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  • Banbasa ICP Project: सतपाल महाराज ने अमित शाह से ट्राइपॉड और एप्रोच रोड निर्माण में तेजी लाने का किया आग्रह

    Banbasa ICP Project: सतपाल महाराज ने अमित शाह से ट्राइपॉड और एप्रोच रोड निर्माण में तेजी लाने का किया आग्रह

    Banbasa ICP Project: उत्तराखंड के पर्यटन एवं लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट कर भारत-नेपाल सीमा पर विकसित किए जा रहे एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) बनबसा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से आईसीपी को जोड़ने वाली एप्रोच रोड के निर्माण कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    बैठक के दौरान सतपाल महाराज ने गृह मंत्री को उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा प्रकाशित “Emblems Across Godland” पुस्तक भी भेंट की। इस पुस्तक में राज्य सरकार द्वारा अनुपयोगी पुलों का कैफेटेरिया के रूप में उपयोग कर उन्हें पर्यटन आकर्षण में बदलने के प्रयासों का उल्लेख किया गया है। अमित शाह ने इस पहल की सराहना की।

    सतपाल महाराज ने बताया कि आईसीपी बनबसा को जोड़ने वाली एप्रोच रोड का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिससे परियोजना के समयबद्ध विकास पर असर पड़ सकता है। उन्होंने गृह मंत्री को एक पत्र सौंपते हुए अवगत कराया कि निर्माण स्थल तक पहुंचने के लिए फिलहाल केवल 10 टन क्षमता वाला एक पुल उपलब्ध है, जिसके कारण भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री के परिवहन में दिक्कतें आ रही हैं।

    उन्होंने बनबसा और महेंद्रनगर के बीच प्रस्तावित ट्राइपॉड परियोजना पर भी विस्तृत चर्चा की और परियोजना से जुड़े कार्यों को गति देने का अनुरोध किया।

  • Uttarakhand SIR campaign: उत्तराखंड में एसआईआर अभियान को मिली रफ्तार, 98 प्रतिशत गणना फॉर्म वितरित : जोगदण्डे

    Uttarakhand SIR campaign: उत्तराखंड में एसआईआर अभियान को मिली रफ्तार, 98 प्रतिशत गणना फॉर्म वितरित : जोगदण्डे

    Uttarakhand SIR campaign: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत मतदाता सत्यापन प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि राज्यभर में अब तक 98 प्रतिशत गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 23 प्रतिशत फॉर्म का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।

    उन्होंने बताया कि चम्पावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल जिलों में 99 प्रतिशत से अधिक गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। वहीं देहरादून में करीब 95 प्रतिशत, नैनीताल में 96 प्रतिशत तथा टिहरी में 97 प्रतिशत फॉर्म वितरण का कार्य पूरा किया गया है।

    डॉ. जोगदण्डे के अनुसार डिजिटलीकरण के मामले में अल्मोड़ा 33 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। इसके बाद पौड़ी गढ़वाल में 25 प्रतिशत और पिथौरागढ़ में 23 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। वहीं नैनीताल में चार प्रतिशत, देहरादून में सात प्रतिशत और ऊधमसिंह नगर में लगभग आठ प्रतिशत डिजिटलीकरण हुआ है। सभी जिलों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उन्होंने बताया कि राज्य में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा 22,900 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए जा चुके हैं। गुरुवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक भी आयोजित की जाएगी।

    निर्वाचन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सात जुलाई तक गणना फॉर्म के वितरण और संग्रहण का कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर बूथों का पुनर्गठन होगा और 14 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट रोल) प्रकाशित की जाएगी। 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी, जबकि 14 जुलाई से 11 सितंबर के बीच उनका निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

    डॉ. जोगदण्डे ने बताया कि मतदाता ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से स्वयं भी अपना गणना फॉर्म ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके अलावा “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा के जरिए मतदाता अपने बूथ लेवल अधिकारी से सीधे संपर्क के लिए कॉल बुक कर सकते हैं। कॉल बुक होने के दो दिनों के भीतर संबंधित बीएलओ मतदाता से संपर्क करेगा।

    उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, नाम, पिता या पति के नाम, मतदाता क्रमांक अथवा बूथ संख्या के आधार पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त गली, मोहल्ले और क्षेत्र के नाम से भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

  • Gyan Bharatam Mission: ज्ञान भारतम् मिशन के तहत अल्मोड़ा में पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को मिलेगी गति!

    Gyan Bharatam Mission: ज्ञान भारतम् मिशन के तहत अल्मोड़ा में पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को मिलेगी गति!

    Gyan Bharatam Mission: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

    मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्राचीन पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों, भोजपत्रों, हस्तलिखित ग्रंथों और अन्य ऐतिहासिक दस्तावेजों की पहचान, संरक्षण तथा सूचीकरण की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

    बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों के अलावा निजी संग्रहकर्ताओं के पास सुरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों और ऐतिहासिक अभिलेखों का विवरण एकत्र कर उनकी सूची तैयार की जाए।

    मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा ऐसे दुर्लभ संग्रहों की जानकारी जुटाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।

    क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त पांडुलिपियों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें पूरी सुरक्षा के साथ उनके मूल स्वामियों को वापस सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और बौद्धिक धरोहर के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    बैठक में नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, मुख्य शिक्षा अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने अभियान को जनसहभागिता के माध्यम से व्यापक और प्रभावी बनाने पर बल दिया।

  • Save the Farms Campaign: राज्यपाल गुरमीत सिंह करेंगे ‘खेत बचाओ अभियान’ का आगाज, वैज्ञानिकों को भी किया जाएगा सम्मानित

    Save the Farms Campaign: राज्यपाल गुरमीत सिंह करेंगे ‘खेत बचाओ अभियान’ का आगाज, वैज्ञानिकों को भी किया जाएगा सम्मानित

    Save the Farms Campaign: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह मंगलवार को मुक्तेश्वर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में आयोजित विशेष कार्यक्रम में ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ करेंगे। कृषि, पशुपालन और वैज्ञानिक अनुसंधान को समर्पित इस आयोजन को क्षेत्र के किसानों और शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल संस्थान परिसर में स्थापित राष्ट्रीय पशु चिकित्सा धरोहर पुस्तकालय, पशु चिकित्सा संग्रहालय तथा विभिन्न अत्याधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं का अवलोकन करेंगे। साथ ही उन्हें संस्थान में चल रहे शोध कार्यों और नवाचार परियोजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

    समारोह में ‘खेत बचाओ अभियान’ की औपचारिक शुरुआत के साथ किसानों और पशुपालकों को उपयोगी सामग्री वितरित की जाएगी, जिससे कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।

    इस अवसर पर कृषि और पशुपालन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को सम्मानित भी किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह पहल वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

    कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल एवं अन्य अतिथि प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे।

    आईवीआरआई मुक्तेश्वर में आयोजित यह कार्यक्रम कृषि, पशुपालन, वैज्ञानिक अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न आयामों को एक मंच पर लाने का प्रयास है, जिसमें वैज्ञानिकों, किसानों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी।

  • Kainchi Dham: कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ी श्रद्धा की भीड़, लाखों भक्तों ने बाबा नीम करौरी महाराज का लिया आशीर्वाद

    Kainchi Dham: कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ी श्रद्धा की भीड़, लाखों भक्तों ने बाबा नीम करौरी महाराज का लिया आशीर्वाद

    Kainchi Dham: उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में स्थापना दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसमूह उमड़ पड़ा। बाबा नीम करौरी महाराज के दर्शन के लिए देश-विदेश से आए एक लाख से अधिक भक्तों ने धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    सुबह तड़के मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। दिनभर बीच-बीच में बारिश होने के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और देर शाम तक दर्शन का सिलसिला जारी रहा।

    अमेरिका से आए श्रद्धालु मैक्स विलियम्स ने बताया कि वर्ष 2020 में बाबा नीम करौरी महाराज के बारे में जानकारी मिलने के बाद से ही उनकी कैंची धाम आने की इच्छा थी। पहली बार यहां पहुंचकर उन्हें गहन आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हुआ मानो बाबा ने स्वयं उन्हें यहां आने के लिए प्रेरित किया हो।

    पंजाब, महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन की सराहना की। भक्तों का कहना था कि भारी भीड़ के बावजूद दर्शन प्रक्रिया सुव्यवस्थित रही और उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

    मेले के सफल संचालन के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के नेतृत्व में हल्द्वानी, भवाली, नैनीताल और कैंची धाम क्षेत्र में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी नेटवर्क और कंट्रोल रूम के जरिए पूरे आयोजन क्षेत्र पर लगातार नजर रखी गई।

    श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों से शटल बस सेवाएं चलाई गईं, जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई। पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से धाम तक पहुंचाया गया।

    सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बम निरोधक दस्ता भी तैनात रहा। मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में नियमित जांच अभियान चलाया गया तथा प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर के माध्यम से सुरक्षा जांच की गई।

    बारिश और भारी भीड़ के बावजूद पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सहायता में लगातार सक्रिय रहे। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराया गया। श्रद्धालुओं ने प्रशासन की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।

  • DM Inspects Pauri Health Centers: डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की जांच की, अस्पतालों में मिली भारी लापरवाही!

    DM Inspects Pauri Health Centers: डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की जांच की, अस्पतालों में मिली भारी लापरवाही!

    DM Inspects Pauri Health Centers: उत्तराखंड के पौड़ी में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सतपुली रेखा आर्य ने शनिवार को क्षेत्र के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक तथा कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जबकि व्यवस्थागत खामियां और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति भी सामने आई। डीएम ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व में जिलाधिकारी द्वारा सीएचसी सतपुली का निरीक्षण किए जाने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में डीएम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रीठाखाल का निरीक्षण किया। यहां तैनात तीन कर्मचारियों में केवल फार्मासिस्ट उपस्थित मिले, जबकि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी 11 मई से लगातार अनुपस्थित पाए गए। एएनएम भी ड्यूटी पर नहीं मिलीं। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में मात्र तीन मरीज दर्ज पाए गए। पीएचसी संगलाकोटी में चार कर्मचारियों में से केवल वार्ड बॉय और एएनएम मौजूद मिले।

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    प्रभारी चिकित्सक 10 मई से अनुपस्थित बताए गए, जबकि फार्मासिस्ट भी मौके पर नहीं मिले। यहां पेयजल व्यवस्था भी बाधित पाई गई। वहीं, पीएचसी पोखड़ा के निरीक्षण में एक चिकित्सक सहित आरबीएसके टीम के सभी सदस्य अनुपस्थित मिले। क्षेत्र भ्रमण रजिस्टर मांगे जाने पर संबंधित कर्मचारी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। रीठाखाल स्थित आयुष विंग में भी दोनों तैनात कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और फार्मासिस्ट मौके पर मौजूद नहीं थे।

    यहां बायोमेट्रिक मशीन भी बंद मिली। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में बायोमेट्रिक मशीनें निष्क्रिय पाई गईं तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जा रही थी। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र परिसरों में झाड़ी कटान और साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। उप जिलाधिकारी रेखा आर्य ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि निरीक्षण आख्या जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।