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  • NEET Exam 2026: सरकार से आर्थिक सहायता पाने के इरादे से लगाए गए झूठे आरोप: सेंगर

    NEET Exam 2026: सरकार से आर्थिक सहायता पाने के इरादे से लगाए गए झूठे आरोप: सेंगर

    NEET Exam 2026: NEET परीक्षा 2026, जो मेडिकल प्रवेश के लिए देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रश्नपत्र लीक होने के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया और मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।

    इसी बीच कुछ छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि परीक्षा रद्द होने के सदमे में छात्रों ने यह कदम उठाया। हालांकि महाराष्ट्र करणी सेना के प्रमुख अजय सिंह सेंगर ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि इन आत्महत्याओं का कारण NEET परीक्षा रद्द होना नहीं था।

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    सेंगर का आरोप है कि अधिकांश मामलों में आत्महत्या के पीछे व्यक्तिगत कारण, जैसे प्रेम संबंधों में तनाव या दिल टूटने जैसी परिस्थितियाँ जिम्मेदार थीं। उन्होंने दावा किया कि कुछ परिजन सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त करने के उद्देश्य से परीक्षा रद्द होने को कारण बताकर झूठे आरोप लगा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच करनी चाहिए तथा यदि किसी प्रकार के भ्रामक दावे सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। सेंगर ने यह भी सुझाव दिया कि पुलिस और जांच एजेंसियां मृतक छात्रों एवं उनके परिजनों के कॉल रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच कर आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगा सकती हैं।

    करणी सेना प्रमुख ने विपक्षी दलों पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें इन घटनाओं का इस्तेमाल कर केंद्र सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। सेंगर ने मांग की कि इन आत्महत्या के मामलों की भी सीबीआई अथवा किसी विशेष जांच दल से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

  • NEET Controversy: विवाद पर संसदीय समिति सख्त, एनटीए अधिकारियों से पूछे गए तीखे सवाल!

    NEET Controversy: विवाद पर संसदीय समिति सख्त, एनटीए अधिकारियों से पूछे गए तीखे सवाल!

    NEET Controversy: नीट-यूजी परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच संसदीय समिति की बैठक में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों से कड़े सवाल किए गए। सांसदों ने पूछा कि यदि पेपर लीक नहीं हुआ था, तो परीक्षा को रद्द करने और दोबारा आयोजित करने की जरूरत क्यों पड़ी।

    बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें शिक्षा सचिव विनीत जोशी भी शामिल थे, मौजूद रहे। इस दौरान एनटीए अधिकारियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

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    सूत्रों के अनुसार, जब सांसदों ने परीक्षा रद्द करने के फैसले पर स्पष्ट जवाब मांगा, तो एनटीए के महानिदेशक ने कहा कि मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। विपक्षी सांसदों ने जांच रिपोर्ट समिति के सामने रखने की मांग भी उठाई।

    एनटीए अधिकारियों ने दावा किया कि राधाकृष्णन रिपोर्ट में सुझाए गए करीब 70 प्रतिशत तात्कालिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। साथ ही भविष्य में नीट परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

    बैठक में एनटीए में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी में करीब 25 प्रतिशत पद खाली हैं और भर्ती प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा में 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था, जबकि अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।