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  • Transport Minister issues directive: जब तक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा न हो जाए, ज़मीन के मालिक को नही दे टीडीआर; परिवहन मंत्री ने दिए निर्देश!

    Transport Minister issues directive: जब तक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा न हो जाए, ज़मीन के मालिक को नही दे टीडीआर; परिवहन मंत्री ने दिए निर्देश!

    Transport Minister issues directive: शहर के भविष्य के विकास पर विचार करते हुए नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं पर कोई ज़्यादा ज़ोर न पड़े, यह पक्का करने के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए,परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने ज़रूरी निर्देश दिए हैं। टिकुजिनी वाडी इलाके में मोजे चितलसर-मानपाड़ा में रिज़र्व प्राइवेट ज़मीन का मुआयना करने के बाद, उन्होंने संबंधित अधिकारियों से साफ़ कहा कि इस बात की गारंटी दी जानी चाहिए कि भविष्य में इस ज़मीन पर किसी भी तरह का कोई कंस्ट्रक्शन नहीं किया जाएगा।

    मंत्री सरनाईक ने अपना कड़ा रुख ज़ाहिर करते हुए कहा कि ठाणे मनपा ने इस ज़मीन पर एक पार्क रिज़र्व किया है और उस ज़मीन को शहर के लिए ग्रीन एरिया के तौर पर बनाए रखा जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि इस इलाके को बचाना ज़रूरी है ताकि नागरिकों को साफ़ हवा, इको-फ्रेंडली माहौल और खुली जगहें मिल सकें। इस मौके पर बोलते हुए, मंत्री सरनाईक ने कहा कि रिज़र्व ज़मीन के बदले संबंधित ज़मीन के मालिक को 80 लाख स्क्वेयर फ़ीट से ज़्यादा टीडीआर देने का मामला बहुत सेंसिटिव है।

    अगर इतनी बड़ी रकम का टीडीआर मंज़ूर किया जाता है, तो शहर पर और आबादी और डेवलपमेंट का दबाव आ सकता है। साथ ही यूडीआरसीपी के नए निर्देशों के मुताबिक, डेवलपर्स को एक्स्ट्रा एफएसआई मिलता है। वहां रहने वाले नागरिकों को कम से कम सही इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं तो मिलनी चाहिए! साथ ही, आने वाले नागरिकों को ध्यान में रखते हुए, पानी की सप्लाई, बिजली सिस्टम, सड़कें, हेल्थ सुविधाएं, सीवेज मैनेजमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सभी बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं की कैपेसिटी बढ़ाए बिना और उन्हें पूरी तरह से चालू किए बिना किसी भी हालत में टीडीआर मंज़ूर नहीं किया जाना चाहिए।

    ठाणे शहर का डेवलपमेंट सिर्फ़ कंस्ट्रक्शन के बारे में नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों के जीवन स्तर के डेवलपमेंट के बारे में भी होना चाहिए। एनवायरनमेंट की सुरक्षा और लोगों के लिए सुविधाओं का बैलेंस बनाए रखना एडमिनिस्ट्रेशन की ज़िम्मेदारी है। इसलिए, ऐसा कोई भी फ़ैसला नहीं लिया जाएगा जिससे शहर के फ़ायदे को नुकसान हो, यह भी उन्होंने साफ़ तौर पर कहा।

    इस फ़ैसले से भविष्य में बिना कंट्रोल के कंस्ट्रक्शन को रोकने में मदद मिलेगी और ठाणे के लोगों के लिए एक बड़ा ग्रीन एरिया बचेगा।मंत्री प्रताप सरनाईक ने राय दी कि एनवायरनमेंट कंज़र्वेशन, लोगों के फ़ायदों की सुरक्षा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट, तीनों पहलुओं को कोऑर्डिनेट करने वाली यह भूमिका ठाणे के लोगों के लिए बहुत ज़रूरी होगी।

  • Transport Minister’s Swift Action: सांसद शिंदे की मांग पर एक्शन, ऐप-आधारित टैक्सी कंपनियों की जांच के निर्देश!

    Transport Minister’s Swift Action: सांसद शिंदे की मांग पर एक्शन, ऐप-आधारित टैक्सी कंपनियों की जांच के निर्देश!

    Transport Minister’s Swift Action: ऐप-आधारित टैक्सी एवं राइड-हेलिंग सेवाओं के माध्यम से यात्रियों से कथित रूप से अतिरिक्त टिप और अधिक किराया वसूलने की शिकायतों को लेकर कल्याण लोकसभा क्षेत्र के सांसद डाॅ. श्रीकान्त एकनाथ शिंदे द्वारा उठाए गए मुद्दे पर राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने तत्काल संज्ञान लिया है। मंत्री ने परिवहन आयुक्त को संबंधित कंपनियों की कार्यप्रणाली की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

    हाल के दिनों में विभिन्न ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं के खिलाफ यात्रियों की ओर से कई शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों में यात्रा स्वीकार करने के बाद अतिरिक्त टिप या अधिक किराए की मांग करना, मांग पूरी नहीं होने पर बुकिंग रद्द करना तथा यात्रियों को असुविधा पहुंचाने जैसे आरोप शामिल थे। इन शिकायतों के मद्देनजर सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया था।

    सांसद की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि यात्रियों से जबरन टिप मांगना या किसी प्रकार का अनुचित आर्थिक दबाव बनाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने परिवहन विभाग को संबंधित कंपनियों के कामकाज की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

    मंत्री ने यह भी कहा कि ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और यात्री हितैषी बनाने के लिए राज्य सरकार जल्द ही नई एग्रीगेटर नीति लागू करने की दिशा में काम कर रही है। उनका कहना है कि इस नीति के माध्यम से यात्रियों और सेवा प्रदाताओं दोनों के हितों का संतुलन सुनिश्चित किया जाएगा।

    इस अवसर पर प्रताप सरनाईक ने इस विषय को प्रमुखता से उठाने के लिए सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है और उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    सांसद श्रीकांत की प्रमुख मांग

    सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने परिवहन मंत्री से मांग की थी कि ऐप-आधारित टैक्सी एवं राइड-हेलिंग सेवाओं द्वारा यात्रियों से अतिरिक्त राशि या टिप के लिए दबाव बनाने, सेवा रद्द करने की धमकी देने तथा उपभोक्ताओं के साथ कथित शोषणकारी व्यवहार करने वाले मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने कहा था कि ग्राहक द्वारा स्वेच्छा से दी गई टिप अच्छी सेवा की सराहना का प्रतीक हो सकती है, लेकिन किसी भी प्रकार से टिप या अतिरिक्त शुल्क के लिए दबाव बनाना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। यात्रियों को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित सेवा मिलना उनका अधिकार है और इस प्रकार की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।