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  • Tech Modern Courses: टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 149 आईटीआई और स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर में चलेंगे आधुनिक कोर्सेज!

    Tech Modern Courses: टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 149 आईटीआई और स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर में चलेंगे आधुनिक कोर्सेज!

    Tech Modern Courses: उत्तर प्रदेश सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से प्रदेश के 149 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और 01 प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र, अलीगंज-लखनऊ में अत्याधुनिक कोर्सेज के संचालन को हरी झंडी दे दी है।

    प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को अपग्रेड किया जा रहा है। इसी क्रम में राज्यपाल की ओर से टाटा द्वारा विकसित किए गए आधुनिक व्यवसायों के सुचारु संचालन के लिए कुल 1,065 पदों की मैनपावर को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

    इसके तहत प्रदेश भर में 171 कार्यदेशक (वर्कशॉप इंस्ट्रक्टर) और 894 प्रशिक्षकों (इंस्ट्रक्टर्स) की सेवाएं ली जाएंगी। मंत्री ने कहा कि योगी सरकार युवाओं को रोजगार देने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सभी 1,065 सेवाओं को ‘आउटसोर्सिंग ऑफ सर्विस’ (जॉब आउटसोर्सिंग) के आधार पर ‘जेम पोर्टल’ के माध्यम से क्रय किया जाएगा।

    सेवा प्रदाता एजेंसी का चयन पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी रीति से कार्मिक विभाग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम विभाग तथा श्रम विभाग के शासनादेशों के प्रावधानों और सुसंगत नियमों के आलोक में किया जाएगा। इन पदों हेतु शैक्षिक योग्यता आदि का निर्धारण प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा तय कर शासन से अनुमोदित कराया जाएगा। यह आदेश वित्त विभाग की सहमति के बाद जारी कर दिया गया है। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के युवाओं को अब पारंपरिक कोर्सेज से इतर चौथी औद्योगिक क्रांति (इंडस्ट्री 4.0) के मांग वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा।

    इन संस्थानों में इलेक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एंड डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन, एडवांस्ड सीएनसी मशीनिंग तकनीशियन, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीशियन, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन/3डी प्रिंटिंग, सीएएम प्रोग्रामर, बेसिक डिजाइनर एंड वर्चुअल वेरिफायर-मैकेनिकल तथा आर्टिसन यूजिंग एडवांस्ड टूल जैसे 9 अत्याधुनिक कोर्सेज संचालित किए जा रहे हैं।

    टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से संचालित होने वाले ये कोर्सेज प्रदेश के युवाओं को वैश्विक कंपनियों की जरूरत के मुताबिक तैयार करेंगे। आईटीआई से पास होने वाले छात्रों को न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी बेहतरीन पैकेज पर रोजगार मिल सकेगा। योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा ‘स्किल हब’ बनाना है और यह कदम उसी दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

  • Toyota Technical Education Program: छत्रपति संभाजीनगर में टोयोटा टेक्निकल एजुकेशन प्रोग्राम का शुभारंभ!

    Toyota Technical Education Program: छत्रपति संभाजीनगर में टोयोटा टेक्निकल एजुकेशन प्रोग्राम का शुभारंभ!

    Toyota Technical Education Program: ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने शारयू टोयोटा के सहयोग से छत्रपति संभाजीनगर स्थित सीएसएमएसएस कॉलेज ऑफ पालीटेक्निक में टोयोटा टेक्निकल एजुकेशन प्रोग्राम (टी-टीईपी) का उद्घाटन किया। यह पहल भारत सरकार की ‘स्किल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टि को समर्थन देने की दिशा में कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    नव स्थापित प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन रंजीत पी. मुलाय, पद्माकर एच. मुलाय, डॉ. श्रीकांत जी. देशमुख, डॉ. शशिकांत आर. डिकले, डॉ. गणेश बी. डोंगरे, नसीर मानेर तथा टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।

    इस केंद्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। विशेष रूप से तकनीकी ट्रेड्स का अध्ययन कर रहे ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को इस कार्यक्रम से लाभ मिलेगा। टी-टीईपी पाठ्यक्रम में शैक्षणिक अध्ययन और वास्तविक औद्योगिक अनुभव का समन्वय किया गया है, जिसके अंतर्गत छात्रों को टोयोटा डीलरशिप्स में इंटर्नशिप का अवसर भी मिलेगा।

    कॉलेज में सर्विस एडवाइज़र और सेल्स कंसल्टेंट स्ट्रीम्स पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्राप्त होगा। कार्यक्रम के अंतर्गत छह तकनीकी ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा इसकी वार्षिक क्षमता 480 विद्यार्थियों की है।

    प्रशिक्षण केंद्र में आधुनिक इंजन मॉडल्स, कंपोनेंट कट-सेक्शन, सिम्युलेटर्स और अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जो टोयोटा की हाइब्रिड एवं सर्विस टेक्नोलॉजी को समझने में विद्यार्थियों की सहायता करेंगे। इसके साथ ही व्यक्तित्व एवं कार्य संस्कृति विकास से संबंधित विशेष प्रशिक्षण सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।

    इस अवसर पर शारयू टोयोटा के निदेशक नसीर मानेर ने कहा कि टी-टीईपी केवल एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि उन युवाओं के लिए एक मजबूत मंच है जो ऑटोमोबाइल क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर की शिक्षा और स्थानीय अवसरों के समन्वय से विद्यार्थियों को सफलता के लिए आवश्यक कौशल प्रदान किए जा रहे हैं।

    टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड एवं एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स एंड गवर्नेंस) विक्रम गुलाटी ने कहा कि टी-टीईपी जैसी पहल का उद्देश्य युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली व्यावहारिक शिक्षा प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर, कुशल और उद्योग के लिए तैयार बनाना है। यह कार्यक्रम महाराष्ट्र सहित देशभर में तकनीकी शिक्षा और रोजगार कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

  • Inclusive Training Programs: दिव्यांगों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे अधिक सुलभ, सांकेतिक भाषा सहायता अनिवार्य

    Inclusive Training Programs: दिव्यांगों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे अधिक सुलभ, सांकेतिक भाषा सहायता अनिवार्य

    Inclusive Training Programs: हरियाणा सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ऐसे कार्यक्रमों में सांकेतिक भाषा (साइन लैंग्वेज) की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

    निर्देशों में केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन का उल्लेख किया गया है, जिसमें विशेष रूप से श्रवण बाधित और संचार संबंधी चुनौतियों वाले दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक सुगम बनाने पर बल दिया गया है।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण सत्रों के दौरान सांकेतिक भाषा दुभाषियों सहित अन्य आवश्यक सुलभता सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि दिव्यांग प्रतिभागी प्रभावी रूप से संवाद कर सकें और प्रशिक्षण गतिविधियों में समान रूप से भाग ले सकें।

    यह पहल कौशल विकास, क्षमता निर्माण और विभिन्न सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दिव्यांग व्यक्तियों की भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। राज्य सरकार ने सभी विभागों को केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुलभता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

  • 11th Governing Council Meeting: नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक कल, विकसित भारत 2047 के रोडमैप पर होगी चर्चा!

    11th Governing Council Meeting: नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक कल, विकसित भारत 2047 के रोडमैप पर होगी चर्चा!

    11th Governing Council Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। बैठक का मुख्य विषय ‘2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ रखा गया है।

    नीति आयोग के अनुसार, बैठक का उद्देश्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है जिसमें समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिल सके। आयु, लिंग, क्षेत्र या सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना प्रत्येक नागरिक के कल्याण और विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    बैठक में समावेशी विकास के चार प्रमुख स्तंभों पर चर्चा होगी। इनमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और भविष्य के अनुरूप कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा, स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार तथा सभी नागरिकों के लिए समानता और गरिमा सुनिश्चित करना शामिल है।

    इसके अलावा देशभर में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, कौशल विकास को मजबूत बनाने और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। शासन व्यवस्था, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, डेटा आधारित नीति निर्माण और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय को विकास का आधार बनाने पर जोर दिया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों की भी समीक्षा होगी।

    इन सिफारिशों में प्रारंभिक बाल शिक्षा, स्कूलों की आधारभूत संरचना, भविष्य के लिए तैयार कार्यबल, ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था और खेल एवं पाठ्येतर गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे विषय शामिल हैं। नीति आयोग की इस बैठक को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां केंद्र और राज्य मिलकर समावेशी एवं सतत विकास का साझा रोडमैप तैयार करेंगे।

  • Adani Group Initiative: अडानी समूह और गुजरात सरकार मिलकर कच्छ के 11 आईटीआई संस्थानों का करेंगे आधुनिकीकरण!

    Adani Group Initiative: अडानी समूह और गुजरात सरकार मिलकर कच्छ के 11 आईटीआई संस्थानों का करेंगे आधुनिकीकरण!

    Adani Group Initiative: Adani Group की इकाई अडानी स्किल्स एंड एजुकेशन (एएसई) ने गुजरात सरकार के सहयोग से कच्छ क्षेत्र के 11 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के विकास और आधुनिकीकरण की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उद्योग-तैयार कौशल प्रदान करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

    कंपनी द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस परियोजना के तहत आईटीआई संस्थानों में पाठ्यक्रम उन्नयन, प्रशिक्षकों का विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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    इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में रोजगार के लिए होने वाले पलायन को कम करना और नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स तथा इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है। इस परियोजना की शुरुआत ‘कर्म उत्सव’ नामक कार्यक्रम के दौरान की गई, जिसमें 650 से अधिक छात्र, शिक्षक, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए।

    कार्यक्रम में गुजरात सरकार के श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया, राज्य मंत्री कांतिलाल अमृतिया, कच्छ जिले के वरिष्ठ नेता और अन्य सरकारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा अडानी समूह के वरिष्ठ अधिकारी, फैकल्टी सदस्य और सभी 11 सरकारी आईटीआई संस्थानों के छात्र भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

    अडानी स्किल्स एंड एजुकेशन के सीईओ Robin Bhowmik ने कहा कि कच्छ क्षेत्र उनकी दीर्घकालिक कौशल विकास योजना का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार और आईटीआई संस्थानों के साथ मिलकर एक ऐसा प्रशिक्षित और उद्योग-तैयार कार्यबल तैयार किया जाएगा, जो क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभा सके।

  • Historic Agreement: एम. पी. लॉ कॉलेज और फाइंडेबिलिटी साइंसेज के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता!

    Historic Agreement: एम. पी. लॉ कॉलेज और फाइंडेबिलिटी साइंसेज के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता!

    Historic Agreement: भारत की कानूनी व्यवस्था तेजी से तकनीक आधारित बदलाव के दौर से गुजर रही है और अब मराठवाड़ा भी इस परिवर्तन का हिस्सा बनने जा रहा है। मराठवाड़ा लीगल एंड जनरल एजुकेशन सोसाइटी के मणिकचंद पहाड़े लॉ कॉलेज (एम पी लॉ कॉलेज), छत्रपति संभाजीनगर और फाइंडेबिलिटी साइंसेज ने मिलकर क्षेत्र की पहली समर्पित लीगल एआई शिक्षा पहल शुरू करने के लिए पांच वर्ष के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

    इस पहल के तहत एम पी लॉ कॉलेज परिसर में ‘लीगल एआई में 3 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स’ शुरू किया जाएगा, साथ ही एक अत्याधुनिक ‘एआई एंड लीगल एथिक्स रिसर्च लैब’ भी स्थापित की जाएगी। इस कार्यक्रम का पहला बैच शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से शुरू होने की संभावना है।

    देशभर में ई-कोर्ट मिशन मोड प्रोजेक्ट के माध्यम से अदालतों में अनुवाद, ट्रांसक्रिप्शन, इंटेलिजेंट शेड्यूलिंग और प्रशासनिक कार्यों में एआई का उपयोग बढ़ रहा है। वहीं लॉ फर्म और कॉर्पोरेट कानूनी विभाग भी ड्राफ्टिंग, रिसर्च और कंप्लायंस जैसे कार्यों में जेनरेटिव एआई का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे समय में यह पहल छात्रों और वकीलों को भविष्य की कानूनी तकनीक से जोड़ने का प्रयास मानी जा रही है।

    संयुक्त रूप से तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम में छात्रों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसमें एआई के मूल सिद्धांत, लीगल एआई टूल्स, जेनरेटिव एआई का कानूनी उपयोग, केस इंटेलिजेंस, बौद्धिक संपदा संरक्षण, दस्तावेज समीक्षा, ई-डिस्कवरी वर्कफ़्लो, लीगल एनालिटिक्स, रिस्पॉन्सिबल प्रॉम्प्टिंग और एथिक्स सिमुलेशन जैसे विषय शामिल होंगे। पाठ्यक्रम के अंत में छात्रों को फाइंडेबिलिटी साइंसेज के मार्गदर्शन में एक कैपस्टोन प्रोजेक्ट भी पूरा करना होगा।

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    फाइंडेबिलिटी साइंसेज इस कार्यक्रम के लिए एआई विशेषज्ञ, गेस्ट फैकल्टी, लाइव टूल डेमोंस्ट्रेशन, फैकल्टी ट्रेनिंग और बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को इंटर्नशिप के अवसर भी उपलब्ध कराएगी। कोर्स पूरा करने वाले प्रतिभागियों को एम पी लॉ कॉलेज और फाइंडेबिलिटी साइंसेज द्वारा संयुक्त प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

    इस पहल के तहत स्थापित की जाने वाली ‘एआई एंड लीगल एथिक्स रिसर्च लैब’ भारतीय न्याय प्रणाली में एआई के उपयोग, डेटा सुरक्षा, एल्गोरिद्मिक जवाबदेही, पारदर्शिता और संवैधानिक सीमाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अनुसंधान करेगी। इसके अंतर्गत नीति पत्र, कार्यशालाएं और राष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन भी किया जाएगा।

    एम पी लॉ कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अपर्णा एन. कोटापल्ले ने कहा, “लॉ स्कूल अगले दशक के कानून की शिक्षा पुराने तौर-तरीकों से नहीं दे सकते। यह साझेदारी हमें भविष्य की तकनीक को सीधे अपने क्लासरूम तक लाने का अवसर देती है।”

    वहीं फाइंडेबिलिटी साइंसेज के लीगल एआई विशेषज्ञ रोहित राउत ने कहा, “जिम्मेदारी के साथ एआई को अपनाना केवल इंजीनियरों का काम नहीं है। अदालतों, अनुबंधों और सार्वजनिक क्षेत्र में एआई के उपयोग को लेकर होने वाली चर्चा में वकीलों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होगी।”

    यह कोर्स एम पी लॉ कॉलेज के छात्रों, प्रैक्टिस कर रहे वकीलों, लॉ ग्रेजुएट्स, अन्य संस्थानों के छात्रों और संबंधित क्षेत्रों के पेशेवरों के लिए खुला रहेगा। प्रवेश प्रक्रिया और विस्तृत पाठ्यक्रम की घोषणा जल्द ही की जाएगी।

  • Legrand Training Center: ठाणे और महाराष्ट्र बदल रहे हैं; लेग्रैंड ट्रेनिंग सेंटर दे रही युवाओं के सपनों को नई उड़ान!

    Legrand Training Center: ठाणे और महाराष्ट्र बदल रहे हैं; लेग्रैंड ट्रेनिंग सेंटर दे रही युवाओं के सपनों को नई उड़ान!

    Legrand Training Center: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस ट्रेनिंग सेंटर के ज़रिए न सिर्फ़ एक बिल्डिंग का उद्घाटन हुआ है, बल्कि ठाणे और उसके आस-पास के हज़ारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिली है। स्किल डेवलपमेंट और रोज़गार पैदा करने के क्षेत्र में इस पहल की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा यह सिर्फ़ एक उद्घाटन नहीं है, बल्कि एक ऐसे सफ़र की शुरुआत है जो युवाओं की उम्मीदों और सपनों को एक नई दिशा देगा।वह ठाणे में स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट ट्रेनिंग सेंटर ‘लेग्रैंड इंस्टिट्यूट फ़ॉर ट्रेनिंग एंड एजुकेशन’ के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे।

    इस प्रोग्राम में स्किल डेवलपमेंट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, मुंबई में फ्रांस की डिप्टी कॉन्सुल एग्नेस सिल्वा, ग्रुप लेग्रैंड इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर टोनी बलार्ड,सीएसआर और सस्टेनेबिलिटी की वाइस प्रेसिडेंट आबिदा अनीज़, स्किलसोनिक्स के सीईओ प्रसन्नजीत कुंडू, कॉर्पोरेटर योगेश जानकर और कई जाने-माने लोग शामिल हुए।इस मौके पर डिप्टी चीफ मिनिस्टर शिंदे ने कहा कि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत शुरू किया गया यह इंस्टीट्यूशन लोकल युवाओं को फ्री ट्रेनिंग के साथ-साथ रोजगार के मौके भी देगा।

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    इस सेंटर के जरिए इंडस्ट्रीज़ की जरूरतों के हिसाब से स्किल्ड मैनपावर बनाने का अहम काम किया जाएगा और इसके लिए उन्होंने लेग्रैंड ग्रुप को खास तौर पर बधाई दी।उन्होंने कहा, “आज अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ को ट्रेंड और स्किल्ड मैनपावर की जरूरत है। ऐसे समय में लेग्रैंड इंस्टीट्यूशन युवाओं को मॉडर्न टेक्निकल ट्रेनिंग देकर रोजगार के लायक बनाने का काम करेगा। इससे युवाओं की जिंदगी को एक नई दिशा मिलेगी।”

    ठाणे के बदलते इंडस्ट्रियल माहौल का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वागले इंडस्ट्रियल एस्टेट, जो कभी एशिया का एक बड़ा इंडस्ट्रियल हब था, अब IT, डेटा सेंटर और सर्विस इंडस्ट्री के लिए एक ज़रूरी हब बन रहा है। इससे रोज़गार के नए मौके बन रहे हैं और ट्रेंड युवाओं को बहुत फ़ायदा होगा।