Uproar at BHU’s Dalmia Hostel: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के डालमिया छात्रावास में बुधवार को मेस की सब्जी में छिपकली मिलने से छात्रों में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही छात्रावास में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
छात्रों का आरोप है कि मेस में खाने की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सब्जी में छिपकली मिलने की सूचना के बाद कई छात्र मानसिक रूप से परेशान दिखाई दिए और उन्होंने मेस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
छात्रों ने कहा कि छात्रावास में केवल भोजन की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि पानी की आपूर्ति की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। उनका आरोप है कि मेस में इस्तेमाल किया गया तेल बार-बार प्रयोग किया जाता है, बर्तनों की ठीक से सफाई नहीं होती और शौचालयों की सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है।
घटना की सूचना मिलने पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और छात्रावास के वार्डन मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को शांत कराने का प्रयास करते हुए मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से कहा गया कि यदि किसी छात्र को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या होती है तो तत्काल सूचना दी जाए, ताकि आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
Varanasi Solar Panel Installations: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत वाराणसी ने रूफटॉप सोलर पैनल स्थापना में देशभर में दसवां स्थान हासिल किया है। जिले में अब तक 39,018 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि योजना के तहत जिले में कुल 62,964 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 39,018 इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं को मिलाकर जिले में अब तक 1,32,096.31 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि वाराणसी कई महीनों से लखनऊ के बाद प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी जिलों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना वाराणसी में विकास, बचत, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। उन्होंने इसे मोदी-योगी सरकार की दूरदर्शी नीति और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम बताया।
यूपीनेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी शशि गुप्ता ने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 33,332 उपभोक्ताओं को 251.49 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि घरों की छतों पर सोलर पैनल लगने से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भारी कमी आई है और कई परिवार लगभग मुफ्त बिजली का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वाराणसी में स्थापित सौर संयंत्रों से प्रतिदिन करीब 6,60,482 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे प्रतिदिन लगभग 39.6 लाख रुपये की बचत हो रही है।
यह बचत वार्षिक स्तर पर लगभग 144.65 करोड़ रुपये तक पहुंच रही है। परियोजना अधिकारी के अनुसार योजना पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 1.58 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जिससे वाराणसी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने में सहायता मिल रही है।
उन्होंने बताया कि रूफटॉप सोलर मॉडल के कारण अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता कम हुई है, जिससे लगभग 660 एकड़ कृषि भूमि के संरक्षण का लाभ मिला है। रोजगार के क्षेत्र में भी योजना ने नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। जिले में वर्तमान में 310 वेंडर सक्रिय हैं तथा लगभग 30 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और करीब तीन लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। सोलर उपकरण, इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस, परिवहन और तकनीकी सेवाओं से जुड़े हजारों युवाओं को इससे रोजगार प्राप्त हुआ है।
Vipin Pandey in Spotlight: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहाँ एक ओर प्रदेश में ‘रामराज्य’ और सुशासन का डंका पीट रहे हैं, वहीं वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आ रहा है। आरोप है कि चोलापुर के गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपिन पांडे ने न्याय की कुर्सी को ‘वसूली का अड्डा’ बना दिया है। जनता का आरोप है कि रक्षक की भूमिका निभाने के बजाय यह अधिकारी दोमुंहे सांप की तरह काम कर रहा है, जो अपराधियों से सांठगांठ कर आम जनता का खून चूस रहा है।
ज्ञात हों कि वाराणसी के थाना चोलापुर क्षेत्र अंतर्गत नेहियां ग्रामसभा में 5 मई 2026 की रात उस समय सनसनी फैल गई, जब दबंगों ने एक वकील के घर पर धावा बोलते हुए जमकर तांडव मचाया। आरोप है कि करीब रात 9 बजे 12 नामजद और कई अज्ञात लोग लाठी-डंडों से लैस होकर राहुल कुमार दुबे के घर में घुस आए और मारपीट, तोड़फोड़ तथा लूटपाट की घटना को अंजाम दिया।
पीड़ित राहुल कुमार दुबे के अनुसार वह अपने चेंबर में बैठकर काम कर रहे थे, तभी अचानक गाली-गलौज और शोर सुनाई दिया। दरवाजा खोलते ही कमलेश दुबे, अशोक दुबे समेत कई लोग घर में घुस आए और हमला शुरू कर दिया। हमलावरों ने घर में जमकर उत्पात मचाया और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया।
घटना के दौरान महिलाओं के साथ भी अभद्रता किए जाने का आरोप है। राहुल दुबे का कहना है कि उनकी मां सुनीता दुबे के साथ मारपीट की गई और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। भयभीत परिवार किसी तरह खुद को कमरे में बंद कर जान बचाने को मजबूर हो गया।
पीड़ित परिवार का दावा है कि पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। इसके बावजूद क्षेत्र में चर्चा इस बात को लेकर तेज है कि क्या पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करेगी या मामला दबाने की कोशिश होगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपीन पाण्डेय की पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी देखने को मिल रही है।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से अवैध वसूली और दबाव की राजनीति हावी है। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार जहां कानून व्यवस्था को मजबूत करने का दावा कर रही है, वहीं कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली से आम जनता का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।
वसूली का ‘धंधा’ और अपराधियों से ‘यारी’ स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है कि चौकी इंचार्ज विपिन पांडे विपक्षी पार्टियों और दो पक्षों के बीच होने वाली लड़ाई का समाधान करने के बजाय, उसे ‘अवसर’ में बदल देते हैं। आरोप है कि दोनों पक्षों से जबरदस्त धन उगाही की जाती है। इतना ही नहीं, इलाके में अवैध शराब, भांग की दुकानों और जुए के फड़ों को संरक्षण देने के बदले मोटी रकम (हफ्ताखोरी) वसूलने के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं।
पुलिसिया कार्रवाई: कागजों पर FIR, जमीन पर क्या? चोलापुर पुलिस ने राहुल दुबे की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 115(2), 333, 352, 351(3), 324(4), 309(4) और 131 के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन जनता को संदेह है कि क्या इन धाराओं में जान फूंकी जाएगी या फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
विपीन पाण्डेय के कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिन्ह क्या वाराणसी के आला अधिकारी इस ‘दोमुंहे’ आचरण वाले चौकी इंचार्ज पर नकेल कसेंगे? क्या योगी राज में एक पीड़ित परिवार को वाकई न्याय मिलेगा, या फिर खाकी और अपराधियों का यह ‘अपवित्र गठबंधन’ यूं ही फलता-फूलता रहेगा?