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  • Illegal Bus Operation: सुलतानपुर में अवैध रूप से संचालित बसों पर कार्रवाई, चार बसें सीज और 24 के चालान

    Illegal Bus Operation: सुलतानपुर में अवैध रूप से संचालित बसों पर कार्रवाई, चार बसें सीज और 24 के चालान

    Illegal Bus Operation: उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में परिवहन विभाग ने विशेष अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन कर संचालित की जा रही बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। अभियान के दौरान चार बसों को सीज किया गया, जबकि 24 बसों समेत कई अन्य वाहनों के चालान काटे गए।

    सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) भूपेश कुमार गुप्ता ने बताया कि विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ बस संचालक ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (एआईटीपी) का दुरुपयोग कर विभिन्न ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्मों के माध्यम से सीटवार टिकट बुकिंग कर रहे हैं। टूरिस्ट परमिट वाली इन बसों का संचालन नियमों के विपरीत सामान्य यात्री बसों की तरह किया जा रहा था।

    शिकायतों के बाद परिवहन विभाग की टीम ने लोहरामऊ बाईपास, पयागीपुर चौराहा, अमहट चौराहा, गुप्तारगंज और सेमरी रोड सहित जिले के प्रमुख स्थानों पर व्यापक जांच अभियान चलाया।

    निरीक्षण के दौरान परमिट शर्तों के उल्लंघन में लिप्त पाए जाने पर चार बसों को तत्काल सीज कर दिया गया। इसके अतिरिक्त 24 बसों के चालान किए गए। मोटर वाहन अधिनियम और केंद्रीय मोटरयान नियमों के उल्लंघन के मामलों में 15 अन्य वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

    अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। बस चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों और बिना हेलमेट दोपहिया वाहन संचालित करने वाले लोगों को रोककर यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया।

    इस अभियान में यात्री एवं मालकर अधिकारी शैलेंद्र कुमार तिवारी, यातायात निरीक्षक राम निरंजन, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) सुरेश चंद्र यादव तथा परिवहन एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी शामिल रहे।

  • Transport Minister’s Swift Action: सांसद शिंदे की मांग पर एक्शन, ऐप-आधारित टैक्सी कंपनियों की जांच के निर्देश!

    Transport Minister’s Swift Action: सांसद शिंदे की मांग पर एक्शन, ऐप-आधारित टैक्सी कंपनियों की जांच के निर्देश!

    Transport Minister’s Swift Action: ऐप-आधारित टैक्सी एवं राइड-हेलिंग सेवाओं के माध्यम से यात्रियों से कथित रूप से अतिरिक्त टिप और अधिक किराया वसूलने की शिकायतों को लेकर कल्याण लोकसभा क्षेत्र के सांसद डाॅ. श्रीकान्त एकनाथ शिंदे द्वारा उठाए गए मुद्दे पर राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने तत्काल संज्ञान लिया है। मंत्री ने परिवहन आयुक्त को संबंधित कंपनियों की कार्यप्रणाली की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

    हाल के दिनों में विभिन्न ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं के खिलाफ यात्रियों की ओर से कई शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों में यात्रा स्वीकार करने के बाद अतिरिक्त टिप या अधिक किराए की मांग करना, मांग पूरी नहीं होने पर बुकिंग रद्द करना तथा यात्रियों को असुविधा पहुंचाने जैसे आरोप शामिल थे। इन शिकायतों के मद्देनजर सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया था।

    सांसद की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि यात्रियों से जबरन टिप मांगना या किसी प्रकार का अनुचित आर्थिक दबाव बनाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने परिवहन विभाग को संबंधित कंपनियों के कामकाज की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

    मंत्री ने यह भी कहा कि ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और यात्री हितैषी बनाने के लिए राज्य सरकार जल्द ही नई एग्रीगेटर नीति लागू करने की दिशा में काम कर रही है। उनका कहना है कि इस नीति के माध्यम से यात्रियों और सेवा प्रदाताओं दोनों के हितों का संतुलन सुनिश्चित किया जाएगा।

    इस अवसर पर प्रताप सरनाईक ने इस विषय को प्रमुखता से उठाने के लिए सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है और उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    सांसद श्रीकांत की प्रमुख मांग

    सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने परिवहन मंत्री से मांग की थी कि ऐप-आधारित टैक्सी एवं राइड-हेलिंग सेवाओं द्वारा यात्रियों से अतिरिक्त राशि या टिप के लिए दबाव बनाने, सेवा रद्द करने की धमकी देने तथा उपभोक्ताओं के साथ कथित शोषणकारी व्यवहार करने वाले मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने कहा था कि ग्राहक द्वारा स्वेच्छा से दी गई टिप अच्छी सेवा की सराहना का प्रतीक हो सकती है, लेकिन किसी भी प्रकार से टिप या अतिरिक्त शुल्क के लिए दबाव बनाना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। यात्रियों को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित सेवा मिलना उनका अधिकार है और इस प्रकार की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।