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  • Show-Cause Notice Issued to School: दिल्ली सरकार ने छात्रा के साथ दुष्कर्म मामले में स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया!

    Show-Cause Notice Issued to School: दिल्ली सरकार ने छात्रा के साथ दुष्कर्म मामले में स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया!

    Show-Cause Notice Issued to School: दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने एक निजी स्कूल परिसर के अंदर तीन साल की बच्ची के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में स्कूल को कारण बताओ नोटिस भेजा जारी करने के साथ ही स्कूल की मान्यता वापस लेने और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) जमीन लीज़ रद्द करने की चेतावनी दी है।

    गत आठ मई 2026 को स्कूल को जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि नर्सरी क्लास की एक छात्रा के साथ स्कूल के समय में स्कूल परिसर के अंदर कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई, जो “स्कूल प्रशासन , पर्यवेक्षक कर्मचारी और प्रबंधन की ओर से बच्चों की सुरक्षा के प्रति अपनी कानूनी और नैतिक ज़िम्मेदारियों को निभाने में गंभीर चूक” को दिखाता है।

    शुरुआती जांच में पता चला कि स्कूल ज़रूरी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे न लगाने या न लगाने सहित, सही सर्विलांस और निगरानी प्रणाली बनाए रखने में एवं प्रशासन कथित तौर पर बच्चों की सुरक्षा के लिए सही सुरक्षा गार्ड और बचाव के उपाय लागू करने में विफल रहा।

    नोटिस में आगे कहा गया है कि नर्सरी और प्री-प्राइमरी क्लास, मुख्य मान्यता प्राप्त स्कूल परिसर से लगभग एक किलोमीटर दूर एक अलग निजी जगह से चलाई जा रही हैं, और इसके लिए किसी अधिकारी से कोई मंज़ूरी नहीं ली गई है। यह डीडीए द्वारा ज़मीन आवंटन की शर्तों का उल्लंघन है।

    नोटिस में जिन अन्य उल्लंघनों का ज़िक्र किया गया है, उनमें बिना कानूनी मंज़ूरी के मुख्य परिसर से दूर कक्षाएं चलाकर छोटे बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डालना, संरचनात्मक स्थिरता और अग्निशमन सुरक्षा नियमों का पालन न करना, और शिक्षा निदेशालय से ज़रूरी बातें छिपाना शामिल है।

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    नोटिस में लिखा है, “शिक्षा उपनिदेशक (जिला पश्चिम-B) ने स्कूल प्रबंधन को कारण बताने का निर्देश दिया है कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम और नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए, जिसमें नियम 24(4) के तहत प्रबंधन का अधिग्रहण करना या मान्यता वापस लेना शामिल है। नोटिस में डीडीए की ज़मीन की लीज़ रद्द करने की सिफारिश की भी चेतावनी दी गई है।”

    इसमें आगे लिखा है कि स्कूल को 11 मई, 2026 तक घटना की रिपोर्ट, स्टाफ की ड्यूटी की जानकारी, बच्चों की सुरक्षा पॉलिसी, सीसीटीवी रिकॉर्ड, एफआईआर कॉपी, बचाव के सुझाए गए तरीके, निजी जगह इस्तेमाल करने की मंज़ूरी, इमारत और आग से सुरक्षा के प्रमाणपत्र और दूसरे दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है।

    नोटिस में लिखा है, ‘अगर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी, प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया जाएगा, या बिना किसी और नोटिस के ज़मीन की लीज़ रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।’
    उल्लेखनीय है कि पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक निजी स्कूल के अंदर 57 साल के एक स्टाफ कर्मचारी ने कथित तौर पर तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।

    यह घटना एक मई को तब सामने आई जब पीड़िता की मां ने जनकपुरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक बच्ची स्कूल में प्रवेश के दूसरे दिन 30 अप्रैल को स्कूल गई थी। घर लौटने के बाद, उसने दर्द की शिकायत की और कहा कि उसे एक सुनसान इलाके में ले जाया गया जहाँ उस आदमी ने उसके साथ मारपीट की।

    दुष्कर्म के आरोपी स्कूल केयरटेकर को एक मई को गिरफ्तार किया गया था और बाद में अभियोजन के विरोध के बावजूद सात मई को द्वारका की एक अदालत ने उसे ज़मानत दे दी। पुलिस स्कूल परिसर से सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

  • महाराष्ट्र में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां घोषित, 2 मई से 14 जून तक अवकाश

    महाराष्ट्र में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां घोषित, 2 मई से 14 जून तक अवकाश

    मुंबई | राज्य के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा कर दी गई है। राज्य बोर्ड के सभी स्कूल 2 मई से 14 जून तक बंद रहेंगे। नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 पूरे राज्य में 15 जून से शुरू होगा।

    जून में सुबह की पाली में लगेंगी कक्षाएं
    विदर्भ क्षेत्र में जून की गर्मी को देखते हुए 15 जून से 29 जून तक स्कूल सुबह की पाली में संचालित किए जाएंगे। इस दौरान कक्षाएं सुबह 7:00 बजे से 11:45 बजे तक चलेंगी। 30 जून से सभी स्कूल अपने नियमित समय पर शुरू हो जाएंगे।

    अन्य बोर्डों को निर्णय की छूट
    राज्य के अन्य शिक्षा बोर्ड से जुड़े स्कूलों को अपनी शैक्षणिक गतिविधियों और समय-सारणी के अनुसार छुट्टियां तय करने की स्वतंत्रता दी गई है।

    सुट्टियों का वार्षिक निर्धारण
    शिक्षण संचालनालय हर वर्ष शैक्षणिक कैलेंडर के तहत छुट्टियों का निर्धारण करता है, ताकि सभी स्कूलों में एकरूपता बनी रहे। यह निर्देश राज्य के सभी सरकारी व मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को जारी किए गए हैं।

    नियमों के मुताबिक, पूरे शैक्षणिक वर्ष में कुल छुट्टियां 76 दिनों से अधिक नहीं होनी चाहिए और कम से कम 220 दिनों का शिक्षण कार्य अनिवार्य है। इसी आधार पर अवकाश का कैलेंडर तय किया गया है।