मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के निधन के बाद बनी परिस्थितियों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार के ताजा बयानों ने नए सियासी समीकरणों के संकेत दे दिए हैं। जहां एक ओर शरद पवार ने अजित पवार की कार्यशैली और जनसेवा की खुलकर सराहना की, वहीं दूसरी ओर प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे द्वारा लिए जा रहे राजनीतिक फैसलों से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है।
अजित पवार के निधन (Ajit Pawar Death) के बाद तेजी से हो रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर पूछे गए सवालों के जवाब में शरद पवार ने कहा, “ये सारी चर्चाएं यहां नहीं हो रही हैं, बल्कि मुंबई में हो रही हैं। प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और अन्य वरिष्ठ नेता इन विषयों पर चर्चा कर रहे हैं। जो कुछ भी सामने आ रहा है, वह उनके द्वारा लिए गए फैसले लगते हैं। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।”
अजित पवार की जमकर सराहना
शरद पवार ने अजित पवार को एक सक्षम और समर्पित नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा जनता के हित में काम किया।
“अजित पवार लोगों के मुद्दों को अच्छी तरह समझते थे और यह सुनिश्चित करते थे कि आम जनता को न्याय मिले। बारामती की जनता ने हमेशा उनका साथ दिया और उन्होंने भी अपनी जिम्मेदारियों में कभी कोई कमी नहीं छोड़ी। उनके निधन से हम सभी को गहरा आघात पहुंचा है,” शरद पवार ने कहा।
उन्होंने आगे कहा कि अजित पवार के निधन के बाद बनी स्थिति पार्टी और परिवार को और मजबूती से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
शरद पवार ने कहा, “हमें लोगों के दुख को कम करने के लिए काम करना चाहिए और जिस सोच व मूल्यों के साथ उन्होंने सेवा की, उसे आगे बढ़ाना चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि उनके परिवार की नई पीढ़ी उनकी विरासत को आगे ले जाएगी।”
सुनेत्रा पवार को लेकर अनभिज्ञता
सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं पर शरद पवार ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
“मैंने आज यह खबर अखबार में देखी। प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे कुछ नाम सामने आ रहे हैं, जिन्होंने कुछ फैसलों की पहल की है। मेरी इस संबंध में कोई चर्चा नहीं हुई है और मुझे नहीं पता कि ऐसा कुछ हो भी रहा है या नहीं,” उन्होंने स्पष्ट किया।
परिवार को भरोसे में लेने के सवाल पर शरद पवार ने कहा,
“अगर परिवार में कोई मुद्दा होता है तो परिवार एकजुट रहता है। फिलहाल परिवार में कोई मुद्दा नहीं है।”
NDA को लेकर टालमटोल
प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे द्वारा ‘जल्दबाजी में फैसले लेने’ के सवाल पर शरद पवार ने कहा कि NCP (शरद पवार गुट) और अजित पवार की NCP के साथ मिलकर काम करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी और इस पर जल्द फैसला होना था, लेकिन इसी बीच यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई।
जब उनसे पूछा गया कि यदि NCP के दोनों गुट एकजुट होते हैं तो क्या वह NDA में शामिल होने पर विचार करेंगे, तो शरद पवार ने साफ कहा, “यह सब मीडिया में चल रहा है, यहां ऐसा कुछ नहीं है।”

