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  • Ram Mandir Offering Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में भाजपा ने हिंदुओं को धोखा दिया; उद्धव ठाकरे का बड़ा दावा!

    Ram Mandir Offering Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में भाजपा ने हिंदुओं को धोखा दिया; उद्धव ठाकरे का बड़ा दावा!

    Ram Mandir Offering Theft Case: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले का हवाला देते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि उसने राजनीतिक फायदे के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल किया और हिंदुओं को धोखा दिया।

    हाल ही में पाला बदलकर शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हुए बागी सांसद संजय देशमुख के निर्वाचन क्षेत्र यवतमाल-वाशिम में जनसभा को संबोधित करते हुए श्री ठाकरे ने घोषणा की कि उनकी पार्टी “भाजपा मुक्त राम” के लिए एक अभियान का नेतृत्व करेगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का हिंदुत्व आस्था पर नहीं बल्कि धोखे पर आधारित है।

    उन्होंने कहा, “सच्चा हिंदुत्व मानवता के लिए खड़ा है। हम मंदिरों को लूटने वाले भाजपा के हिंदुत्व को खारिज करते हैं। हम ‘भाजपा मुक्त राम’ चाहते हैं और शिवसेना इसका नेतृत्व करेगी।” राम मंदिर के निर्माण में अपनी पार्टी के योगदान को याद करते हुए ठाकरे ने दावा किया कि शिवसेना ने कई चांदी की ईंटें दान की थीं।

    उन्होंने सवाल उठाया कि वे ईंटें और पार्टी का दिया धन कहाँ गया? उन्होंने आरोप लगाते हुए सवाल पूछा, “चांदी की ईंटें गायब हो गयी हैं। शिवसेना के दान किये पैसे का क्या हुआ?” उन्होंने कहा कि यह घटना हिंदुत्व का अपमान और देश भर के हिंदुओं के साथ विश्वासघात है। ठाकरे की यह टिप्पणी अयोध्या राम मंदिर में दान के कथित गबन की चल रही जांच के बीच आयी है।

    इस महीने की शुरुआत में आरोप सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाया था। एसआईटी की सिफारिशों पर एक प्राथमिकी दर्ज की गयी और मंदिर में चढ़ावे और नकदी की गिनती में शामिल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ताओं ने कई लाख रुपये भी बरामद किये हैं।

    नागरिकता विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए श्री ठाकरे ने भाजपा के उस रुख की आलोचना की जिसमें कहा गया था कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि अब भाजपा की सदस्यता ही नागरिकता का एकमात्र वैध प्रमाण बन गयी है। उन्होंने कहा, “यह भारतीय जनता पार्टी नहीं है। अगर यह इसी तरह काम करती रही, तो आश्चर्य होता है कि कहीं यह पाकिस्तान जनता पार्टी तो नहीं बन गयी है।”

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने और अपनी चुनावी संभावनाओं को मजबूत करने के लिए विपक्षी दलों में दलबदल करा रही है। बागी सांसद संजय देशमुख पर निशाना साधते हुए श्री ठाकरे ने उनके संसदीय प्रदर्शन पर सवाल उठाए और उन पर किसानों के हितों को छोड़ने का आरोप लगाया।

    शिवसेना में हुए विभाजन का जिक्र करते हुए श्री ठाकरे ने सवाल किया कि वर्ष 2022 में पार्टी के चालीस विधायकों को खोने के बाद भाजपा ने उनके छह सांसदों को अपने पाले में क्यों शामिल कराया। बागी सांसदों के उन दावों को खारिज करते हुए जिसमें उन्होंने विकास कोष मिलने को पाला बदलने का कारण बताया था।

    ठाकरे ने कहा कि सार्वजनिक धन पर भाजपा का मालिकाना हक नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न तो ठाकरे परिवार और न ही उनकी शिवसेना को राजनीतिक रूप से खत्म किया जा सकता है। इससे पहले शुक्रवार को उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने दावा किया था कि पार्टी को राम मंदिर न्यास को दान किये गये एक करोड़ रुपये की रसीद अभी तक नहीं मिली है।

  • Sanjay Nirupam: अहंकार ही उबाठा को ले डूबेगा, ममता बनर्जी जैसी होगी हालत: संजय निरुपम

    Sanjay Nirupam: अहंकार ही उबाठा को ले डूबेगा, ममता बनर्जी जैसी होगी हालत: संजय निरुपम

    Sanjay Nirupam: शिवसेना के उपनेता एवं प्रवक्ता संजय निरुपम ने रविवार को आयोजित पत्रकार परिषद में उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनका बढ़ता अहंकार ही उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने दावा किया कि जिस प्रकार ममता बनर्जी के बढ़ते अहंकार का असर उनकी पार्टी पर पड़ा, उसी तरह की स्थिति उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट (उबाठा) में भी दिखाई दे रही है।

    निरुपम ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की मजबूती उसके नेतृत्व, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संवाद पर निर्भर करती है। जब नेतृत्व अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं से दूरी बना लेता है तो संगठन कमजोर होने लगता है। उनका आरोप था कि उबाठा में भी यही स्थिति बनती जा रही है, जिसके कारण पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और भविष्य में इसके राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

    उबाठा की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए निरुपम ने कहा कि यह दल लंबे समय से “ऑनलाइन राजनीति” करता आया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब दोनों ठाकरे नेता भी “वर्क फ्रॉम होम” की राजनीति कर रहे हैं और पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के बजाय ऑनलाइन माध्यमों पर अधिक निर्भर हैं।

    उन्होंने उबाठा नेता संजय राउत द्वारा कथित तौर पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन भेड़िया” अभियान का भी उल्लेख किया। निरुपम ने सवाल उठाया कि क्या संजय राउत अपनी ही पार्टी के नेताओं को “भेड़िया” कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बयान पार्टी के भीतर चल रही स्थिति को उजागर करते हैं।

    इस दौरान निरुपम ने मीडिया में चर्चा में रहे “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरों और चर्चाओं से शिवसेना का कोई संबंध नहीं है। पार्टी की न तो इसमें कोई भूमिका है और न ही ऐसी किसी गतिविधि में उसकी कोई रुचि है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को मजबूत बनाए रखने के लिए नेतृत्व का जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना और कार्यकर्ताओं के साथ सतत संवाद बनाए रखना आवश्यक है, अन्यथा संगठन को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।