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  • Torrent Power’s franchise model: भिवंडी में टोरंट पावर का फ्रेंचाइजी मॉडल सबसे सफल, अब 24 घंटे के करीब मिल रही बिजली: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

    Torrent Power’s franchise model: भिवंडी में टोरंट पावर का फ्रेंचाइजी मॉडल सबसे सफल, अब 24 घंटे के करीब मिल रही बिजली: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

    Torrent Power’s franchise model: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भिवंडी में टोरंट पावर का फ्रेंचाइजी मॉडल राज्य में सबसे सफल साबित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (एमईआरसी) द्वारा निर्धारित दरों से अधिक बिजली शुल्क वसूलने का अधिकार किसी भी फ्रेंचाइजी कंपनी को नहीं है।

    विधानसभा में भिवंडी पूर्व के विधायक रईस शेख ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि टाटा पावर और अदाणी पावर की तुलना में टोरंट पावर की बिजली दरें अधिक होने से भिवंडी के उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भिवंडी में अन्य निजी बिजली वितरण कंपनियों को भी अवसर देने तथा पावरलूम संचालकों के लिए ब्याज और बकाया बिजली बिलों पर एकमुश्त समझौता (ओटीएस) योजना लागू करने की मांग की।

    मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में कहा कि टोरंट पावर के आने के बाद भिवंडी की बिजली व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य में औसतन बिजली हानि 12 से 13 प्रतिशत है, जबकि भिवंडी में इसे घटाकर लगभग 10 प्रतिशत तक लाया गया है।

    उन्होंने कहा कि टोरंट पावर के संचालन से पहले भिवंडी में औसतन 16 घंटे बिजली आपूर्ति होती थी, जबकि अब यह बढ़कर 23.56 घंटे प्रतिदिन हो गई है। साथ ही, पहले जहां बिजली बिलों की वसूली दर 65–67 प्रतिशत थी, वहीं अब यह बढ़कर 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

    मुख्यमंत्री ने दोहराया कि बिजली दरों का निर्धारण महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (एमईआरसी) के नियमों के अनुसार किया जाता है और आयोग द्वारा तय दरों से अधिक शुल्क वसूलने की अनुमति किसी भी फ्रेंचाइजी कंपनी को नहीं है।

    विधानसभा में इस विषय पर हुई चर्चा के बाद भिवंडी की बिजली व्यवस्था, टोरंट पावर की शुल्क संरचना तथा पावरलूम उद्योग से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का विषय बन गए हैं।

  • Joint Customer Service Camp: टोरेंट पावर और महावितरण का संयुक्त ग्राहक सेवा शिविर, 500 से अधिक उपभोक्ताओं ने लिया लाभ!

    Joint Customer Service Camp: टोरेंट पावर और महावितरण का संयुक्त ग्राहक सेवा शिविर, 500 से अधिक उपभोक्ताओं ने लिया लाभ!

    Joint Customer Service Camp: टोरेंट पावर और महावितरण द्वारा संयुक्त रूप से चावींद्रा, भिवंडी स्थित अर्श ग्राहक सेवा कार्यालय में एक विशेष ग्राहक सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर को उपभोक्ताओं से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और 500 से अधिक लोगों ने इसमें भाग लेकर विभिन्न समस्याओं का समाधान प्राप्त किया।

    शिविर में उपभोक्ताओं द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों में महावितरण के पुराने लंबित बकाया का विषय शामिल रहा। इस पर महावितरण के अधिकारियों ने ग्राहकों को आंशिक भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराकर राहत प्रदान की।

    वहीं, टोरेंट पावर के अधिकारियों ने बिलिंग और विजिलेंस से जुड़े मामलों में उपभोक्ताओं को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की। साथ ही, इस अवसर का उपयोग बिजली चोरी रोकने, डिजिटल भुगतान सेवाओं के उपयोग, विद्युत सुरक्षा और ऊर्जा संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता फैलाने के लिए भी किया गया।

    इस ग्राहक सेवा शिविर में टोरेंट पावर के महाप्रबंधक अंकित साहा, राघवेंद्र राव, विजय राणे, प्रशांत कुलकर्णी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके साथ ही महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।उपभोक्ताओं ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सका।

  • Bhiwandikar Nyay Manch: भिवंडीकर न्याय मंच ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से वर्ष 2027 में महावितरण की फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था समाप्त करने की मांग की!

    Bhiwandikar Nyay Manch: भिवंडीकर न्याय मंच ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से वर्ष 2027 में महावितरण की फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था समाप्त करने की मांग की!

    Bhiwandikar Nyay Manch: भिवंडीकर न्याय मंच के एक शिष्टमंडल ने आज माननीय उप-विभागीय अधिकारी से मुलाकात कर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से वर्ष 2027 में भिवंडी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में महावितरण की फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था समाप्त कर किसी अन्य निजी विद्युत वितरण कंपनी, जैसे टाटा पावर लिमिटेड अथवा अडानी पावर लिमिटेड, को विद्युत वितरण की जिम्मेदारी सौंपने की मांग की गई।

    ज्ञापन में कहा गया है कि महाराष्ट्र शासन द्वारा वर्ष 2007 में टोरेंट पावर लिमिटेड को महावितरण की फ्रैंचाइज़ी के रूप में भिवंडी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कंपनी का दूसरा कार्यकाल जनवरी 2027 में समाप्त होने वाला है। पिछले लगभग 20 वर्षों के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर, जळगांव एवं औरंगाबाद जैसे शहरों में भी महावितरण की फ्रैंचाइज़ी विभिन्न निजी कंपनियों को प्रदान की थी, किंतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के विरोध के बाद इन शहरों में फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था समाप्त कर दी गई।

    इसके विपरीत, भिवंडी तालुका में अनेक आंदोलनों एवं विरोध प्रदर्शनों के बावजूद आज तक टोरेंट पावर लिमिटेड महावितरण की फ्रैंचाइज़ी के रूप में कार्यरत है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि भिवंडी तालुका देशभर में पावरलूम उद्योग के लिए प्रसिद्ध रहा है, जिसने लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है।

    किंतु अत्यधिक बिजली दरों, कथित फास्ट मीटर तथा कंपनी के मनमाने रवैये के कारण पावरलूम उद्योग गंभीर संकट का सामना कर रहा है और हजारों उद्यमी अपना कारोबार बंद कर अन्य शहरों एवं राज्यों की ओर पलायन करने को विवश हुए हैं।

    इसके अतिरिक्त, मध्यमवर्गीय एवं गरीब उपभोक्ता भी अत्यधिक बिजली बिल, कथित फास्ट मीटर, झूठे विजिलेंस मामलों तथा कंपनी के कथित दमनात्मक व्यवहार से परेशान हैं। वर्ष 2007 में फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती दरों पर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना था, किंतु वर्तमान परिस्थितियों में भिवंडी का आम नागरिक अनेक समस्याओं का सामना कर रहा है।

    इसलिए भिवंडीकर न्याय मंच ने महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि जनवरी 2027 में टोरेंट पावर लिमिटेड की महावितरण फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था समाप्त कर भिवंडी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में किसी अन्य निजी विद्युत वितरण कंपनी, जैसे टाटा पावर लिमिटेड अथवा अडानी पावर लिमिटेड, को विद्युत वितरण की जिम्मेदारी प्रदान कर भिवंडीकरों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए।

    इस अवसर पर भिवंडीकर न्याय मंच के अध्यक्ष शादाब उस्मानी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि महावितरण की फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था को समाप्त करने हेतु आज 17 जून से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जनता की भावना को संवैधानिक माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

    उन्होंने कहा कि यह केवल संघर्ष की शुरुआत है और आने वाले समय में भिवंडी तालुका के वर्तमान एवं पूर्व विधायक, सांसद, महापौर, उपमहापौर, नगरसेवक तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं समाजसेवकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर जनआंदोलन भी किया जाएगा, ताकि वर्ष 2027 में राज्य सरकार महावितरण की फ्रैंचाइज़ी का पुनः टेंडर जारी करने के बजाय सभी इच्छुक विद्युत वितरण कंपनियों को भिवंडी तालुका में बिजली वितरण हेतु प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर आमंत्रित करे, जिससे टाटा पावर और अडानी पावर जैसी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा के माध्यम से भिवंडी के नागरिकों को बेहतर एवं सस्ती विद्युत सेवा उपलब्ध हो सके।
    इस अवसर पर शादाब उस्मानी के साथ एड. अनिल राठौड़, राम लहारे, एड. राकेश पाल, हमज़ा सिद्दीकी, सुरेश तौटी, अब्दुल्लाह संजरी, सुधाकर आँचन, शादाब खान, फरीद खान एवं हमीद शेख उपस्थित थे।