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  • Opposition targets Maharashtra govt: शिक्षक पात्रता परीक्षा का पर्चा लीक होने और परीक्षा स्थगित होने पर विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा!

    Opposition targets Maharashtra govt: शिक्षक पात्रता परीक्षा का पर्चा लीक होने और परीक्षा स्थगित होने पर विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा!

    Opposition targets Maharashtra govt: महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का प्रश्नपत्र परीक्षा से एक दिन पहले कथित तौर पर लीक होने के बाद शनिवार को विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की तीखी आलोचना की।

    पर्चा लीक होने के बाद यह परीक्षा स्थगित करनी पड़ी है। यह परीक्षा रविवार को राज्य भर के 1,028 केंद्रों पर आयोजित होने वाली थी। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने घोषणा की कि प्रक्रिया की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। उप आयुक्त प्रिया शिंदे ने कहा कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर परीक्षा की नयी तारीखों की घोषणा की जायेगी।

    महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस कथित लीक मामले की तुरंत और निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले के पीछे शामिल लोगों की पहचान करने में विफल रही, तो कांग्रेस प्रदर्शन शुरू करेगी।

    यह दावा करते हुए कि पर्चा लीक होना मौजूदा सरकार की पहचान बन चुका है, उन्होंने सवाल उठाया कि ठाणे जिले से पर्चा लीक होने की खबरें आने के बाद इस कथित गिरोह को कौन सा राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। शिवसेना (उद्धव गुट) के विधायक आदित्य ठाकरे ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने से छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।

    उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं से जुड़े पिछले विवादों का जिक्र किया और भाजपा पर ऐसी घटनाओं को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। शिवसेना (उद्धव गुट) के एक अन्य नेता अंबादास दानवे ने आरोप लगाया कि सरकार एक निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में विफल रही है और बार-बार पर्चा लीक होने से छात्रों और उनके परिवारों में निराशा फैल रही है।

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार गुट) की विधायक रोहिणी खडसे ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए इस कथित लीक को लाखों छात्रों की कड़ी मेहनत और आकांक्षाओं के साथ धोखा बताया। उन्होंने ऐसी घटनाओं के बाद होने वाली बार-बार की जांचों की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए।

  • Harshvardhan Sapkal: मुख्यमंत्री फडणवीस के दावे झूठे, किसान परेशान और भाजपा ‘कांग्रेसयुक्त’ हो गई है: हर्षवर्धन सपकाल

    Harshvardhan Sapkal: मुख्यमंत्री फडणवीस के दावे झूठे, किसान परेशान और भाजपा ‘कांग्रेसयुक्त’ हो गई है: हर्षवर्धन सपकाल

    Harshvardhan Sapkal: महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि गरीबी रेखा और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लेकर उनके दावे पूरी तरह झूठे और हास्यास्पद हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री को झूठ बोलने के लिए नोबेल पुरस्कार दिया जाना चाहिए।

    तिलक भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में सपकाल ने कहा कि मुख्यमंत्री एक ओर देश से गरीबी समाप्त होने का दावा करते हैं, जबकि दूसरी ओर केंद्र सरकार आज भी 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है। यदि गरीबी समाप्त हो चुकी है तो इतने बड़े पैमाने पर राशन लेने वाले लोग कौन हैं, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग का गठन कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के कार्यकाल में किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ने उसकी सिफारिशों को लागू नहीं किया। किसानों को आज भी प्याज, सोयाबीन, कपास, अरहर और चना जैसी फसलों का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपने 12 वर्षों के कार्यकाल की श्वेत पत्रिका जारी कर उपलब्धियों का वास्तविक ब्यौरा देने की मांग की।

    खरीफ सीजन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में बीजों और उर्वरकों की कमी है तथा किसानों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार स्थिति को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार को “आंख, कान और मुंह बंद रखने वाली सरकार” बताया।

    कांग्रेस को डूबता जहाज बताए जाने संबंधी मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाल ने कहा कि कांग्रेस देश की आशा और लोकतंत्र की मजबूत नींव है। भाजपा को चुनौती देने की क्षमता केवल कांग्रेस में है। उन्होंने कहा कि 2014 में “कांग्रेस मुक्त भारत” का नारा देने वाली भाजपा आज स्वयं “कांग्रेसयुक्त” बन चुकी है, क्योंकि उसके साथ बड़ी संख्या में पूर्व कांग्रेसी नेता जुड़े हुए हैं। इस अवसर पर नांदेड़ के सांसद रविंद्र चव्हाण, कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपाल तिवारी तथा हनुमंत पवार भी उपस्थित थे।

  • CUET-UG 2026: परीक्षा विवाद पर बढ़ा राजनीतिक घमासान; विपक्ष ने सरकार और NTA को घेरा!

    CUET-UG 2026: परीक्षा विवाद पर बढ़ा राजनीतिक घमासान; विपक्ष ने सरकार और NTA को घेरा!

    CUET-UG 2026: परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी के बाद देश की राजनीति भी गर्मा गई है। परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर सर्वर और तकनीकी समस्याओं के कारण छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है।

    कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का आरोप है कि देश की प्रमुख प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। विपक्ष का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में NEET, CUET, SSC और अन्य परीक्षाओं को लेकर कई विवाद सामने आए हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।

    कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने सरकार को घेरते हुए कहा कि लाखों छात्र कठिन मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली तकनीकी और प्रशासनिक विफलताएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।

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    विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसियां छात्रों को सुचारू और निष्पक्ष परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराने में विफल रही हैं। उनका कहना है कि बार-बार होने वाली गड़बड़ियों से युवाओं का भरोसा कमजोर हो रहा है।

    वहीं, NTA ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी समस्या सीमित केंद्रों पर हुई थी और प्रभावित छात्रों को पूरा अवसर देने के लिए पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी। एजेंसी का कहना है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी।

    शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली की तैयारियों और तकनीकी क्षमता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर भी चर्चा का विषय बन सकता है।

  • Rahul Gandhi का केंद्र पर हमला: ‘NEET से CUET तक, कोई परीक्षा ईमानदारी से नहीं हुई’

    Rahul Gandhi का केंद्र पर हमला: ‘NEET से CUET तक, कोई परीक्षा ईमानदारी से नहीं हुई’

    CUET-UG 2026 परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी के बाद कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश की प्रमुख परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि NEET, SSC, CBSE और अब CUET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, छात्रों को हर साल नई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जबकि सरकार परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के अपने दावों पर खरी नहीं उतर रही है।

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    उन्होंने कहा कि लाखों छात्र कठिन मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन तकनीकी खामियों, पेपर लीक और प्रशासनिक अव्यवस्था जैसी घटनाएं उनके सपनों को प्रभावित करती हैं। राहुल गांधी ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय की जाए और छात्रों को होने वाली परेशानियों को गंभीरता से लिया जाए।

    यह बयान ऐसे समय आया है जब CUET-UG 2026 के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्याओं के कारण परीक्षा प्रभावित हुई। NTA ने स्वीकार किया कि कुछ केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी हुई थी और प्रभावित छात्रों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।

    विपक्षी दलों का आरोप है कि लगातार सामने आ रही परीक्षागत समस्याएं शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को दर्शाती हैं। वहीं, सरकार और NTA का कहना है कि प्रभावित छात्रों को पूरा अवसर दिया जाएगा और परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।