APMC और Kalyan APMC में सब्जियां सप्लाई करने वाले किसानों को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और घरेलू एलपीजी आपूर्ति संकट के कारण सब्जियों की मांग अचानक गिर गई है, जिससे कीमतें रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई हैं।
किसानों और व्यापारियों के अनुसार भिंडी, करेला, खीरा, मिर्च, अदरक, सहजन (मोरिंगा) और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां पहले बड़ी मात्रा में अमेरिका और पश्चिम एशिया के कई देशों में निर्यात होती थीं। लेकिन मौजूदा हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय मांग लगभग खत्म हो गई है, जिसके चलते निर्यात के लिए तैयार माल अब स्थानीय बाजारों में आ रहा है और कीमतें तेजी से गिर रही हैं।
पहले करीब 50 रुपये प्रति किलो बिकने वाली भिंडी अब सिर्फ 10 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही है। किसानों का कहना है कि इतनी कम कीमत पर तोड़ाई और परिवहन का खर्च भी निकलना मुश्किल हो रहा है।
ट्रकों की आवाजाही भी घटी
जगदीश रेड्डी के मुताबिक, कुछ हफ्ते पहले तक शाहपुर एपीएमसी में हर दिन 50 से ज्यादा ट्रक सब्जियां लेने आते थे, लेकिन अब निर्यात ऑर्डर बंद होने से ट्रकों की संख्या लगभग खत्म हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अगले 10 दिनों में हालात नहीं सुधरे तो किसानों और व्यापारियों के लिए स्थिति और गंभीर हो सकती है।
एलपीजी संकट से होटल उद्योग भी प्रभावित
एलपीजी की कमी के कारण क्षेत्र के कई होटल और रेस्टोरेंट ने सब्जियां खरीदना कम या बंद कर दिया है। गैस की कमी से कई रसोई बंद हैं, जिससे स्थानीय मांग भी तेजी से घट गई है।
ओमकार गुप्ता के अनुसार, निर्यात बंद होने से बाजार में भारी असंतुलन पैदा हो गया है। जो सब्जियां केवल निर्यात के लिए उगाई जाती थीं, वे अब स्थानीय बाजार में बिक रही हैं, जिससे कीमतें 50% से 70% तक गिर चुकी हैं।
होटल बंद होने का खतरा
Rठाणे नगर क्षेत्र में करीब 1200 होटल एपीएमसी से सब्जियां खरीदते हैं, लेकिन इनमें से केवल लगभग 120 होटलों के पास पाइपलाइन गैस कनेक्शन है। बाकी लगभग 1000 होटल एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं और गैस संकट जारी रहा तो अगले 2–3 दिनों में कई होटल बंद होने की नौबत आ सकती है।किसानों का कहना है कि अगर यही स्थिति जारी रही तो उन्हें फसल काटे बिना ही खेत में छोड़ने का कठिन फैसला लेना पड़ सकता है, जिससे पूरे कृषि आपूर्ति तंत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है।

