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  • Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में 27 करोड़ शेयर होंगे जारी, बीएसई और एनएसई पर होगी लिस्टिंग

    Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में 27 करोड़ शेयर होंगे जारी, बीएसई और एनएसई पर होगी लिस्टिंग

    Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में 27 करोड़ इक्विटी शेयर निवेशकों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। कंपनी के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को आईपीओ के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी देने के बाद इसे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास जमा करा दिया।

    प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 10 रुपये के अंकित मूल्य के होंगे और कंपनी के शेयरों को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सूचीबद्ध किया जाएगा।

    आईपीओ में कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सेदारी खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि 15 प्रतिशत शेयर गैर-संस्थागत निवेशकों को आवंटित किए जाएंगे। पात्र संस्थागत खरीदारों के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सेदारी निर्धारित की गई है।

    रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की प्रक्रिया का नेतृत्व ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जियो ने भारत में दूरसंचार क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है और देश को तकनीक के आयातक से नवाचार करने वाले राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    कंपनी के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक रिलायंस जियो के कुल ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ थी, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में उसका परिचालन राजस्व 1,46,885 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

    आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि में से 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग रिलायंस जियो इंफोकॉम की देनदारियों को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने के लिए किया जाएगा।

  • Rahul Vats COAI Chairman: राहुल वत्स होंगे सीओएआई के नये अध्यक्ष

    Rahul Vats COAI Chairman: राहुल वत्स होंगे सीओएआई के नये अध्यक्ष

    Rahul Vats COAI Chairman: भारतीय सेल्युलर ऑपरेटर संघ (सीओएआई) ने वर्ष 2026-27 के लिए नए नेतृत्व की घोषणा करते हुए राहुल वत्स को संगठन का अध्यक्ष चुना है। वह वर्तमान में भारती एयरटेल में ग्रुप चीफ रेगुलेटरी ऑफिसर और कॉर्पोरेट मामलों के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं तथा इससे पहले सीओएआई के उपाध्यक्ष रह चुके हैं।

    सीओएआई की वार्षिक आम सभा में लिए गए इस निर्णय के तहत रिलायंस जियो इन्फोकॉम के मुख्य नियामक अधिकारी रवि पी. गांधी को संगठन का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

    राहुल वत्स के पास दूरसंचार और प्रसारण लाइसेंसिंग, स्पेक्ट्रम प्रबंधन, आर्थिक विनियमन तथा नियामकीय मुकदमेबाजी के क्षेत्र में करीब 29 वर्षों का अनुभव है। वह वैश्विक मोबाइल उद्योग संगठन जीएसएमए के स्पेक्ट्रम नीति कार्य समूह के अध्यक्ष भी हैं।

    वहीं, रवि पी. गांधी को लोक नीति, दूरसंचार विनियमन और नेटवर्क संचालन के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। वह पहले भारती एयरटेल में मुख्य नियामक अधिकारी रह चुके हैं और भारतीय दूरसंचार सेवा के अधिकारी के रूप में दूरसंचार विभाग में भी कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से पीएचडी और एनआईटी कुरुक्षेत्र से बीटेक की डिग्री प्राप्त की है।

    बैठक के दौरान दूरसंचार क्षेत्र में हुए हालिया विकास, उभरती प्राथमिकताओं और देश के डिजिटल संचार तंत्र को मजबूत बनाने के लिए भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

    सीओएआई के महानिदेशक एस.पी. कोच्छर ने कहा कि भारत का दूरसंचार क्षेत्र परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, 5जी एडवांस्ड, सैटेलाइट संचार तथा 6जी जैसी नई तकनीकों के साथ यह क्षेत्र नवाचार, समावेशन और आर्थिक विकास में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • Nationwide Public Protest: जियो मोबाइल टावरों के खिलाफ देशव्यापी जनआंदोलन का ऐलान, हजारों लोग उतरेंगे सड़कों पर!

    Nationwide Public Protest: जियो मोबाइल टावरों के खिलाफ देशव्यापी जनआंदोलन का ऐलान, हजारों लोग उतरेंगे सड़कों पर!

    Nationwide Public Protest: मोबाइल टावरों से निकलने वाले कथित रेडिएशन के मुद्दे को लेकर देशभर में बड़े जनआंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता गणेश ननवरे ने मुंबई में आयोजित एक पत्रकार परिषद में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संबंधित सरकारी एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा और हजारों नागरिक सड़कों पर उतरेंगे।

    ननवरे ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर मोबाइल टावरों की स्थापना और संचालन में सुरक्षा मानकों तथा नियमों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से जियो इन्फोकॉम से जुड़े कुछ मोबाइल टावरों और दूरसंचार ढांचे की जांच की मांग करते हुए कहा कि कोकण विभागीय आयुक्त द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार स्वतंत्र ऑडिट कराया जाना चाहिए।

    उन्होंने दावा किया कि मोबाइल टावरों से निकलने वाले रेडिएशन का लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्कूलों, अस्पतालों और घनी आबादी वाले इलाकों में स्थापित मोबाइल टावरों की तत्काल जांच कर उनकी वैधता, सुरक्षा मानकों और नियमों के अनुपालन की समीक्षा की जानी चाहिए।

    पत्रकार परिषद में बताया गया कि इस मुद्दे पर विभिन्न सामाजिक संगठन, डॉक्टर, वकील, शैक्षणिक संस्थान और नागरिक मंच एकजुट हो रहे हैं। भगत सिंह यूथ फाउंडेशन सहित कई संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देने का दावा किया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह केवल एक संगठन की लड़ाई नहीं, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है।

    गणेश ननवरे ने कहा कि मुंबई के आजाद मैदान में विशाल आंदोलन की तैयारी चल रही है। यदि प्रशासन और संबंधित विभागों ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन में क्रकोरोच जनता पार्टी समेत कई सामाजिक और राजनीतिक संगठन भी भाग लेंगे।

    आंदोलनकारियों ने मांग की है कि देशभर में स्थापित मोबाइल टावरों की सुरक्षा, नियमपालन और तकनीकी मानकों की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।

  • Airtel 5G Towers: एयरटेल ने उत्तर भारत में 2,900 से अधिक नए 5जी टावर लगाए, 2.86 करोड़ ग्राहकों को मिलेगा लाभ!

    Airtel 5G Towers: एयरटेल ने उत्तर भारत में 2,900 से अधिक नए 5जी टावर लगाए, 2.86 करोड़ ग्राहकों को मिलेगा लाभ!

    Airtel 5G Towers: दूरसंचार सेवा प्रदाता एयरटेल ने उत्तर भारत में अपने नेटवर्क विस्तार को गति देते हुए पिछले एक वर्ष में 2,900 से अधिक नए 5जी टावर स्थापित किए हैं। कंपनी का कहना है कि इस पहल से ग्राहकों को तेज इंटरनेट गति, बेहतर कवरेज और अधिक भरोसेमंद नेटवर्क अनुभव मिलेगा।

    एयरटेल के अनुसार, नए 5जी टावर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए हैं। इस नेटवर्क विस्तार के तहत 77 जिलों को कवर किया गया है, जिससे 2.86 करोड़ से अधिक ग्राहकों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का लाभ मिल रहा है।

    कंपनी ने बताया कि नेटवर्क क्षमता बढ़ने से उपयोगकर्ताओं को वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन शिक्षा, रिमोट वर्किंग, डिजिटल भुगतान और तेज डाउनलोड जैसी सेवाओं का बेहतर अनुभव मिलेगा। इसका लाभ शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।

    भारती एयरटेल के अपर नॉर्थ क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुपम अरोड़ा ने कहा कि उत्तर भारत में डेटा खपत लगातार बढ़ रही है और कंपनी ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने नेटवर्क को लगातार मजबूत बना रही है। उन्होंने कहा कि नए 5जी टावरों के माध्यम से लाखों ग्राहकों को अधिक तेज, व्यापक और विश्वसनीय कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी।

  • Harsh Girish Patel: मुंबई के हर्ष पटेल दूरसंचार सलाहकार समिति के सदस्य नामित!

    Harsh Girish Patel: मुंबई के हर्ष पटेल दूरसंचार सलाहकार समिति के सदस्य नामित!

    Harsh Girish Patel: मुंबई के युवा उद्यमी एवं कानूनी विशेषज्ञ हर्ष गिरीश पटेल को भारत सरकार के संचार मंत्रालय की दूरसंचार सलाहकार समिति (टेलिकॉम एडवाइजरी कमेटी) का सदस्य नामित किया गया है।

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    हरीश गिरीश पटेल वाटर एंड शार्क के संस्थापक एवं ग्लोबल सीईओ हैं। उन्होंने नरसी मोंजी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकनॉमिक और गोपालदास झमातमल अडवानी लाॅ कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की है। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के साथ अंतरराष्ट्रीय कानूनी और वित्तीय संस्थाओं से भी जुड़े हुए हैं।

    महज 19 वर्ष की उम्र में शुरू की गई उनकी कंपनी आज 12 से अधिक देशों में कार्यरत है और कई वैश्विक कंपनियों व संस्थाओं को परामर्श सेवाएं दे रही है।

  • Jio Platforms IPO: अंबानी का नया प्लान! आईपीओ में केवल फ्रेश इश्यू संभव!

    Jio Platforms IPO: अंबानी का नया प्लान! आईपीओ में केवल फ्रेश इश्यू संभव!

    Jio Platforms IPO: दो सूत्रों ने सोमवार को बताया कि भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी की Reliance Jio Platforms ने अपने मुंबई IPO की योजना को बदलकर अब इसे सिर्फ़ फ़ंड जुटाने का ज़रिया बना लिया है। कंपनी ने अपनी पिछली योजना छोड़ दी है, जिसके तहत बड़े विदेशी निवेशकों को अपने कुछ शेयर बेचने की अनुमति मिलने वाली थी।

    Jio Platforms, जो यूज़र्स के मामले में China Mobile के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, के निवेशकों में Meta, Alphabet की Google और Vista Equity Partners शामिल हैं। इसके IPO (Initial Public Offering) का लंबे समय से इंतज़ार था और यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है।

    Reuters ने पहले बताया था कि कंपनी ने अपने विदेशी निवेशकों के साथ बातचीत की थी, जिसमें हर निवेशक को IPO में अपनी व्यक्तिगत हिस्सेदारी का 8% बेचने की अनुमति देने की बात हुई थी। कुल मिलाकर, यह कंपनी की 2.5% हिस्सेदारी के बराबर होता। इस प्रक्रिया को भारत में ‘ऑफ़र फ़ॉर सेल’ (Offer-for-Sale) कहा जाता है। इसके ज़रिए नए निवेशक कंपनी में आ पाते और विदेशी निवेशक बिना किसी नए फ़ंड के अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच पाते।

    इस मामले की सीधी जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने बताया कि अब इस योजना को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने अपनी पहचान ज़ाहिर न करने की शर्त पर बात की, क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं था।

    अब Reliance की योजना कंपनी के कुल आकार के 2.5% के बराबर नया फ़ंड जुटाने की है। सूत्रों में से एक ने कहा, “निवेशक अपने शेयर बेचने के इच्छुक नहीं थे और वे लंबे समय तक कंपनी में निवेशित रहना चाहते थे।”

    The Economic Times ने सोमवार को सबसे पहले यह रिपोर्ट दी थी कि कंपनी अपने IPO के ज़रिए अब सिर्फ़ नया फ़ंड जुटाने पर फ़ोकस करेगी। Jio Platforms ने Reuters के इस मामले पर टिप्पणी मांगने के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया।

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    युद्ध का साया
    Jio Platforms के IPO के लिए फ़ाइलिंग मार्च में ही होने की उम्मीद थी, लेकिन अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान को लेकर शुरू हुए युद्ध के चलते इसे टाल दिया गया। इस युद्ध के कारण निवेशकों का नई लिस्टिंग में निवेश करने का उत्साह कम हो गया था।

    मार्च में, Walmart के समर्थन वाली भारतीय फ़िनटेक कंपनी PhonePe ने भी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक पूंजी बाज़ारों में अस्थिरता का हवाला देते हुए अपने IPO की योजना को रोक दिया था। Jio Platforms के IPO में हुई देरी के बारे में बात करते हुए, पहले सूत्र ने कहा कि ईरान युद्ध निश्चित रूप से एक “बाधा” (overhang) बना हुआ है।

    Jio Platforms की लिस्टिंग, अंबानी के उस लंबे समय के विज़न का एक अहम हिस्सा है जिसके तहत वे Reliance को तेल और केमिकल की एक बड़ी कंपनी से बदलकर एक ऐसी “सब कुछ वाली कंपनी” बनाना चाहते हैं जो कंज्यूमर, रिटेल और टेक्नोलॉजी, हर क्षेत्र में काम करे।

    2020 में, Jio ने दुनिया भर के बड़े निवेशकों से फंड जुटाया। ये निवेशक भारत की तेज़ी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था पर दांव लगा रहे थे—एक ऐसी अर्थव्यवस्था जहाँ स्मार्टफोन का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है, इंटरनेट की कीमतें दुनिया में सबसे कम हैं, और जहाँ की युवा आबादी, जो मोबाइल का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल करती है, अब ऑनलाइन आ रही है।

    नवंबर में, इन्वेस्टमेंट बैंक Jefferies ने अनुमान लगाया था कि Reliance Jio का वैल्यूएशन $180 बिलियन होगा। जनवरी में सूत्रों ने Reuters को बताया कि यह IPO $4 बिलियन तक का हो सकता है, हालाँकि इसके अंतिम आँकड़े बाद में तय किए जाएँगे। Reliance Jio Platforms ने अपनी मुंबई लिस्टिंग को मैनेज करने के लिए 17 बैंकों को नियुक्त किया है।