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  • Narcotics Control Bureau: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 182 करोड़ की ‘जिहादी ड्रग’ कैप्टागन जब्त की!

    Narcotics Control Bureau: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 182 करोड़ की ‘जिहादी ड्रग’ कैप्टागन जब्त की!

    Narcotics Control Bureau: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए ‘ऑपरेशन रेजपिल’ के तहत ‘जिहादी ड्रग’ कैप्टागन की तस्करी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर 227.7 किलो कैप्टागन जब्त की है जिसकी बाजार में कीमत 182 करोड़ रुपये है। यह पहला मौका है जब देश में इस तरह की खतरनाक ड्रग पकड़ी गयी है। इस मामले में सीरिया के एक नागरिक को गिरफ्तार किया गया है।

    केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा,” मोदी सरकार ‘नशा-मुक्त भारत’ के लिए संकल्पित है। यह साझा करते हुए प्रसन्नता है कि ‘ऑपरेशन रेजपिल’ के माध्यम से हमारी एजेंसियों ने पहली बार कैप्टागॉन, जिसे तथाकथित “जिहादी नशा” कहा जाता है, की 182 करोड़ रुपये मूल्य की खेप जब्त की है।

    पश्चिम एशिया भेजी जाने वाली इस नशीले पदार्थ की खेप का भंडाफोड़ और एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी, नशे के खिलाफ हमारी शून्य-सहनशीलता नीति के उज्ज्वल उदाहरण हैं। मैं पुनः दोहराता हूं कि भारत में प्रवेश करने वाले या हमारे भूभाग का पारगमन मार्ग के रूप में उपयोग कर देश से बाहर जाने वाले नशीले पदार्थों के हर ग्राम पर हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। नारकोटिक्स ब्यूरो के साहसी और सतर्क योद्धाओं को साधुवाद।”

    गृह मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर बताया कि इस कार्रवाई में लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट/पाउडर जब्त किया गया तथा सिंडिकेट से जुड़े अवैध रूप से भारत में रह रहे एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया। कैप्टागन में मुख्य रूप से फेनेटाइलीन और एम्फेटामाइन पाए जाते हैं, जो एनडीपीएस अधिनियम के तहत मादक पदार्थ हैं।

    एक विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी ने सूचना दी थी कि कैप्टागन तस्करी के लिए भारत को ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ब्यूरो ने यहां नेब सराय क्षेत्र में एक मकान की पहचान की। गत सोमवार को मकान की तलाशी के दौरान एक चपाती कटिंग मशीन में छिपाकर रखी गई लगभग 31.5 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट बरामद की गई, जिसे जेद्दा, सऊदी अरब भेजा जाना था।

    प्रारंभिक जांच में पता चला कि सीरियाई नागरिक 2024 में 15 नवम्बर को पर्यटक वीजा पर भारत आया था, लेकिन उसका वीजा 2025 में 12 जनवरी को समाप्त हो गया और वह अवैध रूप से यहां रह रहा था। उसने नेब सराय में मकान किराये पर लिया था।

    आरोपी से पूछताछ के बाद गुरुवार को गुजरात के मुंद्रा स्थित कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन में एक कंटेनर से लगभग 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद किया गया। इस कंटेनर को भेड़ की ऊन से भरा हुआ बताकर सीरिया से आयात किया गया था। कंटेनर की गहन तलाशी के दौरान तीन बैगों में छिपाकर रखे गए 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद किए गए।

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    प्रारंभिक जांच से पता चला है कि जब्त खेप को खाड़ी क्षेत्र, विशेषकर सऊदी अरब और अन्य मध्य-पूर्व देशों में भेजा जाना था, जहां कैप्टागन का दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। ऑपरेशन रेजपिल के तहत कुल लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागन/ पाउडर जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 182 करोड़ रुपये आंकी गई है।

    यह कार्रवाई भारत में कैप्टागन की पहली जब्ती है और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स द्वारा भारत को ट्रांजिट हब के रूप में इस्तेमाल करने की साजिश का पर्दाफाश करता है। यह ऑपरेशन दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय खुफिया साझेदारी और कानून प्रवर्तन सहयोग किस प्रकार विभिन्न देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की पहचान, रोकथाम और ध्वस्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं तथा दुनिया भर की ड्रग प्रवर्तन एजेंसियां किस प्रकार मिलकर ऐसे नेटवर्क को खत्म कर सकती हैं।

    यह जब्ती हाल ही में मुंबई में एनसीबी द्वारा की गई एक अन्य बड़ी कार्रवाई के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, जिसमें इक्वाडोर से आए कंटेनर में छिपाकर रखी गई 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद की गई थी। यह इस बात को उजागर करता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के लिए व्यावसायिक कार्गो और कंटेनर आधारित व्यापार मार्गों का दुरुपयोग बढ़ रहा है।

    ब्यूरो ने खरीद के स्रोत, वित्तीय एवं हवाला संपर्क, लॉजिस्टिक्स सुविधा प्रदाताओं, अंतरराष्ट्रीय रिसीवरों तथा ड्रग सिंडिकेट से जुड़े व्यापक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पहचान के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। है। भारत एकीकृत कानूनों, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, ड्रग सरगनाओं के प्रत्यर्पण तथा नार्को- आतंकवाद और ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    ब्यूरो भारत सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में सीमा पार सक्रिय अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि वे मादक पदार्थों से संबंधित किसी भी सूचना को मानस हेल्पलाइन (टोल-फ्री: 1933) पर साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।