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  • Shweta Salvi Surrenders: 6.49 करोड़ रुपये के घोटाले की मुख्य आरोपी श्वेता सालवी ने आखिरकार किया सरेंडर!

    Shweta Salvi Surrenders: 6.49 करोड़ रुपये के घोटाले की मुख्य आरोपी श्वेता सालवी ने आखिरकार किया सरेंडर!

    Shweta Salvi Surrenders: ‘सुभद्रा मेटल्स प्रा. लि.’ में वरिष्ठ लेखापाल (सीनियर अकाउंटेंट) के पद पर रहते हुए कथित रूप से 6 करोड़ 49 लाख रुपये के आर्थिक गबन और धोखाधड़ी करने के मामले की मुख्य आरोपी श्वेता रुपेश सालवी ने आखिरकार कालाचौकी पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, मुंबई सत्र न्यायालय और मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद श्वेता सालवी ने सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया और आरोपी को 15 दिनों के भीतर संबंधित पुलिस स्टेशन या न्यायालय में सरेंडर करने का निर्देश दिया था। इसके बाद आज उसने कालाचौकी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

    क्या है मामला?
    आरोप है कि श्वेता सालवी ने कंपनी के निदेशकों का विश्वास जीतकर बैंक चेक, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) और बैंक ओटीपी का अवैध रूप से उपयोग किया। उसने निदेशकों के फर्जी हस्ताक्षर कर करीब 15 वित्तीय संस्थानों और निजी साहूकारों से लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया और यह राशि अपने, अपने पति, भाई तथा अन्य सहयोगियों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी।

    जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी के विक्रेताओं (वेंडर्स) को भुगतान किए जाने का झांसा देने के लिए व्हाट्सएप पर फर्जी यूटीआर (UTR) नंबर भेजे गए। मामले में कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट चंद्रशेखर मोरे और उनकी पत्नी तेजस्विनी मोरे पर भी आर्थिक लाभ लेकर सहयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।

    पुलिस हिरासत में होगी गहन पूछताछ
    घोटाला उजागर होने के बाद से श्वेता सालवी फरार चल रही थी। इस दौरान उसके कुछ रिश्तेदारों द्वारा कंपनी के निदेशकों को कथित रूप से धमकाने की शिकायतें भी सामने आई थीं।

    पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि 6.49 करोड़ रुपये की राशि कहां-कहां स्थानांतरित की गई, उससे कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गईं और इस कथित संगठित आर्थिक अपराध में अन्य किन लोगों की भूमिका रही है।

    मामले की जांच विजयकुमार शिंदे के मार्गदर्शन में तानाजी कुंभार द्वारा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।