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  • Central Railway Employees Honored: मध्य रेल के 11 कर्मचारियों को महाप्रबंधक ने संरक्षा पुरस्कार से किया सम्मानित

    Central Railway Employees Honored: मध्य रेल के 11 कर्मचारियों को महाप्रबंधक ने संरक्षा पुरस्कार से किया सम्मानित

    Central Railway Employees Honored: मध्य रेल के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने जून 2026 माह के लिए मध्य रेल के 11 कर्मचारियों को सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने में उनकी उत्कृष्ट सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और समयोचित कार्रवाई के लिए संरक्षा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान उन कर्मचारियों को दिया गया जिन्होंने ड्यूटी के दौरान असाधारण सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए संभावित दुर्घटनाओं को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    इन संरक्षा पुरस्कारों के अंतर्गत कर्मचारियों को पदक, प्रशस्ति-पत्र, उत्कृष्ट कार्य का उल्लेख तथा नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। महाप्रबंधक ने सभी सम्मानित कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सजगता और समर्पण रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाते हैं तथा अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

    मुंबई मंडल के कर्मचारी रहे अग्रणी
    मुंबई मंडल से कुल 6 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इनमें लोको पायलट मिलिंद खांडगले ने ब्रेक फेल होने की स्थिति में मालगाड़ी को सुरक्षित रूप से रोककर संभावित दुर्घटना टाल दी। ट्रेन मैनेजर दशरथ सिंह ने भी उसी घटना में सूझबूझ दिखाते हुए लोको पायलट की सहायता की। उप स्टेशन प्रबंधक गौरव कुमार ने समय रहते उचित सिग्नल देकर ट्रेन को सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ाया।

    इसी प्रकार, लोकमान्य तिलक टर्मिनस के मास्टर क्राफ्ट्समैन हरिकृष्ण रेरे ने कोच में तकनीकी खराबी (CBC नकल में दरार) का समय पर पता लगाया। कलवा के सिग्नल मेंटेनर नितेश कुमार यादव ने रेल फ्रैक्चर की जानकारी देकर बड़ी दुर्घटना रोकी, जबकि दादर के संतोष जाधव ने पॉइंट मशीन में खराबी पहचानकर समय रहते सूचना दी।

    पुणे मंडल में भी सतर्कता का परिचय
    पुणे मंडल से दो कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मिरज के लोको पायलट (शंटर) एस.के. मंडल ने पावर ब्लॉक के दौरान ट्रैक पर कार्यरत कर्मचारियों को देखकर समय रहते ट्रेन रोक दी। वहीं, सतारा के रेलवे सुरक्षा बल के प्रधान आरक्षक डी.टी. कोकले ने तेज आंधी-बारिश के दौरान खतरनाक स्थिति को भांपते हुए यात्रियों और वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

    भुसावल मंडल के कर्मचारियों की अहम भूमिका
    भुसावल मंडल के दो कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। तकनीशियन रविंद्र गनवीर ने वैगन में तकनीकी खामी का समय पर पता लगाया, जबकि गेटमैन बलिराम चौधरी ने गुजरती मालगाड़ी में हॉट एक्सल देखकर सतर्कता दिखाई और आगे सूचना देकर ट्रेन रुकवाने की व्यवस्था की।

    नागपुर मंडल से एक कर्मचारी सम्मानित
    नागपुर मंडल के हिंगनघाट स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक सुरेश चंद मीना ने एक मालगाड़ी के वैगन में आग लगने की स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर संभावित हादसा टाल दिया। इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी, प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी चंद्र किशोर प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी कर्मचारियों की सराहना करते हुए यह संदेश दिया गया कि रेलवे सुरक्षा में हर कर्मचारी की सजगता और जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

  • Electronic Interlocking System: सेवाग्राम स्टेशन पर अत्याधुनिक डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का सफल कार्यान्वयन

    Electronic Interlocking System: सेवाग्राम स्टेशन पर अत्याधुनिक डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का सफल कार्यान्वयन

    Electronic Interlocking System: मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने 7 जून 2026 को सेवाग्राम स्टेशन पर अत्यंत जटिल एवं महत्वपूर्ण यार्ड रीमॉडलिंग कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए अत्याधुनिक क्योसान (KYOSAN) आधारित डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली को कार्यान्वित कर दिया है। यह परियोजना तीसरी और चौथी रेल लाइन निर्माण कार्य तथा आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था के उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

    इस परियोजना के अंतर्गत 26 वर्ष पुरानी सीमेंस पैनल इंटरलॉकिंग (PI) प्रणाली को हटाकर नवीनतम डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की गई है। इससे स्टेशन के आंतरिक एवं बाहरी सिग्नल तथा दूरसंचार (एस एंड टी) उपकरणों की विश्वसनीयता, कार्यक्षमता और रखरखाव की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

    यार्ड पुनर्रचना के दौरान सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से दो ग्राउंड फ्रेम (GF) पॉइंट्स को हटाया गया है। इससे मानवीय हस्तक्षेप में कमी आएगी और रेल परिचालन अधिक सुरक्षित एवं सुचारु होगा। रेल यातायात क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त यूडीएल-1 और यूडीएल-3 लाइनों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके परिणामस्वरूप यात्री एवं मालगाड़ियों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

    इस परियोजना से विभिन्न रेल मार्गों की क्रॉसिंग स्टैंडिंग रूम (CSR) क्षमता में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। अप लूप लाइन की CSR क्षमता 705 मीटर से बढ़कर 780.181 मीटर हो गई है। वहीं डाउन मेन लाइन की क्षमता 585 मीटर से बढ़कर 926.212 मीटर तक पहुंच गई है, जो 342 मीटर से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि है। इसके अतिरिक्त अप लूप लाइन, अप-डाउन कॉमन लूप लाइन तथा डाउन लूप लाइन की क्षमताओं में भी पर्याप्त विस्तार किया गया है।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली और यार्ड विकास कार्य से लंबी मालगाड़ियों के संचालन में सुविधा होगी, स्टेशन की यातायात संभालने की क्षमता बढ़ेगी तथा भविष्य में बढ़ने वाली रेल यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

    सेवाग्राम स्टेशन पर डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का सफल कार्यान्वयन मध्य रेलवे के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार और सुरक्षित रेल संचालन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है।