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  • Borivali-Kandivali Transformation: बोरीवली-कांदिवली स्टेशनों का होगा कायाकल्प; अधिकारियों ने किया दौरा, जनता से भी मांगे जाएंगे सुझाव!

    Borivali-Kandivali Transformation: बोरीवली-कांदिवली स्टेशनों का होगा कायाकल्प; अधिकारियों ने किया दौरा, जनता से भी मांगे जाएंगे सुझाव!

    Borivali-Kandivali Transformation: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के बाद बोरीवली और कांदिवली रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास (Redevelopment) की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। रेल मंत्री के निर्देश पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्टेशन का दौरा किया है और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस महत्वाकांक्षी योजना को अंतिम रूप देने की कवायद शुरू कर दी है। इस बात की जानकारी बोरीवली से भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय उपाध्याय ने दी है।

    रेल मंत्री के निर्देश पर अधिकारियों का दौरा और विस्तृत चर्चा
    विधायक संजय उपाध्याय ने बताया कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के पश्चात, उन्होंने रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) के वाइस चेयरमैन मनोज गर्ग और सीपीएम, मुंबई, डी.के. मिश्रा को बोरीवली और कांदिवली स्टेशन के पुनर्विकास प्लान को अंतिम रूप देने का आदेश दिया।

    इसी कड़ी में आज दोनों अधिकारियों ने बोरीवली स्टेशन का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की गई, जिसमें स्टेशन को आधुनिक और यात्री-अनुकूल बनाने पर गहन चर्चा हुई।

    पुनर्विकास योजना की मुख्य विशेषताएं
    संजय उपाध्याय ने यह भी बताया कि यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है:

    सहज आवागमन
    रेलवे यात्रियों का स्टेशन पर आना-जाना पूरी तरह सुगम और सरल बनाया जाएगा।

    वाहनों की कनेक्टिविटी
    स्टेशन से बाहर निकलते या आते समय यात्रियों को टैक्सी, ऑटो-रिक्शा या उनके निजी वाहनों को लाने-ले जाने की सहज व्यवस्था मिलेगी।

    आधुनिक सुविधाएं
    स्टेशन पर पर्याप्त टिकट विंडो और साफ-सुथरे स्वच्छता गृह (Toilets) सुनिश्चित किए जाएंगे।

    सभी प्लेटफार्मों पर एस्केलेटर
    यात्रियों की सुविधा के लिए सभी प्लेटफार्मों पर एस्केलेटर लगाए जाएंगे।

    एकीकृत विकास
    स्टेशन परिसर में अलग-अलग हिस्सों में फैली इमारतों को एकीकृत किया जाएगा, जिससे कम जगह में अधिक और बेहतर सुविधाएं लोगों को दी जा सकें।

    भीड़ कम करने के लिए कांदिवली स्टेशन बनेगा ‘हब’
    बोरीवली स्टेशन पर यात्रियों के भारी दबाव और भीड़ को कम करने के लिए कांदिवली स्टेशन को एक ‘हब’ के रूप में विकसित करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इस संदर्भ में भी अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई है।उन्होंने यह भी कहा कि,” सरकार कुछ अन्य जगहों पर भी भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) करने पर विचार कर रही है, ताकि बोरीवली-कांदिवली के उपनगरीय निवासियों को अधिकतम राहत और आसानी मिल सके।”

    अगले हफ्ते लगेगा कैंप, जनता के सुझावों से बनेगा फाइनल प्लान
    संजय उपाध्याय ने यह भी बताया कि इस योजना को पूरी तरह से जनता की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए समय-सीमा तय कर दी गई है:

    10 दिनों की समय-सीमा:
    आने वाले 10 दिनों में इस प्लान पर डिटेल वर्किंग की जाएगी, जिसके बाद दोबारा बैठक कर इसे अंतिम स्वरूप दिया जाएगा।

    जनता से सुझाव
    आने वाले हफ्ते में बोरीवली स्टेशन पर एक विशेष कैंप (Camp) लगाया जाएगा। इस कैंप के माध्यम से स्थानीय लोगों और यात्रियों से सुझाव लिए जाएंगे।

    प्लान में समावेशन
    जनता से मिलने वाले इन महत्वपूर्ण सुझावों और सूचनाओं को नए स्टेशन प्लान में समाविष्ट किया जाएगा, ताकि स्टेशन को और बेहतर बनाया जा सके।

    रेल मंत्री की तत्परता की सराहना
    संजय उपाध्याय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा दिखाई गई तत्परता की सराहना की और कहा कि,” मुलाकात के दूसरे ही दिन उन्होंने बोरीवली स्टेशन पुनर्विकास को लेकर न केवल बैठक बुलाई, बल्कि अधिकारियों को प्लान फाइनल करने का निर्देश भी दिया। अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों और जनता के सुझावों को शामिल करते हुए किया जा रहा यह कार्य वाकई काबिले-तारीफ है।”

  • Bhiwandi-Anjurphata Railway Station: भिवंडी अंजुरफाटा रेलवे स्टेशन के भूमिगत मार्ग का महापौर ने किया निरीक्षण!

    Bhiwandi-Anjurphata Railway Station: भिवंडी अंजुरफाटा रेलवे स्टेशन के भूमिगत मार्ग का महापौर ने किया निरीक्षण!

    Bhiwandi-Anjurphata Railway Station: भिवंडी के अंजुरसंवाददाताफाटा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में लंबे समय से लंबित भूमिगत मार्ग (अंडरपास) के निर्माण कार्य का जायजा लेने के लिए भिवंडी मनपा के महापौर ने रेलवे अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया।

    गौरतलब है कि अंजुरफाटा रेलवे स्टेशन परिसर में भूमिगत मार्ग नहीं होने के कारण राहनाल स्थित गोदाम क्षेत्र में कार्यरत हजारों नागरिकों को वर्षों से रेलवे ट्रैक पार कर आवागमन करना पड़ता था। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता था। स्थानीय नागरिक लंबे समय से इस स्थान पर सुरक्षित आवागमन के लिए भूमिगत मार्ग निर्माण की मांग कर रहे थे।

    स्थानीय लोगों की इस मांग को लेकर सांसद ने केंद्रीय रेल मंत्रालय के समक्ष लगातार प्रयास किए। इसके परिणामस्वरूप इस महत्वपूर्ण भूमिगत मार्ग का निर्माण कार्य पूरा किया गया है।

    हालांकि, मार्ग को आम नागरिकों के लिए जल्द शुरू करने की मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों ने महापौर नारायण चौधरी से शिकायत की थी। इसके बाद महापौर ने रेलवे अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य और उसकी वर्तमान स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। महापौर ने भूमिगत मार्ग से जुड़ी तकनीकी स्थिति, नागरिकों की समस्याओं और आवश्यक सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मार्ग को जल्द से जल्द नागरिकों के लिए शुरू करने तथा आवश्यक सुधारात्मक उपाय तत्काल करने के निर्देश भी दिए।

    महापौर नारायण चौधरी ने कहा कि अंजुरफाटा क्षेत्र में बढ़ते यातायात और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह भूमिगत मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके शुरू होने से स्थानीय नागरिकों, कामगारों और यात्रियों को सुरक्षित तथा सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

    स्थानीय नागरिकों ने भी उम्मीद जताई है कि प्रशासन आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर इस भूमिगत मार्ग को आम जनता के लिए जल्द शुरू करेगा।

  • Electronic Interlocking System: सेवाग्राम स्टेशन पर अत्याधुनिक डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का सफल कार्यान्वयन

    Electronic Interlocking System: सेवाग्राम स्टेशन पर अत्याधुनिक डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का सफल कार्यान्वयन

    Electronic Interlocking System: मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने 7 जून 2026 को सेवाग्राम स्टेशन पर अत्यंत जटिल एवं महत्वपूर्ण यार्ड रीमॉडलिंग कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए अत्याधुनिक क्योसान (KYOSAN) आधारित डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली को कार्यान्वित कर दिया है। यह परियोजना तीसरी और चौथी रेल लाइन निर्माण कार्य तथा आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था के उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

    इस परियोजना के अंतर्गत 26 वर्ष पुरानी सीमेंस पैनल इंटरलॉकिंग (PI) प्रणाली को हटाकर नवीनतम डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की गई है। इससे स्टेशन के आंतरिक एवं बाहरी सिग्नल तथा दूरसंचार (एस एंड टी) उपकरणों की विश्वसनीयता, कार्यक्षमता और रखरखाव की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

    यार्ड पुनर्रचना के दौरान सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से दो ग्राउंड फ्रेम (GF) पॉइंट्स को हटाया गया है। इससे मानवीय हस्तक्षेप में कमी आएगी और रेल परिचालन अधिक सुरक्षित एवं सुचारु होगा। रेल यातायात क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त यूडीएल-1 और यूडीएल-3 लाइनों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके परिणामस्वरूप यात्री एवं मालगाड़ियों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

    इस परियोजना से विभिन्न रेल मार्गों की क्रॉसिंग स्टैंडिंग रूम (CSR) क्षमता में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। अप लूप लाइन की CSR क्षमता 705 मीटर से बढ़कर 780.181 मीटर हो गई है। वहीं डाउन मेन लाइन की क्षमता 585 मीटर से बढ़कर 926.212 मीटर तक पहुंच गई है, जो 342 मीटर से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि है। इसके अतिरिक्त अप लूप लाइन, अप-डाउन कॉमन लूप लाइन तथा डाउन लूप लाइन की क्षमताओं में भी पर्याप्त विस्तार किया गया है।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली और यार्ड विकास कार्य से लंबी मालगाड़ियों के संचालन में सुविधा होगी, स्टेशन की यातायात संभालने की क्षमता बढ़ेगी तथा भविष्य में बढ़ने वाली रेल यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

    सेवाग्राम स्टेशन पर डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का सफल कार्यान्वयन मध्य रेलवे के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार और सुरक्षित रेल संचालन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है।

  • Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Project: परियोजना के लिए भारतीय रेलवे ट्रैक पर 130 मीटर लंबे स्टील ब्रिज का निर्माण किया गया!

    Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Project: परियोजना के लिए भारतीय रेलवे ट्रैक पर 130 मीटर लंबे स्टील ब्रिज का निर्माण किया गया!

    Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Project: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत गुजरात के भरूच जिले के त्रालसी गांव के पास भारतीय रेलवे ट्रैक पर 330 मीटर लंबे (100+130,100 मीटर) स्टील ब्रिज के 130 मीटर लंबे स्पैन का सफलतापूर्वक निर्माण पूरा किया गया। यह ब्रिज वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के सूरत-वडोदरा सेक्शन के बीच डीएफसीसी ट्रैक को पार करता है।यह स्टील ब्रिज तीन स्पैन वाला ब्रिज है, जिसमें 100+130 मीटर का सतत (Continuous) स्पैन तथा 100 मीटर का Simply Supported स्पैन शामिल है।

    इनमें से 130 मीटर लंबे स्पैन का लॉन्चिंग कार्य 16 मई 2026 को पूरा किया गया। लगभग 18 मीटर ऊंचाई और 15.5 मीटर चौड़ाई वाले इस स्पैन का वजन लगभग 2900 मीट्रिक टन है।100 मीटर लंबे Simply Supported स्पैन, जिसका वजन लगभग 1500 मीट्रिक टन है, को मार्च 2026 में निर्माण स्थल पर ही (इन-सीटू) स्थापित किया गया था। शेष 100 मीटर लंबे सतत स्पैन, जिसका वजन लगभग 1600 मीट्रिक टन है, को भी निर्माण स्थल पर ही स्थापित किया जाएगा।

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    ब्रिज संरचना (100+130 मीटर सतत स्पैन तथा 100 मीटर Simply Supported स्पैन) के पूर्ण होने पर इसका कुल वजन लगभग 6100 मीट्रिक टन होगा। गुजरात के उमरगांव स्थित कार्बन फैक्ट्री वर्कशॉप में निर्मित इन स्टील ब्रिजों को 100 वर्षों की आयु को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। 130 मीटर लंबे इस स्पैन के निर्माण में लगभग 1,21,373 टॉर-शियर टाइप हाई स्ट्रेंथ (TTHS) बोल्ट, C5 सिस्टम पेंटिंग तथा मेटैलिक बेयरिंग का उपयोग किया गया है।

    इसे जमीन से लगभग 14 मीटर ऊंचाई पर अस्थायी ट्रेस्टलों पर असेंबल किया गया तथा दो सेमी-ऑटोमैटिक जैक की सहायता से स्वचालित प्रणाली द्वारा आगे बढ़ाया गया। प्रत्येक जैक में मैक-अलॉय बार्स के माध्यम से 250 टन तक की पुशिंग क्षमता है।फ्रेट ट्रैक पर सावधानीपूर्वक समन्वित यातायात व्यवस्थाओं के तहत लॉन्चिंग कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

    इन व्यवस्थाओं ने चरणबद्ध तरीके से कार्य निष्पादन सुनिश्चित करते हुए लॉन्चिंग की सुरक्षा और सटीकता बनाए रखी तथा मालगाड़ियों की आवाजाही में न्यूनतम बाधा सुनिश्चित की।17 स्टील ब्रिज में से 14 स्टील ब्रिज गुजरात में पूरे हो चुके हैं। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए 28 स्टील ब्रिज की योजना है।

  • Mumbai–Ahmedabad Bullet Train Project: वडोदरा में 40 मीटर लंबा गर्डर लॉन्च, व्यस्त कॉरिडोर पर 2 घंटे 13 मिनट में पूरा हुआ ऑपरेशन!

    Mumbai–Ahmedabad Bullet Train Project: वडोदरा में 40 मीटर लंबा गर्डर लॉन्च, व्यस्त कॉरिडोर पर 2 घंटे 13 मिनट में पूरा हुआ ऑपरेशन!

    Mumbai–Ahmedabad Bullet Train Project: मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत वडोदरा में वडसर रोड ओवर ब्रिज के ऊपर 40 मीटर लंबे गर्डर को फुल स्पैन लॉन्चिंग मेथड (FSLM) के जरिए सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।

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    यह काम एक बेहद व्यस्त शहरी कॉरिडोर पर किया गया, जहां हर दिन 100 से ज्यादा ट्रेनें और करीब 70,000 सड़क वाहन गुजरते हैं। इतनी जटिल लॉन्चिंग प्रक्रिया को मात्र 2 घंटे 13 मिनट में पूरा किया गया।