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  • Jharkhand Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड में सियासी हलचल तेज, दूसरी सीट पर दिलचस्प मुकाबले की उम्मीद

    Jharkhand Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड में सियासी हलचल तेज, दूसरी सीट पर दिलचस्प मुकाबले की उम्मीद

    Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को विधानसभा परिसर में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान से पहले राजधानी रांची में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर पहुंच गई हैं और सभी दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटे हुए हैं।

    सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही चुनावी गणित को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार रणनीतिक बैठकों का दौर चला रहे हैं। एनडीए के विधायक रांची स्थित एक होटल में ठहरे हुए हैं, जबकि इंडिया गठबंधन के विधायक मुख्यमंत्री आवास और अन्य निर्धारित स्थानों पर बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं।

    मंगलवार शाम मुख्यमंत्री आवास में इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें 54 विधायकों ने भाग लिया। विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो और माले विधायक अरूप चटर्जी बैठक में उपस्थित नहीं रहे, हालांकि दोनों ने गठबंधन उम्मीदवारों का समर्थन करने का भरोसा जताया है। बैठक के दौरान कराए गए मॉक मतदान में झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम को 29 और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 27 वोट मिलने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं।

    बुधवार को भी महागठबंधन के नेताओं ने बैठक कर चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया। कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए कई वरिष्ठ नेताओं को रांची में तैनात किया है। प्रदेश प्रभारी के. राजू, सह प्रभारी सिरी बेला प्रसाद, सांसद नासिर हुसैन, राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह तथा पर्यवेक्षक अजय शर्मा लगातार बैठकों में शामिल हो रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भी रांची पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

    चुनाव के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने पोलिंग और काउंटिंग एजेंटों की नियुक्ति भी कर दी है, जो मतदान और मतगणना प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।

    उल्लेखनीय है कि जिन दो सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें एक सीट झामुमो संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त हुई थी, जबकि दूसरी सीट भाजपा नेता दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हुई है।

    इन सीटों के लिए कुल तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इंडिया गठबंधन ने झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी भी चुनावी मुकाबले में हैं।

    विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए बैजनाथ राम की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है। हालांकि दूसरी सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि क्रॉस वोटिंग, अमान्य मत या किसी विधायक की अनुपस्थिति जैसे कारक चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।

    मतदान समाप्त होने के बाद गुरुवार शाम पांच बजे से मतगणना शुरू होगी। इसके बाद सामने आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि राज्यसभा की दूसरी सीट पर किस दल की रणनीति सफल रही और झारखंड की राजनीति में किसे बढ़त हासिल होती है।

  • Shrikant Shinde: श्रीकांत शिंदे ने जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र!

    Shrikant Shinde: श्रीकांत शिंदे ने जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र!

    Shrikant Shinde: शिवसेना संसदीय दल के नेता एवं सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को लेकर कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को संगठन मजबूत करने और बूथ स्तर पर प्रभावी रणनीति अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जहां संगठन मजबूत है, वहां पूरी ताकत के साथ ध्यान केंद्रित किया जाए और सूक्ष्म स्तर पर चुनावी योजना बनाकर काम किया जाए।

    यदि कार्यकर्ता संगठित और रणनीतिक तरीके से काम करेंगे तो जीत निश्चित रूप से शिवसेना की होगी। दो दिवसीय शिवसंवाद दौरे के तहत शुक्रवार को नंदुरबार जिले पहुंचे डॉ. शिंदे ने तळोदा और नंदुरबार में आयोजित बैठकों में शहादा, अक्कलकुवा, नंदुरबार और नवापुर विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा की।

    इस दौरान उन्होंने संगठन विस्तार, मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान और चुनावी तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में मंत्री दादाजी भुसे, विधायक आमशा पाडवी, विधायक चंद्रकांत रघुवंशी, विधायक राजेंद्र गावित, शिवसेना के राज्य संगठन प्रमुख एवं पूर्व सांसद आनंद परांजपे, शिवसेना सचिव भाऊसाहेब चौधरी, पूर्व विधायक शिरीष चौधरी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

    डॉ. शिंदे ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जाए, बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए जाएं तथा प्रत्येक 20 मतदान केंद्रों पर एक समन्वयक नियुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की कुंजी है।

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    उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों की बातों को पीछे छोड़कर सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर संगठन की मजबूती के लिए काम करना चाहिए। आगामी चुनाव गठबंधन के तहत लड़े जाएंगे या नहीं, इसका निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा, लेकिन कार्यकर्ताओं को हर बूथ पर पूरी तैयारी के साथ जुट जाना चाहिए।

    डॉ. शिंदे ने दावा किया कि नंदुरबार जिले में शिवसेना की ताकत लगातार बढ़ रही है और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचा है, जिसके कारण नगर परिषद और महानगरपालिका चुनावों में भी शिवसेना को सफलता मिली।

    नंदुरबार में आयोजित दूसरी बैठक में उन्होंने कहा कि “शासन आपके द्वार” अभियान के माध्यम से आम नागरिकों के अनेक कार्य हुए हैं, जिससे जनता का विश्वास पार्टी नेतृत्व पर और मजबूत हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण अन्य राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी शिवसेना में शामिल होने के इच्छुक हैं।

    डॉ. शिंदे ने कार्यकर्ताओं से पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘धनुष-बाण’ को हर गांव और हर बूथ तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए पार्टी नेतृत्व हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    बैठक में विधायक चंद्रकांत रघुवंशी ने कहा कि अक्कलकुवा और धड़गांव क्षेत्रों में शिवसेना की मजबूत पकड़ है, जबकि तळोदा और शहादा क्षेत्रों में संगठन को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी जिला परिषद चुनाव में नंदुरबार में शिवसेना का भगवा झंडा अवश्य लहराएगा।