुकरण करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शेत ताल, जल शिवार पर जोर दिया है। प्रत्येक व्यक्ति एक मिनट शहर के लिए दिया तो बहुत लाभ होगा।

    अधिक आयु के बाद भी ओमप्रकाश शर्मा जल और पर्यावरण के लिए सक्रिय हैं, उनके प्रयासों को जन जन तक पहुंचाने और कालू जलाशय पर विचार करना जरूरी है। कार्यक्रम वरिष्ठ नेता आर सी पाटील, उद्योग पति ओम चांडक, पत्रकार रामकृष्ण अय्यर , अशोक पारेख, शरद रखियार, लक्ष्मीकांत मूंदड़ा, शशिकांत शिर्के , आशीष शुक्ला, जीतू शर्मा , सुमन शर्मा, सविता इंदौरिया आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व उपमहापौर एड सुभाष काले ने किया।

  • MMRDA: शिवसेना के आरोपों के बाद जागा एमएमआरडीए, 90 करोड़ का विक्रोली फुटओवर ब्रिज टेंडर रद्द

    MMRDA: शिवसेना के आरोपों के बाद जागा एमएमआरडीए, 90 करोड़ का विक्रोली फुटओवर ब्रिज टेंडर रद्द

    मुंबई: Mumbai Metropolitan Region Development Authority (एमएमआरडीए) ने विक्रोली में प्रस्तावित 90 करोड़ रुपये के फुटओवर ब्रिज की निविदा प्रक्रिया रद्द कर दी है। यह फैसला Anil Parab द्वारा लगाए गए धांधली, कार्टेलाइजेशन और रिगिंग के आरोपों के बाद लिया गया। (MMRDA)

    एमएमआरडीए ने न सिर्फ टेंडर रद्द किया, बल्कि प्रक्रिया से पीछे हटने वाले बोलीदाताओं की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जब्त करने का भी निर्णय लिया है। इस कदम से परियोजना में अनियमितताओं की पुष्टि होने के संकेत मिले हैं।परब की शिकायत के बाद प्राधिकरण ने एक सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया। एमएमआरडीए के प्रकल्प संचालक बसवराज एम. बी. ने पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी।

    क्या थे आरोप?
    अनिल परब ने 10 अप्रैल 2026 को एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि विक्रोली फुटओवर ब्रिज, बीकेसी-चुनाभट्टी कनेक्टर और अटल सेतु से जुड़ी परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा था कि 90 करोड़ रुपये के इस टेंडर को दो महीने तक खोला ही नहीं गया और 8 में से 6 बोलीदाताओं ने दबाव में अपने नाम वापस ले लिए, जिससे केवल 2 कंपनियां बचीं।

    ‘सिर्फ रद्द करना काफी नहीं’
    टेंडर रद्द होने के बाद अनिल परब ने फैसले का स्वागत किया, लेकिन इसे अधूरा कदम बताया। उन्होंने मांग की कि संबंधित कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

  • Forest and Government Land Encroachment: भिवंडी के ग्रामीण क्षेत्रों में वन और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण; कार्रवाई हुई शुरू!

    Forest and Government Land Encroachment: भिवंडी के ग्रामीण क्षेत्रों में वन और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण; कार्रवाई हुई शुरू!

    भिवंडी: भिवंडी तालुका में हो रहे नए विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और व्यावसायिक प्रगति हो रही है। हालांकि, एमएमआरडीए के तहत सुनियोजित विकास के बजाय, रसूखदार लोगों ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर लिया है और पारंपरिक जल स्रोतों जैसे नालों और छोटे नालों को भी बंद करने का प्रयास किया है। इसके परिणामस्वरूप, मानसून के दौरान कई गांवों की सीमाओं और परिवहन मार्गों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे यातायात में भारी बाधा उत्पन्न होती है। (Forest and Government Land Encroachment)

    हैरानी की बात यह है कि जिलाधिकारी कार्यालय, जिला परिषद, पंचायत समिति का निर्माण एवं सिंचाई विभाग और राज्य का सार्वजनिक निर्माण विभाग इस ओर कोई ठोस कार्रवाई न करते हुए केवल मूकदर्शक बने हुए हैं। मुंबई-नासिक राजमार्ग के पास ग्रुप ग्राम पंचायत कुरुंद के अंतर्गत मौजे वाहुली गाँव में वन विभाग और चरागाह की भूमि पर हुए अतिक्रमण के कारण बारिश के पानी की निकासी रुक गई है। इस संबंध में संयुक्त वन प्रबंधन समिति और वाहुली गाँव विकास प्रतिष्ठान ने हाल ही में वन मंत्री गणेश नाईक से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।(Forest and Government Land Encroachment)

    यदि आगामी मानसून से पहले जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो इसका खामियाजा वाहुली, कुरुंद और आसपास के ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा। कुरुंद ग्रुप ग्राम पंचायत के वाहुली गाँव और आसपास के विस्तृत वन क्षेत्र की सुरक्षा वर्ष 2095 से ‘संयुक्त वन प्रबंधन समिति’ और ‘वाहुली गाँव विकास प्रतिष्ठान’ द्वारा की जा रही है। इसके लिए संस्था ने निजी खर्च पर सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए हैं। वर्ष 2007-08 से इस क्षेत्र में विकास कार्यों ने गति पकड़ी और धान के खेतों की जगह बड़े पैमाने पर गोदाम बनाने का व्यवसाय फलने-फूलने लगा।

    आरोप है कि इन गोदामों के निर्माण के दौरान उद्यमियों ने वन विभाग की भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया। स्थानीय नागरिकों ने जंगल और चरागाह क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण के खिलाफ कई शिकायतें कीं, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया। व्यवसायियों ने नदी, नाले, कुएं और बोरवेल जैसे जल स्रोतों के सूखने के बाद उन जगहों पर भी कब्जा कर लिया है और यहाँ तक कि ग्रामीणों के पैदल रास्तों को भी नहीं छोड़ा।

    वन विभाग को बार-बार सबूत देने के बावजूद कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इसके अलावा, अवैध खनिज ले जाने वाले वाहनों ने भी वन क्षेत्र के पेड़ों को काटकर अपना रास्ता बना लिया है। स्थानीय सामाजिक संस्थाओं ने कुरुंद वाहुली के गुरचरण सर्वे नंबर 71/6, 77/16, 65/8 और 20 में हुए अतिक्रमण के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं। अब स्थानीय लोग इस वन कटाई के खिलाफ एकजुट हो गए हैं और वन मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।

    वन मंत्री के पास ज्ञापन पहुँचने के बाद इसे ठाणे और पडघा वन मंडल कार्यालय भेजा गया। इसके बाद पडघा के वन परिक्षेत्र अधिकारी रमेश रसाळ ने अतिक्रमण स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारी ने वन विभाग के संरक्षित क्षेत्र (सर्वे नंबर 52) के पास सुरक्षा दीवार बनाने वाले सर्वे नंबर 58/1 के मालिक राजेश देशपांडे को लिखित पत्र जारी किया है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि वे भिवंडी तालुका भूमि अभिलेख कार्यालय से तत्काल भूमि की सीमा निश्चित कराएं। इस प्रक्रिया के दौरान वन विभाग के सर्वेयर भी उपस्थित रहेंगे। प्रशासन की इस सक्रियता से क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है।

  • Underground route costly and slow: MLA Chaughule;”भिवंडी मेट्रो के लिए एलिवेटेड रूट की मांग तेज”

    भिवंडी। ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो-5 परियोजना के तहत भिवंडी शहर में मेट्रो निर्माण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आज विधायक महेश चौघुले और एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी के बीच आयोजित की गई। इस बैठक में विधायक चौघुले ने मेट्रो के लिए एलिवेटेड मार्ग (Elevated Route) की पुरजोर मांग रखी।

    विधायक चौघुले ने कहा कि परियोजना के दूसरे चरण में प्रस्तावित भूमिगत मार्ग (Underground Route) अत्यधिक महंगा और समय लेने वाला होगा। उन्होंने तर्क दिया कि भिवंडी के शहरी स्वरूप, जनसंख्या घनत्व और बजट को ध्यान में रखते हुए एलिवेटेड मेट्रो मार्ग ही सबसे व्यावहारिक विकल्प है।

    बैठक के दौरान विधायक ने एक और महत्वपूर्ण सुझाव दिया — उन्होंने बताया कि भिवंडी शहर में स्थित स्व. बाळासाहेब ठाकरे फ्लाईओवर और स्व. राजीव गांधी फ्लाईओवर वर्तमान में जर्जर अवस्था में हैं और नागरिकों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने इन दोनों फ्लाईओवरों को नागपुर मॉडल पर पुनर्निर्मित करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें मेट्रो के साथ डबल-डेकर फ्लाईओवर का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम ट्रैफिक जाम से राहत देने के साथ-साथ भिवंडी के बुनियादी ढांचे को नया आयाम देगा।

    एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी ने विधायक की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आश्वासन दिया कि प्रस्ताव का गहन अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि तकनीकी और आर्थिक रूप से संभव हुआ, तो इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    यह पहल यदि साकार होती है तो भिवंडी शहर के लिए यह एक ऐतिहासिक बुनियादी ढांचा परिवर्तन साबित हो सकता है।


  • “Rambler Strips to Be Installed on Trial Basis on Ghodbunder Road to Curb Speed at Signals” घोड़बंदर रोड पर ट्रायल बेसिस पर लगेगी रैम्बलर पट्टी, सिग्नल पर रफ्तार पर लगेगी लगाम

    "घोड़बंदर रोड पर यातायात सुधार के लिए रैम्बलर पट्टी लगाने पर चर्चा करते हुए मनपा आयुक्त सौरभ राव और अधिकारी"

    ठाणे। घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए अब सिग्नल के पास रैम्बलर स्पीड कंट्रोल स्ट्रिप लगाई जाएगी। मनपा आयुक्त सौरभ राव ने इसके लिए पांच ट्रैफिक सिग्नल स्थलों पर ट्रायल बेसिस पर रैम्बलर पट्टी लगाने के निर्देश दिए हैं। यह प्रयोग सफल रहने पर इसे पूरे घोड़बंदर रोड के सिग्नलों पर लागू किया जाएगा।

    यह निर्णय “जस्टिस फॉर घोड़बंदर रोड” संगठन के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मनपा आयुक्त सौरभ राव ने की, जिसमें अतिरिक्त आयुक्त प्रशांत रोडे, शहर अभियंता प्रशांत सोनाग्रा, नियोजन विभाग के सहायक निदेशक संग्राम कनाडे, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सिद्धार्थ तांबे, यातायात उपायुक्त पंकज शिरसाट, एमएमआरडीए और मेट्रो परियोजनाओं से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित थे।

    बैठक में वाघबिल की आंतरिक सड़क, भयंदरपाड़ा और साईनगर की खराब सर्विस रोड, और रोजा गार्डेनिया में ट्रैफिक की समस्या जैसे स्थानीय मुद्दे भी उठाए गए। आयुक्त ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्य योजना बनाकर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    मनपा प्रमुख ने यह भी कहा कि मनपा, लोक निर्माण विभाग, मेट्रो और एमएमआरडीए मिलकर एक संयुक्त सफाई अभियान चलाएं और सड़कों पर मौजूद अनावश्यक तार, अवरोध, और बैरिकेड हटाएं।

    ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में जनभागीदारी की जरूरत
    बैठक में प्रतिनिधियों ने गायमुख और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती कचरा समस्या को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सुझाव दिया कि बड़े आवासीय परिसरों ने स्वयं छोटी अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयाँ शुरू करने की इच्छा जताई है। आयुक्त सौरभ राव ने इस पर सहमति जताई और कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में नागरिकों की भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने अतिरिक्त आयुक्त को इस दिशा में इच्छुक आवास समितियों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

    रिक्शा स्टैंड के लिए संयुक्त सर्वेक्षण
    बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि ठाणे मनपा क्षेत्र में मौजूद सभी रिक्शा स्टैंड का संयुक्त सर्वेक्षण किया जाएगा। इस कार्य में परिवहन पुलिस, परिवहन विभाग और मनपा एक साथ मिलकर काम करेंगे। पुलिस उपायुक्त पंकज शिरसाट ने बताया कि इससे रिक्शा स्टैंड की स्थान-निर्धारण और विनियमन की प्रक्रिया आसान होगी।